Sunday, October 24, 2021

पिता की मौत के बाद मां ने मजदूरी करके पाला, बेटे ने एयरफोर्स की नौकरी पाकर कायम की मिसाल !

वैसे तो जिंदगी बहुत खूबसूरत होती है लेकिन कभी-कभी दुखों , समस्याओं का इतना अंबार हो जाता है कि जिंदगी दूभर सी हो जाती है लेकिन कुछ लोग इन सबके के बावजूद अपने हौसले और मेहनत से अपनी जिंदगी को पुन: खूबसूरत बना लेते हैं ! आज बात कुछ ऐसी हीं परिस्थितियों को जीते एक नौजवान निम्बाराम कड़वासरा की जिन्होंने अपनी मेहनत से खुद और अपने परिवार की जिंदगी को खूबसूरत बनाया है ! बेहद गरीबी में जीकर पढाई में कड़ी मेहनत की और एयरफोर्स की नौकरी पाकर सफलता का परचम लहराया !

बहुत भारी था आर्थिक संकटों का बोझ

निम्बाराम राजस्थान के जोधपुर जिले के हरलाया गाँव के निवासी हैं ! उनका बचपन और नौकरी पूर्व का जीवन बेहद हीं आर्थिक संकटों में गुजरा ! निम्बाराम के पिता 2015 में एक बीमारी का शिकार हो गए और चस बसे ! पिता का साया उठ जाने के बाद निम्बाराम पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ! पूर्व से चली आ रही आर्थिक समस्या अब और बृहद होने लगी और उनके परिवारों के सामने जीविकोपार्जन की समस्या आ गई !

पढाई को रूकने नहीं दिया

निम्बाराम जब नौंवीं कक्षा में पढ रहे थे उसी समय उनके पिता चल बसे ! वैसी स्थिति में निम्बाराम के सामने पढाई से ज्यादा घर की जिम्मेदारी निर्वहन जैसा कार्य सम्मुख आ गया ! ऐसी स्थिति में निम्बाराम की माँ ने उनकी पढाई को छुटने ना दी ! खुद काम पर जाने लगी ! निम्बाराम की माँ मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी करने लगी ! निम्बाराम पढाई पर ज्यादा ध्यान देने लगे ! टैगोर शिक्षण संस्थान से उन्होंने 12वीं तक की पढाई की ! अपनी खूब मेहनत से निम्बाराम 10वीं में 86 प्रतिशत और 12वीं में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए ! इसके बाद वे आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने में जुट गए और साथ में सरकारी नौकरियों का फार्म भी भरते रहे और परीक्षाएँ देते रहे ! आईआईटी की तैयारी के दौरान 2019 में उनका सेलेक्शन इंडियन एयरफोर्स में हो गया !

कई लोगों ने की मदद

निम्बाराम की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पढाई में मेहनती होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने उनकी स्कूली फीस माफ कर दी ! इसके बाद श्रवण सिंवर ने भामाशाहों से सहयोग की अपील की ! जिसके परिणामस्वरूप अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश बैनिवाल व राज ग्रूप के डॉक्टर राजू राम चौधरी व महेन्द्र लुक्खा ने आर्थिक मदद की और निम्बाराम के आईआईटी तैयारी की फीस की व्यवस्था की !

यह भी पढ़े :-

गौरवान्वित पल : एक चायवाले की बेटी भारतीय वायुसेना में ऑफिसर बनी !

एयरफोर्स में चयन

निम्बाराम 2019 बैच के चयनित एयरफोर्स कर्मी है ! सितम्बर 2019 के बैच में 2620 में से निम्बाराम ने 902वीं रैंक प्राप्त किया और उनका एयरफोर्स ग्रुप एक्स(तकनीकी) पद पर चयन हुआ ! वे अपने गाँव हरलाया से 4 जुलाई 2020 को सांबर स्थित एयरमैन ट्रेनिंग स्कूल के लिए रवाना हो गए ! उनकी यह ट्रेनिंग दिसम्बर 2020 तक चलेगी तत्पश्चात उन्हें पोस्टिंग दी जाएगी ! कड़े संघर्षों से लड़ते हुए देश की रक्षा में तैनात होना उनके लिए गर्व की बात है !

अपने माँ के बारे में बात करते हुए निम्बाराम कहते हैं कि “पिता के मौत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी उनकी कन्धे पर आ गई थी ! आर्थिक कमजोरी हमारे सामने पहले से हीं समस्याओं बनकर खड़ी थी ! उस वक्त मैं नौवीं कक्षा में था ! पैसे के अभाव में अब मुझे पढाई छोड़ने की नौबत आ चुकी थी ! लेकिन उस दुख भरी परिस्थिति में मेरी माँ ने मुझे पढाई जारी रखने को कहा और वह खुद मनरेगा और खेतों में मजदूरी करके हमसभी भाई-बहनों को ना सिर्फ पाला-पोषा बल्कि मेरी पढाई भी पूरी करवाई” ! आज निम्बाराम की माँ काजीदेवी अपने बेटे की सफलता से बेहद खुश हैं लेकिन वह अपने बेटे को दूर चले जाने से थोड़ी मायूस भी हैं ! बहनों ने निम्बाराम की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें विदा किया !

निम्बाराम कड़वासरा ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जिस तरह उससे जूझते हुए पढाई जारी रखी और सफलता का परचम लहराया वह अन्य गरीब बच्चों के लिए प्रेरणा है जो गरीबी और सुविधा ना मिल पाने के कारण पढाई से दूर हो जाते हैं ! The Logically निम्बाराम जी की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है तथा उन्हें उनकी सफलता के लिए बधाई देता है !