Monday, January 25, 2021

दिव्यांग होने के बावज़ूद भी खड़ी की खुद की कम्पनी, मात्र 10 रुपये से शुरू कर आज 400 करोड़ के मालिक हैं

सफलता की सीढ़ी थोड़ी टेढ़ी जरूर होती है क्योंकि इसमें निरन्तर रूप से बहुत साधना और मेहनत लगानी पड़ती है। बहुत कम ही इंसान है जो इस पर एक ही बार में चढ़ पाते हैं लेकिन लोग मेहनत और अपनी लगन से सफलता की ऊंचाई को हासिल कर लेते हैं और सभी के लिए मिसाल बनते हैं। सामान्य व्यक्तियों की सफलता तो सही है लेकिन यदि असमान्य होने के बावजूद भी कोई सफलता को हासिल करता है तो सामान्य व्यक्तियों का मनोबल बढ़ता है। आज की कहानी एक ऐसे लड़के की है जो एक छोटे गांव से हैं। इन्होंने अपना व्यापार मात्र 10 रुपये से शुरू की और आज 400 करोड़ का साम्राज्य स्थापित किर चुके हैं।

अश्विन श्रीवास्तव

अश्विन श्रीवास्तव(Ashwin Shrivastava) शारीरिक रूप से विकलांग हैं, लेकिन इन्होंने अपने को कभी कमजोर नहीं होने दिया। यह इंडियन वेंचर(Indian Venture capitalist) के फाउंडर हैं। इनका जन्म स्थल बिहार (Bihar) राज्य के एक छोटे से शहर बेतिया(Bettiah) है। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड(Jharakhand) से पूरी की। फिर आगे की पढ़ाई दिल्ली(Delhi ) से संपन्न की और फिर IIT मुंबई से शिक्षा ग्रहण की।

शुरुआत कियें व्यापार की

अश्विन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कॉलेज के शुरुआत से ही कार्य कर पैसे जुटाने में लग गए। वे एक व्यापार शुरू करना चाहते थे। लेकिन कठिनाई यह थी कि इन्होंने किसी से भी बिजनेस के बारे में कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी, ना ही इसके बारे में कोई जानकारी प्राप्त थी। लेकिन कुछ असफलताओं के फलस्वरुप इन्होंने बहुत कुछ सीखा और बिजनेस की बारीकियों को सीख गए!


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एक दर्दनाक हादसे ने दी हिम्मत

हमने सुना है कि कुछ लोग किसी भी विषम परिस्थितियों का सामना हंसते-हंसते कर लेते हैं। अश्विन भी उन्ही में से हैं। यह ना तो अपने आप को दोषी ठहराते हैं और ना ही प्रकृति को। जब इनका एक ट्रेन हादसा हुआ तो यह विकलांग तो हुए ही साथ ही मृत्यु के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्हें कुछ महीने बिस्तर पर पड़े-पड़े हीं व्यतीत करना पड़ा। जब वे बिस्तर पर पड़े रहते तो उस दौरान बस यही बात सोंचते कि मैं बच गया हूं यही सबसे बड़ी बात है और मुझे यह नया जीवनदान एक बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मिला है। वह अच्छी तरह जानते थे कि मैं अभी से भी बहुत आगे जाऊंगा और सफलता को प्राप्त करूंगा। उनकी यह आस्था ही उनकी सबसे बड़ी हिम्मत थी। इतने बुरे हालत के दौरान भी उन्होंने अपने व्यापार को नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि अगर आप या हम भरोसा करते हैं तो हमें सफलता जरूर मिलेगी इसे कोई नहीं रोक सकता। स्थिति चाहे हमारे अनुकूल हो या प्रतिकूल हमें हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए।

10 रुपये से की व्यापार की शुरुआत

अश्विन ने मात्र ₹10 से अपना कारोबार शुरू किया और फिर उसे 5 हजार रुपये में बदला। वर्तमान में अश्विन आईडीन वेंचर्स के इन्वेस्टर हैं। इस इन्वेस्टमेंट फंड का स्रोत एलपीएस जो “हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल” एवं “अल्ट्रा एचएनआईएस” है। यह एक ऐसी प्राइवेट एक्टिविटी फर्म है जिसका फैलाव पूरे विश्व में है। इनके कर्मचारी लगभग सैकड़ों की तदाद में है। भारत में वेंचर कैपिटल फर्म में लगभग 12 व्यक्ति हैं। इनका मूल्यांकन करने पर यह पता चला कि इसकी कीमत 4 सौ करोड़ है। इस कैलकुलेशन के हिसाब से उम्मीद है कि 2020 से 21 तक यह लगभग 1000 करोड़ को पहुंच जाएंगे। इनका प्रसार ई-कॉमर्स, शिक्षा, हेल्थ केयर, रियल एस्टेट और मीडिया तक है। यह तो बहुत कम है अश्विन अमेरिका के एक टीवी शो “स्टार्टअप सीनरजी विथ श्रीधर” के माध्यम से पूरे विश्व के दर्शकों के पास पहुंचने वाले शो के हिस्सेदार बन चुके हैं।

जीवन मे आए बृहद कठिनाइयों को डंटकर सामना कर अपनी सफलता से लोगों की प्ररेणा बने अश्विन श्रीवास्तव जी को The Logically बधाई देता है वह उनकी खूब प्रशंसा करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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