Thursday, August 18, 2022

प्लास्टिक का उपयोग: इस शिक्षक ने प्लास्टिक के डब्बों से बना दिया खूबसूरत गार्डन: तरीका सीखें

प्लास्टिक लगभग हर देश में एक समस्या बन गया है। ज्यादातर सामान प्लास्टिक के थैला में ही पैक्ड रहता है। प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसका विघटन नहीं होता है। यह गलता या मिट्टी में मिलता नहीं है। जलने पर वायु भी दूषित करता है। ऐसे में यह एक बहुत हानिकारक पदार्थ है और प्रदूषण का बहुत बड़ा घटक है।

ऐसे में पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के प्रयास में नाजिया रासुल लतिफी ने नई शुरुआत की हैं। आइये जानते हैं उनके बारें में।

Dr. Nazia Rasool Latifi पर्यावरणविद है। इन्होनें प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और प्रकृति की स्वच्छता बनाये रखनें के लिये Jammu में प्लास्टिक की बोतलों से बाग बनाना शुरु किया है। इससे शहर की खुबसूरती में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने ने बताया कि उनके मन में यह विचार तब आया जब वह एक सेमिनार में हिस्सा ली थी। डॉ नाजिया का कहना है कि वह गांधी नगर में गवर्नमेंट कॉलेज फ़ॉर वीमेन में पढ़ा रही थी उसी में वर्टिकल गार्डेन का निर्माण किया था। उसके बाद उन्होंने पुलिस पब्लिक स्कूल में और जम्मू विश्वविद्यालय में भी वर्टिकल गार्डेन निर्मित किया। इतने जगह गार्डेन बनाने के बाद डॉ नाजिया को अलग-अलग संगठन से संपर्क आने लगे।

उन्होंने बताया कि पानी बर्बाद न हो और कम मात्रा में पानी का उपयोग हो इसके लिये वर्टिकल गार्डेन बनाने में ड्रिप सिंचाई प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है। वर्टिकल गार्डेन को बनाने के लिये प्लास्टिक के बोतलों को कार्टून और अलग-अलग रंगों, पेंटो से सजाया जाता है। जिससे वह सुन्दर और आकर्षक लगें। इस गार्डन को घर के अंदर भी लगाया जा सकता है।

डॉ नाजिया का यह भी कहना है कि कोरोना वायरस के ऐसे हालात में सभी को एक स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता है। ऐसे में वर्टिकल गार्डन का निर्माण बहुत अच्छी कोशिश है। डॉ नाजिया अपने छात्रों को भी इसकी शिक्षा देती है जिससे आनेवाले समय में इस कार्य के जरिये वह अपना रोजगार भी कर सकें!

The Logically डॉ नाजिया को पर्यावरण के हित में अच्छी पहल करने के लिये नमन करता है।