P Pon Mariappan saloon

हमारा देश एक ऐसा देश है जहां के व्यक्ति हमेशा कुछ ऐसा कार्य करतें हैं जिससे वे लोगों के दिलों पर राज कर सकें। शिक्षा मनुष्य के लिए बहुत ही आवश्यक है। अगर मनुष्य शिक्षित नहीं है तो वह जानवरों की भांति है। लेकिन शिक्षा के लिए माहौल भी वैसा होना चाहिए। आज की यह कहानी भारत के एक ऐसे नाई की है जिसने अपने सैलून में सिर्फ कैंची या मीरर ही नहीं बल्कि 15 सौ किताबों की बेहतरीन खूबसूरत पुस्तकालय भी रखी है।

P Pon Mariappan

भारत (India) के तमिलनाडु (Tamilnadu) में एक ऐसी बेहतरीन खूबसूरत लाइब्रेरी नाई के दुकान में है, जो सबके मन को भाता है। पी पोन मरियप्पन (P Pon Mariappan) तमिलनाडु में नाई की दुकान चलाते हैं। इनके दुकान में सिर्फ औजार ही नहीं बल्कि 1500 किताबों भी हैं।

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वेटिंग कस्टमर को देते हैं डिस्काउंट

39 वर्षीय मरियप्पन अपना जीवन-यापन इस दुकान के माध्यम से कर रहे हैं। न्यूज़ इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मिलप्पुरम में स्थित इनका सलॉन पिछले नवंबर से चर्चा का विषय बना है। मरियप्पन ने अपने इस लाइब्रेरी की स्थापना 2015 में की। इस लाइब्रेरी में यह अपने वेटिंग कस्टमर को किताबें पढ़ने के लिए डिस्काउंट देते हैं। ताकि वे अपने खाली समय में किताब पढ़कर कुछ जानकारी इकट्ठी करें और इनका समय भी निकल जाए।

PM ने भी की है तारीफ

इनकी तारीफ हर जगह हो रही है। ऐसा नहीं है कि इनकी बातें सिर्फ इनके गली-मोहल्ले तक सीमित है। इनकी तारीफ हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी “मन की बात” कार्यक्रम में कर चुकें हैं। जब इन्हें दूरदर्शन के कर्मचारियों ने बुलाया कि वह रेडियो कार्यक्रम में बोले तब यह नही जानते थे कि यह कार्यक्रम में प्रधानमंत्री से बात करने वाले हैं।

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बढ़ा हौसला

मरियप्पन को इस बात से बहुत खुशी हुई कि हमारे प्रधानमंत्री ने उनकी तारीफ की और उनका हौसला उस दौरान और बढ़ा जब प्रधानमंत्री जी ने उनसे उनके सलॉन में पुस्तकालय के विषय में पूछा। इन्होंने बताया कि गरीबी के दौरान इन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था जिसका इन्हें बहुत ही दुःख हुआ। इसलिए इन्होंने अपने सलॉन में पुस्तकालय का निर्माण किया।

P Pon Mariappan ने जिस तरह शिक्षा के महत्व को समझ अपने सैलून में पुस्तकालय की व्यवस्था की, वह अनुकरणीय है। The Logically Mariappan के कार्यों के लिए इन्हें सैल्युट करता है।

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