Wednesday, October 21, 2020

पढ़िए..किस तरह दिल्ली को दो पुलिसकर्मी प्लाज्मा डोनेट कर कोरोना पीङितों के इलाज में कर रहे हैं मदद !

देश में आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिसकर्मी निभाते हैं ! आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निर्वहन के दौरान वे पुलिसकर्मी कई बार लोगों की जान तक बचाते हैं ! मौजूदा घटना इसी संदर्भ में एक प्रेरणा का स्वरूप है ! आज जब पूरा देश कोरोना के गहरी चपेट में है ऐसे में दिल्ली के दो पुलिसकर्मी रविन्द्र धारीवाल और अमित आजकल रक्तदान कर कोरोना संक्रमितों के प्लाज्मा थेरेपी में खूब मदद कर रहे हैं ! आईए जानते हैं उनके बारे में और वे किस तरह कर रहे लोगों की मदद…

यूं तो अब तक कोई भी दवा ना बन पाने के कारण कोरोना के इलाज में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं लेकिन प्लाजमा थेरेपी ने कुछ हद तक इसे आसान बनाया है ! प्लाज्मा इंसान के रक्त में पाया जाता है ! ऐसे में रक्तदान कर उन कोरोना मरीजों के इलाज में मदद करना प्रेरणादायक है !

रक्त सेवक दिल्ली एनसीआर

दिल्ली में कार्यरत रविन्द्र धारीवाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि वे 2018 से हीं रक्तदान , प्लेटलेट्स दान आदि कर रहे हैं ! लोगों तक रक्त पहुँचाने के लिए 2018 में हीं “रक्त सेवक दिल्ली एनसीआर” नाम से एक सोशल मीडिया समूह बनाया ! इस समूह में दिल्ली पुलिस , हरियाणा पुलिस , आर्मी बीएसएफ के जवानों ने जुड़कर इसका साथ दिया है ! ये लोग एक कार्यकर्ता के रूप में आकर रक्तदान करते हैं ! इन सबके साथ वे अपने परिवार वालों को भी दान के लिए उत्साहित कर रहे हैं ! उनके परिवार के कई सदस्यों ने उस संस्था के अंतर्गत रक्तदान भी किया है !

Delhi police
❤️ Ki Police

गंगाराम हॉस्पिटल में 50 वर्षीय महिला के लिए प्लाज़्मा की जरूरत थी तो दिल्ली पोलिस से हैड कांस्टेबल #संदीप तुरन्त पहुंचे और दूसरी बार प्लाज़्मा डोनेशन किया,
सैलूट@IPS_Association @SundarSingh2490 @upcopsachin @CPDelhi @LtGovDelhi @DCPSEastDelhi pic.twitter.com/5bnyM3I02A

— Ravinder Dhariwal (@CopRavinder) July 11, 2020

“Delhi Police Jiwandayani”

दिल्ली पुलिस के जवानों ने मिलकर “Delhi Police Jiwandayani” के नाम से फेसबुक पर एक पेज बनाया गया है ! इस पर वो लोगों को जानकारी मुहैया करवाते हैं कि किस मरीज को रक्त की जरूरत है , किसे प्लेटलेट्स की और किसे प्लाज्मा की आवश्यकता है ! वे इस पेज के माध्यम से ऐसी व्यवस्था करवाते हैं जिससे शीघ्र हीं सहायता पहुँचाया जा सके ! वे दिल्ली के उन पुलिसकर्मियों से भी सम्पर्क किया जो हाल हीं में कोरोना की जंग जीतकर आए हैं !

खुद में मस्त रहिये,
पर किसी जरूरतमंद से आंखे ना चुराईये

Donating platelates 64th time@CPDelhi @DelhiPolice @upcopsachin @ShwetaTomar10 @CopRavinder @Komalrathi86 @madhulikasmilee pic.twitter.com/R21XG1Kmwm

— Amit Phogat (@CopAmitphogat) July 15, 2020

विदेशियों को भी करते हैं मदद

ये पुलिसकर्मी विदेशों से आने वाले मरीजों कोे भी अपने रक्तदान वाले कार्यक्रम से मदद पहुँचा रहे हैं !अमित बताते हैं कि लोगों को मदद करके हमें अपार खुशी मिलती है ! वहीं रविन्द्र के अनुसार उन्हें मन की शांति मिलती हैं यदि हम किसी को मदद पहुँचाते हैं ! भारत में खासकर अफगानिस्तान के लोग इलाज के लिए अधिक मात्रा में आते हैं जिनकी मदद कर ये पुलिसकर्मी विदेशों में भी सराहना पा चुके हैं !

दिल्ली पुलिस के ये जवान कोरोना की गंभीर हालात में जिस तरह लोगों को मदद करने का बेहतर प्रयास कर रहे हैं वह प्रेरणाप्रद है ! Logically उन सभी पुलिसकर्मियों को नमन करता है !

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

वह महिला IPS जिसने मुख्यमंत्री तक को गिरफ्तार किया था, लोग इनकी बहादुरी की मिशाल देते हैं: IPS रूपा मुदगिल

अभी तक सभी ने ऐसे कई IPS और IAS की कहानी सुनी भी है और पढ़ी भी है, जिसने कठिन मेहनत और...

नारी सशक्तिकरण के छेत्र में तेलंगाना सरकार का बड़ा कदम ,कोडाड में मोबाइल SHE टॉयलेट किया गया लांच

सार्वजनिक जगह पर शौचालय महिलाओं के लिए हमेशा से एक बड़ी समस्या का कारण रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए...

15 फसलों की 700 प्रजातियों पर रिसर्च कर कम पानी और कम लागत में होने वाले फसलों के गुड़ सिखाते हैं: पद्मश्री सुंडाराम वर्मा

आज युवाओं द्वारा सरकारी नौकरियां बहुत पसंद की जाती है। अगर नौकरियां आराम की हो तो कोई उसे क्यों छोड़ेगा। लोगों का...

महाराष्ट्र की राहीबाई कभी स्कूल नही गईं, बनाती हैं कम पानी मे अधिक फ़सल देने वाले बीज़: वैज्ञानिक भी इनकी लोहा मान चुके हैं

हमारे देश के किसान अधिक पैदावार के लिए खेतों में कई तरह के रसायनों को डालते हैं। यह रसायन मानव शरीर के...