Thursday, January 28, 2021

विकलांग जेनसन ने Covid-19 की लड़ाई में , 6 महीने का विकलांगता पेंशन मुख्यमंत्री आपदा कोष में दिया

मुझे पता है कि यह राशि बहुत कम है लेकिन फिर भी करोना के महामारी के वक्त इस पैसे की जरूरत मुझसे भी अधिक किसी और को है -जेनसन कुरियन

केरल के 35 वर्षीय जेनसन कोरियन, पिछले 10 सालों से विकलांग हैं । इनका 6 महीने की डिसेबिलिटी पेंशन बकाया था जो इन्हे लगभग 6600 रुपए मिले औऱ इन पैसों को जेनसन ने चीफ मिनिस्टर राहत आपदा कोष में जमा कर दिया ।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार जेनसन कोरियन एक मजबूत इंसान है जो पिछले ढाई सालों से बिस्तर पर हैं जेनसन के कमर से नीचे का भाग पूरी तरह पैरालाइज है जिसके चलते वह उठ बैठ नहीं सकते।

सरकार को राशि देते समय जेनसन ने कहा कि बात पैसे की नहीं है , लेकिन उम्मीद की है मदद की है ,जिसकी जरूरत आज पूरे राष्ट्र को है , और वही मैं कर रहा हूँ ।
जेनसन के अनुसार वह पहले इतने आशावादी नहीं थे और खासकर जब इनका शरीर पूरी तरह से पैरालाइज हो गया तब वह निराशावादी हो गए थे और अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे।

जेनसन गल्फ कंट्री में पिछले 6 वर्षों से बतौर गैस बिल्डर काम कर रहे थे और उन्हें अपने पिता की बीमारी के चलते गांव आना था । वह बैंक से कुछ लोन लिए थे जिससे वह अपने लिए घर बना सके और उन्होंने तय भी तय किया था कि अपने घर तक जाने वाली कच्ची सड़क को भी वह बनाएंगे।

जेनसन ने अपना खर्च चलाने के लिए सीमेंट से बनने वाली ईट की छोटी सी फैक्ट्री खोली और अपनी जिंदगी का पूरा प्लान कर लिया था । यहां तक कि वह अपनी गर्लफ्रेंड से शादी भी करने वाले थे तभी अचानक उनकी जिंदगी ने करवट ली ।
एक बार वह घर जाना जा रहे थे तभी पतली पगडंडी से 15 फीट नीचे गिर गए। नीचे गिरने के कारण वह अभी उठ भी नहीं पाए थे तभी एक बड़ा सा पत्थर उनके सीने पर आ गिरा जिसके चलते उनके शरीर का निचला भाग पैरालाइज़्ड हो गया।

अपनी जिंदगी से तंग आकर जेनसन ने कितनी बार खुदकुशी करने का कोशिश किया यहां तक कि उन्होंने खुद को मारने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को भी रखा । कॉन्ट्रैक्ट किलर को रखते समय उन्होंने तय किया अगर उनका यह प्रयास विफल होता है तो वह जीने की नई राह ढूंढेंगे।

अब जेनसन ने खुद की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुश रहने की कोशिश करते हैं । अब वह हमेशा कोशिश करते रहे कि जिंदगी को किस तरह से और भी बेहतर और खूबसूरत बनाया जा सकता है । जेनसन खुद का घर बनाना चाहते हैं और ग्रॉसरी की छोटी सी दुकान खोलने के बारे में सोच रहे हैं जिससे वह खुद का खर्च उठा सके।

इसके अलावा जेनसन सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभाते हैं और जब कभी मौका मिलता है समाज के लिए कुछ बेहतर करने की कोशिश करते हैं।

Prakash Pandey
Prakash Pandey is an enthusiastic personality . He personally believes to change the scenario of world through education. Coming from a remote village of Bihar , he loves stories of rural India. He believes , story can bring a positive impact on any human being , thus he puts tremendous effort to bring positivity through logically.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय