Monday, November 30, 2020

विकलांगता के कारण चल नही सकते फिर भी पिछले 6 सालों से झील से प्लास्टिक का कचड़ा साफ कर रहे हैं ।

जिंदगी हमें हर रोज कुछ ऐसे सीख दे जाती है जो और कई वर्षों तक प्रेरणास्रोत बन जाते हैं । 69 साल की उम्र में जब इंसान की सारी महत्वकांक्षाएं मरने लगते हैं और वह जिंदगी की सारी उम्मीद छोड़ देता है , उस उम्र के पड़ाव में एक इंसान ने कुछ ऐसा काम किया है जो अनन्त तक सकारात्मकता का मिसाल साबित होगा। यह इंसान पिछले 6 सालों से एक झील से बिना किसी स्वार्थ के प्लास्टिक का कचरा साफ कर रहा है।

केरल के कोट्टयम जिले के राजप्पन, पिछले 6 सालों से एक झील से प्लास्टिक का कचड़ा साफ कर रहे हैं । राजप्पन बचपन से ही paralized हैं और इनके घुटने के नीचे का भाग काम नही करता । अपने हाथ के सहारे चलनेवाले राजप्पन हर रोज वेबनाण्ड झील से प्लास्टिक का कूड़ा-कचड़ा साथ करते हैं ।

इनके काम की तारीफ सभी महकमें से होती है । एक्टर रणदीप हुड्डा ने इनके कार्य का तारीफ करते हुए कहा कि ‘ सच्चे देशभक्त ऐसे ही लोग होते हैं, जो बिना कुछ बोले देश की सेवा करते हैं और एक छाप छोड़ जाते हैं’।

How does one show love for ones country? Maybe this is how .. love made visible in action, not only in words or social media .. salute to Rajappan ji the, face of real patriotism #JaiHind 🙏🏽 @AfrozShah1 https://t.co/kbi5KHvThB

— Randeep Hooda (@RandeepHooda) July 15, 2020

राजप्पन अपनी नाव के सहारे झील में उतरते हैं और प्लास्टिक का कचड़ा चुनते हैं । The news minute से बात करते हुए राजप्पन ने बताया कि एक किलो प्लास्टिक के कचड़े से लगभग 12 रुपया मिलता है , लेकिन यह काम मैं केवल पैसे के लिए नही करता । पर्यावरण के बचाव के लिए किसी न किसी को यह काम करना ही होगा । मैं केवल वही चीज़े कर रहा हूँ जो मेरे लिए सम्भव है । मैं अपनी छोटी नाव से कम दूरी तय कर पाता हूँ , अगर मेरे पास बड़ी नाव होगी तो में और अधिक दूर तक कचड़ा साफ कर पाऊंगा ।

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36 वर्षो में 12 सुखी नदियों को पुनर्जीवित कर चुके हैं ! जल पुरुष -राजेंद्र सिंह

राजप्पन एक टूटे फूटे घर मे रहते हैं । पिछले वर्ष , केरल में आई बाढ़ ने इनका सबकुछ उजाड़ दिया । झीलों को साफ करना अब राजप्पन का मकसद बन चुका है , जिसके लिए वो निरन्तर प्रयासरत हैं ।

राजप्पन के पर्यावरण प्रेम को अभिवादन करते हुए Logically नमन करता है ।

Prakash Pandey
Prakash Pandey is an enthusiastic personality . He personally believes to change the scenario of world through education. Coming from a remote village of Bihar , he loves stories of rural India. He believes , story can bring a positive impact on any human being , thus he puts tremendous effort to bring positivity through logically.

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