Thursday, October 28, 2021

मोहन सिंह केवल 2 पौधों से 3 क्विन्टल कीवी का उत्पादन करते हैं, एक फल की कीमत होती है 30-40 रुपये

आये दिन कृषि संबंधित कई प्रकार की खबरें सुनने या पढ़ने को मिलती हैं। यदि देखा जाये तो कृषि में रोजगार की संभावनाए अधिक बढ़ गई है। अधिकतर लोग खेती-बाड़ी से जुड़ रहें हैं और विभिन्न प्रकार के शोध कर रहें हैं और इसके साथ ही भिन्न-भिन्न प्रकार के फसलों को भी उगा रहें हैं। आजकल कीवी की खेती मे भी बहुत बढ़ोतरी हो रही है।

आज हम आपको ऐसे किसान के बारें में बताने जा रहें है जो सिर्फ 2 पौधों से हर मौसम में 3 से 4 क्विंटल कीवी के फसल उगा रहें है। कीवी के फायदे के बारे में जानकर आप भी कीवी की खेती करना चाहेंगें। कीवी में भरपुर मात्रा में पोषक तत्व विद्यमान है। इसमें विटामिन C प्रचुर मात्रा में है। इसके साथ ही यह हृदय रोगी के लिये फायदेमंद है। यह मधुमेह ( डायबीटीज) को नियंत्रित रखता है तथा शरीर में खून की कमी को भी पूरा करता है। इसके अलावा यह कैंसर रोगियों के लिये जैसे रामबाण का कार्य करता है। इसके साथ ही यह पेट दर्द, उल्टी इन सब में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।

आइये जानतें है उस किसान के बारें में जो पौष्टिक तत्वों से भरपुर कीवी की खेती कर रहें है और मुनाफे कमा रहें हैं।

आपकों बता दें कि उत्तराखंड (Uttarakhand) की पथरीली भूमि पौष्टिक फलों के उत्पादन के लिये बहुत उपयोगी है। यहां की पथरीली भूमि पर कीवी, माल्टा, खुबानी, सेब, आडू और नाशपाती जैसे फलों की अच्छी पैदावार होती है। हालांकि कुछ किसान विदेशी फलों की उपज भी शुरु करने लगे हैं।

ऐसे ही एक किसान है मोहन सिंह लटवाल (Mohan Singh Latawal)। यह अल्मोड़ा के हवालबाग स्थित गांव स्याहिदेवी के रहनेवाले हैं। इनकी उम्र 72 वर्ष से अधिक है। इन्होनें कीवी की खेती अपने शौक के तौर पर शुरु किया था, लेकिन अब उन्होंने इसे रोजगार का माध्यम बना लिया है। स्याहीदेवी गांव समुद्र तल से लगभग 7 हजार की उंचाई पर स्थित है। मोहन सिंह ने स्याहिदेवी गांव में कीवी की खेती करने के उद्देश्य से वैज्ञानिको से सलाह लिये। उस समय वैज्ञानिकों ने कहा कि कीवी का उत्पादन सरल कार्य नहीं है।


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मोहन सिंह उनकी बात नहीं मानकर कीवी की खेती के जिद पर अड़े रहें। उनकी जिद पर वैज्ञानिकों ने कीवी के सिर्फ 2 पौधें मोहन सिंह को दियें। उसके बाद मोहन सिंह अपने घर वापस लौट आये और कीवी के बेल के लिये 2 नाली जमीन को तैयार किया। कीवी के दोनों पौधों से वर्ष 2010 में पहली बार फल लगें और 2 क्विंटल का पैदावार हुआ। स्याहीदेवी के टूरिस्ट एस्टेट में साहसिक पर्यटन में दिल्ली (Delhi) का दल आया था। मोहन सिंह के कीवी की बिक्री पहली बार दिल्ली दल ने 250 रूपये प्रति किलो के भाव से खरीद कर ले गए। कीवी की अच्छी बिक्री होने से मोहन सिंह का मनोबल बढ़ा। पौधें अब पहले से अधिक परिपक्व हो गयें है। इस सीजन में 3 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कीवी के उत्पादन के लिये 900 से 1800 की ऊंचाई अधिक अनुकूल होती है। लेकिन मोहन सिंह ने अपनी मेहनत और पौधें की सही देख-भाल से मुश्किल काम को आसान कर दिखाया है। मोहन सिंह ने बताया कि वह कीवी के बागान में घास और पलवार के माध्यम से सिंचाई में पानी की बचत भी कर लेते हैं।

मोहन सिंह (Mohan Singh) सरकारी मदद और विभागीय सहयोग के बिना अपने काबिलियत के दम पर खेतों में रोज नये प्रयोग करते हैं। वह कहते है कि क्षेत्र में बागवानी विकास के कार्य में जुटे दिग्विजय सिंह बौरा के द्वारा किये गयें प्रोत्साहन को कभी नहीं भूलते है। उन्होंने बताया कि, वे नया करने के लिये प्रेरित किये। वर्तमान में मोहन सिंह गांव लौट आये प्रवासियों और ग्रामीणों को जैविक तरीके से कीवी के उत्पादन के माध्यम से आर्थिक तौर पर मजबूत करने का गुण सिखा रहें है।

कीवी के लाभकारी गुण इस प्रकार है।

  1. कीवी में विटामिन C की मात्रा भरपुर है।
  2. यह शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  3. कीवी कैंसर रोगी के लिये रामबाण है, इसके साथ
    ही यह मधुमेह को कंट्रोल करता है।
  4. यह हृदय रोगी के लिये फायदेमंद है।
  5. कीवी गर्भवती महिलाओं के शरीर में रोजाना 400 से 600 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड की मात्रा की जरुरत को पुरा करता है।
  6. यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है। इसमे केले के बराबर पोटेशियम है।
  7. कीवी में 27 से अधिक तरह के पोषक तत्व पाये जाते है।
  8. यह खून की कमी को पूरा करता है।
  9. इसके सेवन से पेट दर्द में राहत मिलती है और यह उल्टी को भी रोकता है।
  10. प्रतिदिन इसके सेवन से शरीर में उर्जा बनी रहती है।

The Logically मोहन सिंह लटवाल के मेहनत को सलाम करता है तथा कीवी की खेती के लिये लोगों को प्रशिक्षण देने के लिये धन्यवाद देता है।