Friday, December 4, 2020

बिना मिट्टी के केवल पाइप की सहायता से अपने छत पर उगाते हैं सब्जियां, 5 वर्षों से बाजार नही जाना पड़ा: Soilless farming

हम अक्सर बाजार से खरीदी हुई चीजों का सेवन करते है यहां तक कि फल और सब्जियां भी हम हमेशा बाजार से ही खरीदते हैं । लेकिन इसका हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि बाजार में मिलने वाले फल और सब्जियों को उगाने के लिए उर्वरक का इस्तेमाल अधिक मात्रा में किया जाता है और वो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। यदि हम वही फल और सब्जी अपने घर पर जैविक तरीके से उगाते है तो वह हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। आज की हमारी कहानी ऐसे युवाओं की है जो बिना मिट्टी के फल और सब्जियां उगा रहे है।

जी हां, अब बिना मिट्टी के भी फल और सब्जी उगाना संभव है। चंडीगढ़ (Chandigadh) के सोमवीर (Somveer) द्वारा शुरू की गई एक कंपनी पिंडफ्रेश (Pindfresh) द्वारा हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की मदद से बिना मिट्टी के घर पर ही फल, सब्जियां और बाकी के हर्ब्स को उगाने का मौका दे रही है। इस तरह की खेती में बिना मिट्टी के पानी में फसल उगाई जा रही है।

Pic-Gaon Connection

सोमवीर का कहना है कि शहरों में बहुमंजिला इमारतें और घनी आबादी के कारण लोगों को खेती के लिए जगह नहीं मिल पाती है। वे लोग घर की छत पर भी अपनी जरूरत के फल और सब्जियां उगा सकते है। भारत में ऐसे कई जगह है जहां पानी कि काफी किल्लत रहती है। लेकिन इस तकनीक में सामान्य खेती की प्रक्रिया से बहुत कम सिर्फ 10 % ही पानी की आवश्कता है और मिट्टी की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। अंततः इस तकनीक को अपनाकर कोई भी बहुत आसानी से सब्जियां उगा सकता है। सोमवीर पिछले 5 सालों से अपने जरूरत के फल और सब्जियां खुद ही उगा रहे है।

सोमवीर के अनुसार वह पिंडफ्रेश (Pindfresh) की शुरुआत शौक के तौर पर किए लेकिन आज उनके लिए यह सबसे फायदेमंद काम बन गया है। अब उनके टीम में 6 सदस्य मिलकर काम कर रहे हैं जो ग्राहकों तक मदद पहुंचाने में सहायता करते हैं। पिंडफ्रेश के द्वारा एक उपकरण भी बनाया गया है जिसके मदद से आसानी से घर में किचन गार्डन बनाया जा सकता है उसके लिए केवल सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता है। इसके साथ ही पिंडफ्रेश की टीम लोगों के घर तक भी इस उपकरण को सेट करने में सहायता कर रहे हैं। यदि किसी घर में उपकरण तक सूर्य का प्रकाश सीधे नहीं पहुंच सकता तो उसके लिए टीम द्वारा कस्टमाइज्ड तरीके से रोशनी की व्यवस्था की जाती है।

Pic-Gaon Connection

पिंडपाइप की मदद से उगते हैं पौधे

पिंडफ्रेश कंपनी के द्वारा पिंडपाइप नाम का एक उपकरण भी बनाया गया है। जिसमें एक पाइप में कुछ छिद्र रहते है जिनमें पौधे लगाए जाते है। उपकरण को लगने के लिए 5 फिट लंबी और 2.5 इंच चौड़ी जगह की आवश्यकता पड़ती है। एक साथ जिसमें 48 पौधे लगाए जा सकते है जिसकी कीमत 15000 रूपए है, वहीं सिर्फ पाइप की कीमत 2500 रूपए है।

सोमवीर स्कूल और कॉलेज में भी जाकर बच्चों को इस तकनीक से पौधे लगाने की जानकारी देते है। The Logically, Somveer द्वारा किए गए नयाब तरीके और पर्यावरण संरक्षण के लिए आभार प्रकट करता है।

Anita Chaudhary
Anita is an academic excellence in the field of education , She loves working on community issues and at the same times , she is trying to explore positivity of the world.

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