Wednesday, October 21, 2020

कंधों पर समान लादकर पैदल चल, LAC पर तैनात भारतीय जवानों को गांव वाले पहुंचा रहे हैं भोजन पानी

जैसा कि हम सभी को पता है कि भारत और चीन के बीच LAC को लेकर विवाद चल रहा है। भारत और चीन के बीच LAC (Line of Actual Control) वास्तविक नियंत्रण सीमा रेखा है। यह सीमा रेखा जम्मू-कश्मीर में भारत और चीन के अधिकार के क्षेत्र (आक्साई चीन) को अलग करती है, जिसपर दोनों देश India और China अपने अधिकार का दावा करते हैं। गलवान घाटी (Galwan Valley) पूर्वी लद्दाख में पड़ता है जहां कुछ दिन पहले भारत और चीनी सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प हो गईं थी। इस झड़प में चीनी सैनिकों ने हमारे देश के निहत्थे सैनिकों पर तेज धार वाले हथियार से हमला किया था। दोनों देशों के बीच इस झड़प में लगभग 20 भारतीयें सैनिकों की जान चली गईं थी।

पेन्गोंग त्सो (Pangong Tso) झील लद्दाख हिमालय में 14000 फुट से भी अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। पेन्गोंग त्सो झील एक लम्बी संकरी, गहरी और लैंडलॉक झील है। आपको बताते चलें कि चीन पेन्गोंग त्सो झील पर भी अपना कब्जा करना चाहता है। शीत ऋतु के मौसम में यहां का तापमान 0डिग्री से भी नीचे चला जाता है। इस कारण से झील का पानी जम जाता है। विवादास्पद स्थिति में भारतीय सैनिकों ने पेन्गोंग झील (Pangong Tso) के दक्षिणी किनारे पर स्थित प्रमुख चोटियों पर हमारे देश का झंडा फहरा दिया हैं। इस इलाके के आसपास का जो भी गांव है वह भारतीय जवानों को ज़रुरत के सामानों को पहुंचाने में मदद कर रहें हैं। आइए जानतें है, उस गांव के बारे में जो सैनिकों की सहायता करने के लिये आगे आया है।

लद्दाख (Laddakh) के लेह (Leh) जिला में स्थित एक गांव है जिसका नाम चुशुल है। चुशुल (Chushul) गांव में लगभग 170 परिवार रहता है। सर्दियों में इस गांव का तापमान 0 से 30 डिग्री तक नीचे चला जाता है। इस गांव के 60 लोग हिन्दुस्तानी सैनिकों के मदद के लिये ब्लैक टॉप माऊनटेन पर आवश्यकता की सभी सामानों को पहुंचाने में अपनी भुमिका निभा रहें हैं। ब्लैक टॉप माऊनटेन पर सैनिकों को जरुरत का सामान पहुंचाने के लिये उस गांव के प्रत्येक घर से एक-एक आदमी को इस काम को करने के लिये रखा था। उनलोगों को इस काम के लिये पैसे भी दिये जाते थे। लेकिन अब वहां के लोग भारतीय सैनिकों की मदद के लिये मुफ्त सेवा में लगे है।

हमारे देश की सेना अपने ट्रक से आधे रास्ते तक सेना के लिये पानी लेकर जातें हैं। आधे रास्ते तक पानी लाने के बाद चुशुल (Chushul) गांव के लोगों ने सेना की सहायता के लिये ब्लैक टॉप माऊनटेन के सबसे उपरी भाग जो इस माऊनटेन से 3 से 4 किलोमीटर ऊपर है, वहां पानी और ज़रुरत का सभी सामान लेकर जातें हैं। चुशुल गांव के नागरिक दिल खोल कर सेना की सेवा में जुटें हुयें हैं। देश के सैनिकों की सेवा करना अपने आप में गर्व की बात है। क्योंकि हम अपने देश के सैनिकों के कारण ही अपने-अपने घरों में बड़ी ही सुख-शांति से रहतें हैं। यह सैनिक अपनी जान देकर भी हमारी और हमारे देश की रक्षा करतें हैं।

भारतीय सेना हमारी देश की सुरक्षा कवच हैं, इसी कारण आज हम सभी अपने-अपने घरों में आराम से रहते हैं। हमारी सुरक्षा के लिए ये सेना अपने घर परिवार से दूर, बर्फीले जगहों पर, देश की सीमा पर, पहाड़ी इलाके और भी ऐसी कई जगह जहां जीवन बहुत ही मुश्किल है, वहां ये तैनात रहते हैं। हम अपने घरों में रात में चैन से सोते हैं लेकिन भरतीय सेना रात के अंधेरों में भी देश की सुरक्षा के लिए जगे रहतें हैं। हमें अपने देश के सैनिकों को हमेशा सम्मान, आदर और शुक्रिया अदा करना चाहिए। इनके बदौलत ही आज, और आज से पहले तथा आने वाले समय में हम सभी सुरक्षित हैं या रहेंगे।

युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है लेकिन अगर कोई प्रेम की भाषा को नहीं समझता है तो उस स्थिति में अपने अधिकार और सम्मान की रक्षा करने के लिये युद्ध अनिवार्य हो जाता है। चीन अपना विस्तार बढ़ाने के लिये पेन्गोंग त्सो झील, गलवान घाटी और ऐसे ही और भी कई क्षेत्र है जिनपर वह अपना दावा ठोक रहा है। लेकिन भारत अपने अधिकृत क्षेत्र के हिस्से का एक टुकड़ा भी चीन को नहीं देगा, इस बात पर अडिग है। हालांकि LAC (Line of Actual Control) पर तनाव की स्थिति को शांति से सुलझाने के लिये भारत (India) और चीन (China) के बीच में सेना के उच्च स्तर और दोनों देशों के रक्षामंत्री बीच बातचीत चल रही है। ताकी युद्ध की स्थिति उत्त्पन्न न हो।

The Logically सेना की मदद करने के लिये चुशुल गांव के लोगों को नमन करता हैं और अपने देश की सेना पर गर्व करता हैं जो धरातल से लगभग 14 हज़ार से अधिक की ऊंचाई पर दिन-रात देश की सेवा करने के लिये डटें हुयें हैं।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

वह महिला IPS जिसने मुख्यमंत्री तक को गिरफ्तार किया था, लोग इनकी बहादुरी की मिशाल देते हैं: IPS रूपा मुदगिल

अभी तक सभी ने ऐसे कई IPS और IAS की कहानी सुनी भी है और पढ़ी भी है, जिसने कठिन मेहनत और...

नारी सशक्तिकरण के छेत्र में तेलंगाना सरकार का बड़ा कदम ,कोडाड में मोबाइल SHE टॉयलेट किया गया लांच

सार्वजनिक जगह पर शौचालय महिलाओं के लिए हमेशा से एक बड़ी समस्या का कारण रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए...

15 फसलों की 700 प्रजातियों पर रिसर्च कर कम पानी और कम लागत में होने वाले फसलों के गुड़ सिखाते हैं: पद्मश्री सुंडाराम वर्मा

आज युवाओं द्वारा सरकारी नौकरियां बहुत पसंद की जाती है। अगर नौकरियां आराम की हो तो कोई उसे क्यों छोड़ेगा। लोगों का...

महाराष्ट्र की राहीबाई कभी स्कूल नही गईं, बनाती हैं कम पानी मे अधिक फ़सल देने वाले बीज़: वैज्ञानिक भी इनकी लोहा मान चुके हैं

हमारे देश के किसान अधिक पैदावार के लिए खेतों में कई तरह के रसायनों को डालते हैं। यह रसायन मानव शरीर के...