Sunday, October 24, 2021

पहले IIT और फिर IAS में परचम लहराने वाली रिद्धिमा से जानिए सफलता के मंत्र: Interview

हर किसी के सफलता के पीछे की पूरी कहानी हम नहीं जानते, लेकिन थोड़ी बहुत बातें भी जानकर खुशी होती है और प्रेरणा मिलती है। हमारे देश के बहुत से युवा अपने काम से सब के लिए उदाहरण बनकर सामने आते हैं। कभी-कभी हमें यह भी लगता है कि ये इतने मुश्किलों का सामना कर, कैसे ऐसी उपलब्धि हासिल कर लेते हैं। इसका सिर्फ एक ही उत्तर है, वह अपने रास्ते पर अडिग रहते हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करते रहते हैं।

आज की यह सक्सेस स्टोरी ऐसी लड़की की है जो पहले इंजीनियर थी और विषम परिस्थितियों का सामना कर यूपीएससी टॉपर बनी। चलिए पढतें हैं, इनकी यह कहानी।

यह है रिद्धिमा श्रीवास्तव (Riddhima Srivastava) जो यूपीएससी पास ही नहीं की बल्कि टॉपर रहीं हैं। पहले इनका प्री का परीक्षा नहीं निकल पाया था, उसमें असफल रहीं। लेकिन फिर भी हार नहीं मानी अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा और मेहनत जारी रखी। हालांकि वह पहली बार मात्र 2 या 3 अंक से पास नहीं हो पाई थी। वह बताती हैं कि मुझे इसका थोड़ा बुरा तो लगा लेकिन उसमें मेरी गलती थी। इस असफलता के बाद उनका फिर 1 साल तैयारी में लगा। इन्होंने बताया कि अगर मैं घर पर यह परीक्षा देती तो अवश्य पास होती क्योंकि मुझसे इस परीक्षा में 2 मिस्टेक्स हुयें। एक तो मैंने OMR सीट को लास्ट में फील करना शुरू किया और दूसरा समय का निर्धारण समझ नहीं आया। अब जब रिद्धिमा घर पर तैयारी करती तो यह सोचकर करती कि मैं एग्जाम हॉल में हूं, न कि घर मे, बिल्कुल वहीं समय और वही अनुभव जो परीक्षा के दौरान होता है।

Riddhima Srivastava के इंटरव्यू का वीडियो

बार-बार जारी रखें अध्ययन

प्रारंभिक परीक्षा के लिए रिद्धिमा ने यह बताया है कि पिछले वर्ष के एग्जाम पेपर को जरुर देखना चाहिए। इससे हमें बहुत ही मदद मिलती है। हमें यह अनुभव हो जाता है कि एग्जाम में कैसे क्वेश्चन पूछे जाएंगे?? हम प्रश्न को बनाकर उनका उत्तर भी खुद देख सकतें हैं ताकि यह लगें की मुझमे क्या कमी है। इन्होंने यह भी बताया कि जो ज़्यादा बच्चे उपयोग करतें हैं उन्हीं को अधिकतर पढ़ना चाहिए। हमें सोर्स को लिमिटेड रखना चाहिए और इसे समय के पूर्व खत्म कर, बार-बार दोहराना चाहिए। कम-से-कम 3 बार उसे जरूर बनाना चाहिए। रिद्धिमा ने बताया कि जिसको जैसे रिवीजन करना है करें, आपको जैसे आसान लगता है, वैसे करीये या तो आज ही 2 बार करे, या कल करें, लेकिन रिवीजन करना जरूर चाहिए।


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कठीन होता है समय

प्रारंभिक सफलता के बाद किसी भी छात्र को अधिक मेहनत, तैयारी और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। क्योंकि यही समय होता है जब आपको उत्तर लिखने, रिवीजन और मॉक को सॉल्व करना पड़ता है। रिद्धिमा को भी इस दौरान बहुत मेहनत करना पड़ा उन्होंने हर वह काम किया जो उन्हें करना चाहिए। रिद्धिमा ने अधिक मात्रा में एन्सर तैयार किए, परीक्षा के हर उस क्षेत्र से जुड़कर सभी बातों को ध्यान में रखा। उन्होंने बताया कि सेक्सनल पेपर तो वैसे कुछ ज्यादा लाभदायक नहीं होता लेकिन फिर भी मैंने उसको भी तैयार किया। फिर जो टॉपर्स हैं, उनके ब्लॉग को पढ़ा, जिससे मुझे सहायता मिली। वह यह भी बताती है कि जो टॉपर हैं, उनके उत्तर कुछ ही दिनों में अग्रेषित कर दिए जाते हैं। इससे यह मदद मिलती है कि आपको किस तरह का प्रश्न मिलेगा और उसका कैसे उत्तर देना है।

सोसल मीडिया से रहीं दूर

रिद्धिमा ने अपना खुद का कुछ अनुभव साझा किया है। इन्होंने बताया कि अगर हम परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो हमें समय से उठ जाना चाहिए और समय-समय पर बीच के अंतराल में पढ़ाई से थोड़ी छुट्टी भी लेनी चाहिए। ताकि माइंड फ्रेश रहे और फिर आगे हम पढ़ने के लिए तैयार हों। रिद्धिमा को दोस्तों से बात करना पसंद था तो इसलिए वह ब्रेक लेकर उनसे बात कर तरोताजा महसूस करती थी। साथ ही तैयारी के दौरान इन्होंने अपना व्हाट्सएप हटा दिया, इंस्टा और फेसबुक को ऑन नहीं किया। इनका मानना है कि अगर हम सोशल मीडिया यूज करते हैं और कोई मैसेज आया तो उसे चेक कर रिप्लाई जरूर देंगें, जिससे हमारे समय की बर्बादी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि तैयारी करने के सभी के तरीके भिन्न होते हैं। लेकिन मुझे जो अच्छा लगा मैंने अपने दोस्तों से शेयर किया। वर्ष 2019 में इन्होंने 74वीं रैंक हासिल कर IAS ऑफिसर बनीं हैं।

The Logically इन्हें अपनी सफतापूर्वक IAS Officer बनने के लिए ढ़ेर सरी शुभकामनाएं देता है।