MBBS के बाद बने आईएएस अधिकारी, लेकिन महामारी में लोगों का इलाज़ भी कर रहे हैं: Pankaj Ashiya

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अपनी काबिलियत और हौसलों के बल-बुते पर जो विषम परिस्थितियों का सामना करके सफ़लता हासिल करता है, वही होता है, अपने लाईफ का रियल हीरो। उस सफल इंसान पर सबको गर्व होता है जो बहुत बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद भी लोगों की मदद कर अपनी उदारता दिखाये। आज हम जिनकी बात करने जा रहे हैं, उन्होंने MBBS करने के बाद अपने हुनर के दम पर बिना किसी कोचिंग में पढाई किये IAS ऑफिसर बने हैं और आज इस कोरोना वैश्विक महामारी में ज़रूरतमंदों की मदद कर रहें हैं। उस महान उदार व्यक्ति का नाम है, पंकज अशिया।

पंकज अशिया

पंकज अशिया (Pankaj Ashiya) ने 2012 में मेडिकल कॉलेज जयपुर (Jaipur) से MBBS की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद इन्होंने 2018 में IAS की परीक्षा मे 29वीं रैंक हासिल कर अपनी जीत का परचम लहराया। इनके पिता सीनियर मेडिकल ऑफिसर है, और इनकी माता गृहिणी है। पंकज ब्यूरोक्रेट्स बन ज़रूरतमंदों की मदद के लिए आइसोलेशन, टेस्टिंग और ट्रेसिंग के काम को बेहतरीन तरीके से कर रहे हैं। इस कारण वह जिस क्षेत्र में कार्य कर रहें हैं वहां कोरोना के संक्रमण का रफ्तार धीमा दिख रहा है।

पंकज के कार्य में बेहतरीन प्रदर्शन

पंकज (Pankaj) शहर के जिस क्षेत्र में कार्यरत हैं वहां कोरोना के मरीजों में बहुत अच्छे तरीके से रिकवरी हो रही है। उन्होंने महाराष्ट्र (Maharastra) के मालेगांव में बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहां कोरोना के मरीजों मे रिकवरी तेजी से हुआ। पंकज ने स्क्रिनिंग में बढ़ोतरी के साथ ही कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग पर भी ध्यान दिया जिस कारण कोरोना के संक्रमण में गिरावट आई।

इतनी बड़ी सफलता हासिल करने के बाद उन्हें भीवंडी-निजमपुर के हॉटस्पॉट क्षेत्र में भेजा गया। उन्होंने वहां भी बखूबी काम किया जिससे पिछले महीने के अपेक्षा अगस्त महीने में कोरोना का संक्रमण काफी हद तक ठीक हुआ। The Logically, Pankaj के कार्य को शत-शत नमन करता है।

Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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