Saturday, March 6, 2021

जोमैटो डिलीवरी बॉय ने बना डाली इलेक्ट्रिक सोलर साइकिल, अब इसे से eco-friendly डिलीवरी करते हैं

ज़िन्दगी में सफलता उन्हें ही मिलती है जो तमाम परेशानियों के बाद भी अपने हुनर को नहीं छोड़ते। कुछ ऐसी ही कहानी है झारखंड के रहने वाले 19 वर्षीय इंद्रजीत( Indrajeet) की। अभाव में रहते हुए भी उन्होंने मशीनों से प्यार करना नहीं छोड़ा और इसी कारण जोमाटो के इस डिलीवरी बॉय ने सोलर एनर्जी से चलने वाली साइकिल का निर्माण किया। इंद्रजीत झारखंड के सिंहभूमि के रहने वाले है। इनके पिता एक ड्राइवर है और यह तीन भाई बहन हैं। इनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई और उन्होंने 12वीं की पढ़ाई जमशेदपुर से की। इंद्रजीत अभी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं और साथ ही नए नए अविष्कार भी कर रहे हैं।

मशीनों से बचपन से ही लगाव था

इंद्रजीत बताते हैं कि उन्हें मशीनों से बचपन से ही प्यार था। एक बार तो उन्होंने बचपन में घर पर रेडियो को खोल दिया था यह देखने के लिए कि यह बजता कैसे हैं। अपनी मशीनों से प्यार के कारण स्कूल में जब भी कोई साइंस की प्रतियोगिता होती तो उसमें इंद्रजीत को ही भेजा जाता था। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि इंद्रजीत के द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट को किसी और छात्र के नाम से भेज दिया गया हो । इंद्रजीत इन सब बातों से कभी हताश नहीं हुए। उन्हें यकीन था कि कभी ना कभी उन्हें उनके काम के कारण पहचान मिलेगी और यह हुआ भी।

 solar electric cycle

सोलर एनर्जी को समझा तब सोलर साईकल बनाने का आईडिया आया

एक बार एक साइंस प्रतियोगिता में इंद्रजीत को पुरस्कार के रुप में सोलर लाइट मिली और इस तरह इंद्रजीत ने सोलर एनर्जी को समझा। उनके मन में यह बात आई कि अगर सोलर एनर्जी से इतनी सारी चीजें चल सकती है तो फिर एक साइकिल भी चल सकती हैं। तब उन्होंने एक सेकंड हैंड मोटर खरीदी, सोलर लाइट से सोलर पैनल निकाले और फिर बाकी सारे सामान मिलाकर एक सोलर एनर्जी से चलने वाली साइकिल बनाने में जुट गए।
2016 में हनी बी नेटवर्क और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड में इन्हें भाग लेने का मौका मिला था। पर इंद्र जी के साथ परेशानी यह थी कि वह कभी शहर के बाहर अकेले नहीं गया और साथ जाने के लिए ना तो कोई स्कूल से तैयार था और ना ही कोई घर से। इंद्रजीत थे जो मन के पक्के थे और वह इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाह रहे थे इसी कारण एक रात चुपचाप अकेले वह रांची के लिए निकल गए। उन्हें उसके बाद दिल्ली बुलाया गया है जहां डॉक्टर हर्षवर्धन ने उन्हें सम्मानित किया। INSPIRE अवार्ड जीतने के बाद इंद्रजीत जापान के सकुरा एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस ( Sakura Exchange program in science) में भी गए। इन सब जगह सम्मानित हुए पर कहीं से भी उन्हें आर्थिक मदद नहीं मिली!

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Solar cum Electricity cycle का निर्माण

इन सबके बावजूद इन सब बातों को दरकिनार करते हुए इंद्रजीत अपने काम में लगे रहे और उन्होंने एक सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाली साइकिल का निर्माण किया जो को पुराने कल-पुर्जो को मिलाकर बनाये गए थे। इस साइकिल की कीमत शुरुआत में 3000 थी। उन्होंने इस साइकिल को ऐसे बनाया किया की यह सोलर एनर्जी से 30 किलोमीटर प्रति घंटा चलती है और इलेक्ट्रिसिटी से चार्ज करने पर यह 60 किलोमीटर चलती है। कभी कभी इस साईकल का वजन सोलर पैनल के कारण बढ़ जाता था। इससे बचने के लिए अब इसमें फोल्डेबल सोलर पैनल की सुविधा दे रहे हैं ताकि जब भी जरूरत पड़े तो ग्राहक अपने हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकें।

indrjeet got award

जोमाटो के डिलीवरी बॉय के तौर पर नौकरी की

इंद्रजीत जब जोमैटो में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम कर रहे थे तब अपनी सारी डिलीवरी इसी साइकिल पर जाकर करते थे। यूट्यूब पर भी उन्होंने अपनी साइकिल का एक वीडियो अपलोड किया है। डिलीवरी देते समय भी लोग इनसे बार-बार इनकी साइकिल के बारे में पूछते थे। अभी तक इंद्रजीत ने 18 लोगों के लिए साइकिल बनाई है और उन्हें 80 साईकल के आर्डर अब तक मिल चुके हैं। उनकी नई सोलर कम इलेक्ट्रिसिटी साइकिल की कीमत 14000 से शुरू होती है। जिसमें उन्होंने 24 वाल्ट की बैटरी लगाई हुई है। इंद्रजीत के पहले ग्राहक उनके स्कूल के शिक्षक थे जिन्होंने अपने बेटे के लिए साईकल खरीदी थी।

चिरौंजी डिकॉर्टिकटेट मशीन का निर्माण

इंद्रजीत ने सोलर कम इलेक्ट्रिसिटी साइकिल के अलावा पोर्टेबल चिरौंजी डेकोर्टिकेटर मशीन बनाई है। जिससे चिरौंजी उगाने वाले किसानों को मदद मिलती है। चिरौंजी का फल किसान हाथ से निकलते थे। इसमें काफी वक्त लगता था। इसके लिए जो मशीन थी वह बहुत ही महंगी थी। उन्होंने एक ऐसी मशीन बनाई जिससे किसान आसानी से चिरौंजी निकाल सकते हैं। 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा इंद्रजीत को इगनाइट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। अभी तक उन्हें इस मशीन के 60 आर्डर मिल चुके हैं।

indrjeet

सोशल एंटरप्राइज शुरू करने का योजना

आगे की योजना के बारे में बताते हैं कि वह आगे बाजार में इन दोनों प्रोजेक्ट को उतारने के लिए सोशल एंटरप्राइज की शुरुआत करने का फैसला किया है। गुजरात के रहने वाले अपने दोस्त के साथ मिलकर इंदरजीत ने मल्टीपरपज ड्रोन बनाया है जो सारे काम कर सकता है। यह किसी भी जगह को सैनिटाइज कर सकता है या कहीं भी दवा पहुंचा सकता है। अगर आप इंद्रजीत से संपर्क कर उनके इनोवेशन के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं तब आप 07991082184 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

मृणालिनी सिंह
मृणालिनी बिहार के छपरा की रहने वाली हैं। अपने पढाई के साथ-साथ मृणालिनी समाजिक मुद्दों से सरोकार रखती हैं और उनके बारे में अनेकों माध्यम से अपने विचार रखने की कोशिश करती हैं। अपने लेखनी के माध्यम से यह युवा लेखिका, समाजिक परिवेश में सकारात्मक भाव लाने की कोशिश करती हैं।

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