Monday, March 8, 2021

सन 1991 से 38 जिलों में लगा रहे हैं तुलसी,नीम और पीपल के पौधे, बना रहे हैं ऑक्सीजन बैंक: Doctor Dharmendra Kumar

कितनी सुन्दर है यह धरती।
हर ऋतु नव परिधान पहन कर।

यह धरती बहुत खूबसूरत है और इसे और खूबसूरत बनाने का काम हमारे योद्धा करते आ रहे आज हम एक ऐसे ही प्रकृति के योद्धा के बारे में और अधिक जानेंगे जोकि ना सिर्फ पेड उगाकर बल्कि पर्यावरण संरक्षण कर आक्सीजन बैंक बनाने का भी कार्य कर रहे है। प्रकृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से पीपल नीम तुलसी अभियान में भारत के अलावा विदेशों में भी तीव्र गति से कार्य कर रहे है डॉ धर्मेंद्र कुमार।

परिचय व शुरुआती सफर

पीपल नीम तुलसी अभियान के संस्थापक है डॉ धर्मेंद्र कुमार। डॉ धर्मेंद्र कुमार बिहार के अरवल जिले के तेर्रा गावं से है वह पर्यावरण योद्धा होने के साथ साथ होम्योपैथी डॉक्टर भी है उन्होंने पीपल नीम तुलसी अभियान की यात्रा 1991 वर्ष मे मगध की धरती से शुरु की थी जो आज पुरे देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर रहे है।

आक्सीजन बैंक का किया निर्माण

पौधारोपण कार्य के बारे में पूछे जाने पर धर्मेंद्र जी बताते है कि पेंड़ जीवनदायिनी एवं प्रकृति के सौंदर्य है , जो हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पौधारोपण करने से मुझे आत्मिक संतुष्टि भी मिलती है। आज के समय में दिनो दिन बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण के मद्देनजर हम सबको अपनी जिम्मेदारियांँ समझते हुये पेड़ अवश्य लगाने चाहिये ताकि पर्यावरण के साथ साथ हमारा जीवन भी सुरक्षित बना रहे जिससे वह अधिक से अधिक आक्सीजन का निर्माण कर आक्सीजन बैंक बना रहे है हर 500 मीटर पर बना रहे है आक्सीजन बैंक। उनका मानना है एक आदमी एक दिन में उतनी आक्सीजन लेता है जितने में 3 सिलेंडर भर जाए तो क्यों ना हम अधिक से अधिक पेड लगाए जिससे हमारा शरीर भी और पर्यावरण भी स्वस्थ रहे।


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कर रहे है नए योद्धा तैयार

प्रकृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से पीपल नीम तुलसी अभियान भारत के अलावा विदेशों में भी तीव्र गति से कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत पर्यावरण योद्धा बिहार राज्य के 38 जिलों के साथ साथ पीपल नीम तुलसी अभियान इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बिहार , लखनऊ, झारखण्ड, हिमाचल , हरियाणा , राजस्थान,, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश के राज्यों के साथ साथ अंतराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल में पर्यावरण योद्धा सम्मान समारोह आयोजित कर , योद्धाओं को तैयार करने का प्रयास कर रहे है । धर्मेंद्र जी का मानना है पर्यावरण की सुरक्षा व संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पर्यावरण योद्धा तैयार करने होंगे। वह मानते है अन्य पर्यावरण योद्धाओं को उत्साहित प्रोत्साहित करना हमारी आपकी सबकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है।

कर रहे है दिव्यांग पेड़ो की रखवाली

हमारे घरों के आसपास दीवारों के बीच मे, गलियों में ,नालियों में व टंकियों के पास या यूंही बेकार जगह पर कुछ पौधे अपने आप ही उग आते है जो ठीक तरह से उग नही पाते है उसे हम दिव्यांग पौधे कहते है।
इस अभियान के तहत पर्यावरण योद्धा पीपल , बरगद , पाकड़ , गूलर जैसे कई प्रजातियों के दिव्यांग पौधों को संरक्षित और संवर्धित कर उपयुक्त स्थानों पर रोपित करने का कार्य करते हैं ताकि प्राणियों को शुद्ध प्राकृतिक वायु मिल सके। इसी कड़ी में नेपाल जनकपुर के सुरेश शर्मा ने पीपल अभियान के संस्थापक डॉ० धर्मेंद्र कुमार के विचार से प्रभावित होकर इस बरसात में एक हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। धर्मेंद्र जी बताते है वे सबसे पहले दिव्यांग पौधों को निकालकर कुछ दिनों तक अपने घरों में खाद पानी देते रहते हैं , फिर उनकी जड़ें मजबूत हो जाने पर किसी बगीचे , तालाब , गार्डन या खुले स्थानों में उनको रोपित करते हैं।

पीपल व नीम के इस्तेमाल से रोग निवारण होता है

The Logically से बात करते समय धर्मेंद्र ने बताया कि,पीपल के वृक्ष का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इंसान के लिए काफी उपयोगी माना गया है. पीपल के इस्तेमाल आयुर्वेद एवं होमियोपैथी में कई दवाओं को बनाने के लिए किया जाता है, पीपल के पत्तों से दिल के रोगों का खतरा कम होता है, पीपल के पत्तों से मिलता है, अस्थमा के मरीजों को लाभ, पीपल के पत्तों से मिलता है पीलिया के मरीजों को लाभ, पीपल की दातुन से दांतों का दर्द दूर होता है आदि पीपल के पत्तों से व नीम के पत्तों से मिलने वाली स्वास्थ्य लाभों की और अधिक जानकारी आप धर्मेंद्र जी से प्राप्त कर सकते है।

डॉ धर्मेंद्र कुमार जी पर्यावरण योद्धा होने के साथ साथ एक होम्योपैथी चिकित्सक भी है साथ ही पर्यावरण के संरक्षण एवं संरक्षक हेतु वह पीपल नीम तुलसी अभियान के माध्यम से समाजिक दवा (सोशल मेडीसीन) पर भी चिंतन करते रहते है। धर्मेंद्र जी कहते है यह तो बस शुरुआत है अभी तो हमे बहुत कुछ करना है उनका अगला आयोजन भुटान में होने वाला है इसके लिए हम सब उन्हें बधाई देते हैं! धर्मेंद्र जी बोलते है अधिक से अधिक पेड पौधे लगाओ इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ आपका मन भी शांत रहेगा और दिल भी खुश रहेगा। आप पर्यावरण योद्धा बनने के लिए डॉ धर्मेंद्र कुमार जी से इस नम्बर पर 9431496840 संपर्क कर सकते है।

डॉ धर्मेंद्र कुमार से आप फेसबुक पर भी जुड़ सकते है!

Anu Gangwal
दिल्ली विश्वविद्यालय से एम ए और ट्रांसलेशन कर चुकी है अनु साहित्य में विशेष रुचि रखती हैं। इनकी रचनाएँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं तथा वेबसाइटों पर प्रकाशित होती रहती हैं। वर्तमान में फ्रीलांसर राइटर, एडिटर, प्रूफरीडर तथा ट्रांसलेटर का कार्य कर रही हैं।

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