Thursday, February 2, 2023

यूपी के इस 75 घर वाले गांव में हर घर में है एक ऑफिसर, फिर भी गांव की हालत है बेहाल

यूपीएससी एग्जाम को बहुत ही कठिन एग्जाम माना जाता है। इसके लिए हर साल लाखों कैंडिडेट्स आवेदन करते हैं लेकिन उनमें से जो बेस्ट होते हैं, उनका ही सेलेक्शन हो पाता है। – village of officers in Madhavpur patti Uttar Pradesh where every 75 home have an Officer

75 घरों में से हर एक व्यक्ति है अफसर

क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा गांव है, जहां के प्रत्येक घर का शख़्स यूपीएससी को क्रैक कर अफसर के पद पर कार्यरत है? वह गांव माधवपुर पट्टी है, जो यूपी (UP) में स्थित है। माधवपुर पट्टी जौनपुर डिस्ट्रिक्ट में आता है। यहां लगभग 75 घर हैं, जिसमें से प्रत्येक घर का कोई-न-कोई व्यक्ति पीसीएस (PCS) या (IAS) है। – village of officers in Madhavpur patti Uttar Pradesh where every 75 home have an Officer

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माना जाता है अफसरों का गांव

माधवपुर पट्टी को अफसर ग्राम के नाम से जाना जाता है। यहां पर 75 घरों में लगभग 50 लोग हमें अफसर अवश्य मिलेंगे। एक और गांव गाजीपुर में आता है। उसका नाम गहमर है। यहां भी प्रत्येक घर से व्यक्ति आर्मी में है।-
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एक ही घर के 4 व्यक्ति हैं आईएएस

इस गांव में कुछ व्यक्ति पीसीएस में, तो कुछ आईएएस में, तो कुछ भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में तो कुछ इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में हैं। इस गांव ने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यहां एक ही घर के चार भाई-बहन आईएएस ऑफिसर हैं। विनय कुमार सिंह बिहार के चीफ सेक्रेटरी के तौर पर कार्य कर चुके हैं।- village of officers in Madhavpur patti Uttar Pradesh where every 75 home have an Officer

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रह चुके हैं बिहार के चीफ सेक्रेटरी

वर्ष 1995 में विनय कुमार सिंह ने आईएएस ऑफिसर बनकर अपना कार्यभार संभाला है। उनके दो भाई अजय कुमार सिंह और छत्रपाल सिंह साल 1964 में अपनी पोस्ट के लिए तैनात हुए थे। वही साल 1968 में शशिकांत सिंह आईएएस अफसर बने थे।- village of officers in Madhavpur patti Uttar Pradesh where every 75 home have an Officer

जानकारी के अनुसार सबसे पहले मुस्तफा हुसैन ने सिविल सर्विस को ज्वाइन किया था। इसके उपरांत वर्ष 1952 में इंदु प्रकाश की नियुक्ति आईएएस ऑफिसर के लिए हुई और आगे भी यह सिलसिला जारी है।

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फिर भी है गांव की हालत खराब

भले ही गांव में हर कोई सिविल सर्विस को ज्वाइन कर चुका है परंतु उस गांव की स्थिति बेहतर नहीं है। यहां ना ही कोई मेडिकल फैसिलिटी है, ना ही बिजली की सप्लाई अच्छी है और ना ही आईएएस की तैयारी के लिए कोई कोचिंग संस्थान है। यहां तक कि यहां की सड़कें भी खराब हैं। – village of officers in Madhavpur patti Uttar Pradesh where every 75 home have an Officer

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