Thursday, October 29, 2020

ख़ुद का घर चलाने के लिए हमेशा तंगी में रहते हैं , फिर भी 3000 लोगों तक राशन पहुचाये :रवि त्रिपाठी

पता है ना भूख की तड़प कैसी होती है , इसे महसूस करने वाले समझ सकते हैं। जब इंसान भूखे रहता है तब उसके सामने सब सुन्न हो जाता है। ना ही वह कुछ करने के काबिल रहता है और ना ही कुछ सोचने के काबिल रहता है। यह दृश्य भारत पिछले 70 दिनों से देख रहा है । पता नहीं कितने लोग सड़कों पर अपने घरों से दूर लाचार दिख रहे हैं, ना ही उनके पास खाने के लिए रोटी है और ना ही आगे दिखता भविष्य।
इस भीड़ के हिस्सा लगभग हर उम्र के लोग हैं बच्चे ,बुड्ढे यहां तक कि भूख की तड़प ने नौजवानों के भी मनोबल तोड़ दिया है ।

लेकिन समाज के कुछ ऐसे लोग भी हैं जो खुद की व्यक्तिगत जिंदगी के सुख को छोड़कर दूसरों की मदद के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। वह हर कोशिश कर रहे हैं जिससे किसी को भुखमरी से बचा जा सके। इस कड़ी में दिल्ली के रवि त्रिपाठी का नाम अग्रणी है।
कोविड-19 के दस्तक देने के साथ ही रवि त्रिपाठी ने भूखे और लाचार लोगों की मदद को अपना उद्देश्य बना लिया। पिछले 70 दिनों में रवि त्रिपाठी ने लगभग 3000 लोगों को 30 दिन का राशन उपलब्ध कराया।

Ravi Tripathi

कौन है रवि त्रिपाठी
रवि त्रिपाठी दिल्ली के गाजियाबाद में एक छोटे से रियल स्टेट के लिए काम करते हैं। उनकी कमाई बस इतनी ही है जिससे वह अपने घर का खर्चा बड़ी मुश्किल उठा पाते हैं। खुद के बचपन को तंगी में बिताने के बाद रवि ने गरीबों के उत्थान के लिए कुछ करने का निर्णय बचपन में ही लिया। रवि त्रिपाठी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए अमृत वर्षा एनजीओ का शुरुआत किए जिसमें लगभग 100 बच्चों को पढ़ाया जाता है और साथी उन्हें मुफ्त भोजन भी मुहैया कराया जाता है।

कोविड-19 के दौरान उनका सहयोग

कोविड-19 के शुरुआती दौर से ही रवि ने संकल्प लिया की किसी भी बेसहारा और लाचार इंसान को भूखे नहीं रहने देना है। पिछले 70 दिनों से रवि त्रिपाठी ने लगभग 3000 लोगों को 30 दिन का राशन उपलब्ध कराया। इनके पास इतने पैसे भी नहीं थे जिससे लोगों की मदद की जा सके लेकिन रवि अपने दोस्तों से सहायता लेकर इस मुहिम को जारी रखे और फिर उस राशन को लोगों तक पहुंचाया गया।

अभी भी अगर त्रिपाठी को किसी भी भूखे और बेसहारा इंसान का पता चलता है तो वह उनके पास तुरंत जाकर राशन का प्रबंध कराते हैं। Logically से बात करते समय रवि ने बताया कि उनका यह मुहिम चलता रहेगा और जब जब लोगों को मेरी जरूरत पड़ेगी मैं उन्हें बेहिचक मदद करूंगा। समाज सेवा को अपनी पहचान बनाने वाले रवि त्रिपाठी को Logically नमन करता है और अपने दर्शकों से अपील करता है की इंसानियत को बचाने के लिए अपना योगदान दें और नेक कार्य में हाथ बढ़ाएं।

Prakash Pandey
Prakash Pandey is an enthusiastic personality . He personally believes to change the scenario of world through education. Coming from a remote village of Bihar , he loves stories of rural India. He believes , story can bring a positive impact on any human being , thus he puts tremendous effort to bring positivity through logically.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

घर चलाने के लिए पिता घूमकर दूध बेचते थे, बेटे ने UPSC निकाला, बन गए IAS अधिकारी: प्रेरणा

हमारे देश में करोड़ों ऐसे बच्चे हैं जो गरीबी व सुविधा ना मिलने के कारण उचित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।...

गांव से निकलकर नासा तक पहुंचे, पहली बार मे ही मिला था 55 लाख का पैकेज: गांव का नाम रौशन किये

अच्छी कम्पनी और विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी सभी करना चाहते हैं। देश के युवा भी मेहनत कर विदेश की अच्छी...

अगर खेत मे नही जाना चाहते तो गमले में उगाये करेले: जानें यह आसन तरीका

हमारे यहां खेती करने का शौक हर किसी को हो रहा है। हर व्यक्ति अपने खाने युक्त सब्जियों और फलों को खुद...

MNC की नौकरी छोड़कर अपने गांव में शुरू किए दूध का कारोबार, अपने अनोखे आईडिया से लाखों रुपये कमा रहे हैं

जैसा कि सभी जानते हैं कि दूध हमारे सेहत के लिए के लिए बहुत लाभदायक है। डॉक्टर भी लोगों को प्रतिदिन दूध...