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5 बार UPSC में असफल होने के बाद भी प्रयासरत रहे, 6ठी बार मे परीक्षा निकाल बन चुके हैं IAS: प्रेरणा

यूपीएससी परीक्षा हमारे देश में सबसे कठिन परीक्षा होती है। इस परीक्षा में कुछ लोग पहले ही अटेंपट में सफलता हासिल कर लेते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इस परीक्षा को पास करने में काफी समय लग जाता है परन्तु जो लोग बार-बार असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास करते रहते हैं उन्हें एक दिन सफलता जरूर मिलती है। ऐसे हीं एक कहानी है फरमान की जिन्होंने लगातार पांच बार यूपीएससी की असफलता के बाद छठी बार में सफलता हासिल की।

फरमान ग्रेजुएशन करने के बाद हीं मन बना लिए थे कि उन्हें आगे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करनी है और वो एक आईएएस अधिकारी बनेंगे। फरमान यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली के जामिया कोचिंग चले गए। इस कोचिंग में फरमान साल 2014 से लेकर 2019 तक अटेंपट दिया। यहां उन्हें फाइनेंशियल बोझ ना होने के कारण उन्हें काफी राहत मिली।

फरमान बताते हैं कि यूपीएससी के बच्चे सबसे पहले गलती तब करते हैं, जब वो प्री परीक्षा के लिए बिना तैयारी के चले जाते हैं और आधी तैयारी करके पेपर देना कोई अक्लमंदी नहीं है। इससे कैंडिडेट के कीमती अटेंपट बर्बाद हो जाते हैं। इसलिए सबसे पहले तैयारी अच्छे से करें और जब अच्छे से तैयारी हो जाए तो परीक्षा देने जाएं।

Ias farman

फरमान मानते हैं कि अगर कैंडिडेट टेस्ट पेपर को देखकर उसमें जिस विषय में आप कमजोर हों उसकी कमी को दूर कर सकते हैं जैसे अगर कोई कैंडिडेट पेपर दिया है और उसे हिस्ट्री में ज्यादा अंक नहीं मिले हैं तो वो अगली बार इस विषय की रणनीति इस प्रकार बनाए कि अगले अटेंपट में बाकी के विषयों से ज्यादा ध्यान दें। इस प्रकार खुद को टेस्ट करते रहें और अपने अभ्यास को जारी रखें। फरमान कहते हैं कि गलती तो सब से होती है, परन्तु अगर आप उन गलतियों से सीख लेते हैं तो आगे के लिए अच्छा होता है।

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फरमान बताते हैं कि यूपीएससी के बच्चों को कोचिंग को लेकर काफी असमंजस होती है। कई बच्चों को लगता है कि कोचिंग ना कर के गलती कर दी। और कई बच्चे ये भी समझते हैं कि कोचिंग करने से कोई फायदा नहीं हुआ। लेकिन अगर बच्चों के पास गाइडेंस है और बच्चे अनुशासित हैं तो बिना कोचिंग के भी आप तैयारी कर सकते हैं। परन्तु अगर आप के पास गाइडेंस नहीं है और आप को बताने वाला कोई नहीं है, तो आप कोचिंग कर सकते हैं। यह यूपीएससी के बच्चों के लिए लाभकारी होगा।

फरमान बताते हैं कि तैयारी करने के लिए किताबों का चुनाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए बच्चे एनसीईआरटी की किताबों को पढ़े। और सबसे पहले बड़ी किताबों पर ध्यान ना दें। पहले बेसिक्स को क्लियर करें फिर बड़ी किताबों पर ध्यान दें।

देखें  फरमान द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

फरमान बताते हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के लिए कैंडिडेट प्री, मेंस और इंटरव्यू की तैयारी एक साथ करें और 24 घंटे पढ़ाई ना करते रहें। बीच-बीच में माइंड को फ्रेश भी करते रहें। वे बताते हैं कि अगर कैंडिडेट को पहली या दूसरी बार में सफलता हासिल नहीं हुआ तो वो हिम्मत नहीं हारें लगातार प्रयास करते रहें और पढ़ाई को घंटे में तय करें। किसी भी टॉपर्स की कॉपी ना करें अपने हिसाब से पढ़ाई की रूटीन बनाएं। यह सफलता के लिए आवश्यक है। अगर यूपीएससी कैंडिडेट को इस परीक्षा में सफलता हासिल करनी है तो उनके अंदर जज्बा होना चाहिए और कभी ना हार मानने वाला एट्टीट्यूड होना चाहिए। फरमान बताते हैं कि मैंने खुद तीन बार इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचने के बाद प्री भी पास नहीं कर सका था। यह मौका काफी द्रवित कर देने वाला था। लेकिन मैंने खुद को संभाला और निरंतर प्रयास करता रहा। जिससे आज हमें अपनी मंजिल मिल गई।

फरमान ने अपनी कठिन मेहनत और असफलता से हार ना मानने के दृढ़ संकल्प से सफलता प्राप्त कर अन्य कई युवाओं के सामने खुद को एक प्ररेणा के रूप में स्थापित किया है। The Logically फरमान जी को सलाम करता है।

Rajnikant Jha is a graduate lad from Bihar. He is looking forward to understand difficulties in rural part of India. Through Logically , he brings out positive stories of rural India and tries to gain attention of people towards 70% unnoticed population of country.

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