Thursday, November 26, 2020

अगर खेत मे नही जाना चाहते तो गमले में उगाये करेले: जानें यह आसन तरीका

हमारे यहां खेती करने का शौक हर किसी को हो रहा है। हर व्यक्ति अपने खाने युक्त सब्जियों और फलों को खुद उगा रहा है। कुछ इंसान ऐसे भी हैं जो अच्छी नौकरी को छोड़कर खेती से जुड़ रहें हैं और इससे अधिक मात्रा में मुनाफा कमा रहें हैं। बात अगर सब्जियों की हो तो कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जो लोगों को पसंद ना हो लेकिन वह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती है। आज की कहानी एक ऐसे वकील की है जो करेला की खेती कर अनेक तरह के फायदे उठा रहे हैं। तो चलिए पढ़ते हैं करेले की खेती करने वाले वकील की कहानी।

वकील गौरव सिह पंवार

गौरव सिह पंवार (Gaurav Singh Panwar) उदयपुर (Udaypur) के निवासी हैं। गौरव पेशे से वकील (Advocate) हैं। साथ हीं पेड़-पौधों से भी बेहद लगाव रखते हैं। इन्होंने अपने शौक से टेरेस गार्डन बनाया है। इनके टेरेस गार्डन में बरगद के साथ-साथ बहुत सारे पेड़-पौधे हैं। इस गार्डन में बहुत सारे गुलाब, हिबिस्कस और ऐसे कई फूल भी हैं जो अपनी खुशबू फैला रहें हैं। अगर बात सब्जियों की हो तो इनका गार्डन सब्जियों के मामले में भी कम नहीं है। इन्होंने अपने टेरेस गार्डन में हर सब्जी को उगाया है जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो। इन्होंने सब्जियों में मिर्च, करेला, टमाटर, करी पत्ता जैसे कई पौधे को लगाया है। गौरव का मानना है कि घर पर ही हर तरह के ऑर्गेनिक सब्जियों को उगाकर उनका सेवन कर अपना स्वास्थ्य सही बनाया जा सकता है। इनका एक यूट्यूब चैनल है जिसके करीब 5 लाख सब्सक्राइबर हैं। इनके यूट्यूब चैनल का नाम “ द वन पेज” (The One Page) है।

इन्होंने यह जानकारी दी कि किस तरह गमले में ऑर्गेनिक माध्यम से करेला उगाया जा सकता है। आइये जानते हैं, इस बारे में

  1. अगर हमें घर पर गमले में करेले को उगाना है तो इसके लिए गमला लगभग 15 इंच का होना चाहिए। फिर इसमें मिट्टी को डालकर रखना चाहिए।
method of farming

2. मिट्टी को डाल उसे बेहतरीन तरीके से फर्टिलाइज कर उसमें ऑर्गेनिक खाद के लिए पत्तियों के बुरादे, गाय का गोबर मिला कर वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाता है।

3. आगे इसमें पानी डालकर कुछ देर इसे छोड़ देना चाहिए। अगर आपको लगता है कि मार्केट से बीज खरीदना अच्छा नहीं है तो इसके लिए एक बार करेला उग जाए तो उस पके करेले का बीज खुद अपने पास रख सकते हैं और आगे उगाने के लिए उसका उपयोग कर सकते हैं।

seeds of bitter melon

4. कुछ दिन बाद जब इस गमले में घास-फूस निकल आएंगे जो पौधे के लिए हानिकारक होंगे तो इसके लिए इनकी सफाई करते रहनी चाहिए। खरपतवार को गमले से निकालने के दौरान एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे गमले से बीज बाहर न निकल जाए।

method of farming

5.लगभग 10-15 दिन लगेंगे करेले के बीज को बेल के रूप में बदलने में। जब यह बीज निकल जाएगा तो यह बहुत ही तेजी से फैलना शुरू कर देगा। इसे बढ़ने देने के लिए किसी चीज का सपोर्ट देना ज़रूरी है ताकि यह जल्दी ही हमें खाने के लिए करेला दे।

मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए हमें लगभग 20 से 25 दिन के अंदर दुबारा से खाद की जरूरत पड़ती है और जिस तरह हमने ऊपर खाद का निर्माण का निर्माण किया है उसी तरह इसे निर्मित कर मिट्टी में मिलाना चाहिए। खाद की मात्रा के लिए हमें एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह ज्यादा मात्रा में नहीं होना चाहिए, लगभग 2 मुट्ठी ही। फिर आगे के लिए हमें मिट्टी को हाथों से फैला कर उसमें पानी का छिड़काव करना चाहिए। जब बीज अंकुरित होंगे, इसके बाद पौधों को पोषण की जरूरत पड़ती है, इसलिए इस कार्य को करना बेहद जरूरी है। आगे हमें कम से कम 30 दिनों तक इंतजार करना होगा, फिर इसमें पॉलिनेशन प्रारंभ हो जाएगा। अब आगे हमें कुछ नहीं करना है, यह खुद ही तैयार हो जाएगा। हां, जब पौधे फैलने लगे तो उसे सूर्य के प्रकाश में रखना अति आवश्यक है ताकि प्रकाश संश्लेषण की क्रिया हो सके और वह ग्रो कर सके। अगर हम इसे ठंडी जगह पर रखेंगे तो वह सूख जाएगा। पौधे के सपोर्ट के लिए मार्केट से एक एक प्लास्टिक ट्री गार्ड को खरीद उसका उपयोग कर सकतें हैं।

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6 सालो से कर रहें है ये कार्य

अब लगभग 60 दिनों तक इंतजार करने के बाद हम करेले के पौधे में यह देख सकते हैं कि उसमें फूलों के साथ-साथ कुछ सब्जियां भी निकल चुकी है। ट्री गार्ड का उपयोग करने से एक फायदा होगा कि हम सब्जियों को आसानी से तोड़ सकते हैं। गौरव इस कार्य से लगभग 6 वर्षों से जुड़े हैं। यह अपने खेती के तरीके इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर साझा करतें हैं।

सम्पर्क सूत्र

गौरव से संपर्क करने के लिए इनके पेज theonepagebonsai.com के माध्यम से जुड़ कर जानकारी लें सकतें हैं। अगर और भी जानकारी चाहिए तो इनके यूट्यूब चैनल द वन पेज भी जाकर लें सकतें हैं।

अपने टेरेंस गार्डन में फल, फूल और सब्जियों को जिस तरह गौरव उगायें हैं वह सराहनीय है। अपनी खेती की जानकारी अन्य व्यक्तियों के साथ शेयर करने के लिए The Logically Gaurav singh को सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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