Friday, December 4, 2020

7 वर्ष पुरानी बैंक की नौकरी छोड़ बन गए किसान, खेती में रिस्क उठाये और आज 8 लाख तक सलाना कमाते हैं

हमारे समाज में अलग अलग तरह के लोग रहते हैं। किसी को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की नौकरी पसंद होती है तो किसी को व्यवसाय अच्छा लगता है। कुछ लोग अपने नौकरी या व्यवसाय से कमाए पैसों के पीछे भागते हैं तो कुछ लोग शांतिमय जीवन की तलाश में रहते हैं। समाज में ऐसे भी कई लोग मौजूद हैं जो अच्छी नौकरी करते हैं, उनकी आमदनी भी अच्छी हो फिर भी उन्हें अंदर से खुशी महसुस नहीं होती। वे हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश में लगे रहते हैं।

आज की कहानी भी कुछ ऐसे ही है। संदीप खंडेलवाल एक ऐसे शख्स है जो अपने बैंक की नौकरी छोड़कर कृषि कार्य में जुट गये और सालाना 15 लाख रुपये की आमदनी कमा रहें हैं। आइये जानतें है इस शख़्स के बारें में।

Sandip Khandelwal

संदीप खंडेलवाल (Sandip Khandelwal) छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के संबलपुर जिले के गुर्ला गांव के रहनेवाले हैं। वे 7 वर्षों से इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर नौकरी कर रहें थे लेकिन उनका दिल उस कार्य में नहीं लग रहा था, वे हमेशा कुछ अलग और नया करने के बारें में सोचते थे। संदीप हमेशा से ही कृषि कार्य करना चाहते थे। उन्होंने अपने मन की सुनी और नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। बैंकर की नौकरी छोड़कर अपने गांव वापस चले आये, ताकी अपने पैतृक जमीन पर कृषि कर सकें।

संदीप के लिये गये इस निर्णय से उनके परिवार जन को यह चिंता सताये जा रही थी यदि खेती मे सफलता नहीं मिली तो संदीप को आगे अपना जीवन यापन करना बहुत कठिन हो जायेगा। लेकिन संदीप चुनौतियों से न डरकर सामना करने का रिस्क उठाया। उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वे खेती ही करेंगे। संदीप ने 25 एकड़ की भूमि पर खेती करने का प्लान बनाया। उसके बाद उन्होंने सबसे पहले खेती की शुरुआत मिर्च और अदरक के उत्पादन से की।

यह भी पढ़े :- खुद के लिए घर पर उंगाती हैं सब्जियां और लोगों को भी देती हैं ट्रेनिंग, पिछले 10 वर्षों से कर रही हैं यह काम

संदीप ने सबसे पहले खेती से जुड़ी सभी जानकारी हासिल की। उन्होंने नये तकनीकों के बारें में भी जानकारी प्राप्त किया। नये तरीके से खेतों की सिंचाई करने के नये तरीके के बारें में भी जाना। इसके अलावा संदीप ने खुद को किसानो से ऑनलाइन जोड़ा, ताकी खेती के बारे में नई-नई जानकारी हासिल हो सकें। उन्होंने अपनी खेती के लिये ड्रिप इरीगेशन विधि को अपनाया जिससे उनकों काफी लाभ भी हुआ।

वर्तमान में संदीप फूलगोभी, तरबूज और खीरा आदि का खुब उत्पादन कर रहें हैं। उन्होंने कई प्रकार की सब्जियां भी अपने खेत में उगाई है। सीजन के अनुसार वे अपने खेत मे सब्जियां और फूल आदि भी उगाते हैं।

खेती करने के अलावा संदीप मतस्य पालन का कार्य भी करतें हैं। वे 2 एकड़ के तालाब में रोहू, आयर, और कटला मछली का पालन कर रहें हैं। म्तस्य पालन के बाद वे 2 एकड़ की भूमि पर फूल का उत्पादन भी कर रहें हैं। उन्होंने 2 एकड़ की भूमि पर गेंदे का फूल उगाया है। उनकों फूलो का सालाना उत्पादन 300 क्विंटल होता है।

vegetable farming

संदीप को कृषि कार्य से बहुत अच्छी आय भी हो रही है। उनकी सालाना आय 15 लाख रुपये हो रही है, जिसमें से 7 लाख रुपये वे कृषि कार्य में खर्च करतें है।

उत्पादन के बारें में संदीप ने बताया कि वे हमेशा स्थानीय मांग की परख करते हैं। उसके बाद अपनी परख के अनुसार खेत में उत्पादन करतें हैं। उन्होंने बताया कि उनकों कभी भी उत्पाद को बेचने में आज तक किसी भी प्रकार की कोई दिक्कतों का सामान नहीं करना पड़ा। व्यापारी उनके घर से उत्पाद खरीद कर ले जाते हैं।

खेती करने से संदीप काफी खुश है। उनके इस कार्य की वजह से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। संदीप के यहां 22 लोग कार्य कर रहें हैं जिनमें 16 महिलाएं हैं। ये सभी संदीप के खेत में कार्य करतें हैं और उसी से अपना जीवन यापन कर रहें है।

संदीप खंडेलवाल की कहानी से निष्कर्ष निकलता है कि यदि कोई किसी कार्य को करना चाहता है तो उसके लिये एक बार कोशिश जरुर करनी चाहिए। यदि उस कार्य के प्रति सच्ची लगन और ईमानदारी होगी तो सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। बस जरुरत है साहस और लगन की।

The Logically संदीप खंडेलवाल के कार्यों की प्रशंसा करता है।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

अपने घर मे 200 पौधे लगाकर बनाई ऐसी बागवानी की लोग रुककर नज़ारा देखते हैं: देखें तस्वीर

बागबानी करने का शौक बहुत लोगो को होता है और बहुत लोग करते भी हैं और उसकी खुशी तब दोगुनी हो जाती है जब...

यह दो उद्यमि कैक्टस से बना रहे हैं लेदर, फैशन के साथ ही लाखों जानवरों की बच रही है जान

लेदर के प्रोडक्ट्स हर किसी को अट्रैक्ट करते हैं. फिर चाहे कपड़े हो या एसेसरीज हम लेदर की ओर खींचे चले जाते है. पर...

गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को दे रही हैं नौकरी, लगभग 800 महिलाओं को सिक्युरिटी गार्ड की ट्रेनिंग दे चुकी हैं

हमारे समाज मे पुरुष और महिलाओ के काम बांटे हुए है। महिलाओ को कुछ काम के सीमा में बांधा गया हैं। समाज की आम...

पुराने टायर से गरीब बच्चों के लिए बना रही हैं झूले, अबतक 20 स्कूलों को दे चुकी हैं यह सुनहरा सौगात

आज की कहानी अनुया त्रिवेदी ( Anuya Trivedi) की है जो पुराने टायर्स से गरीब बच्चों के लिए झूले बनाती हैं।अनुया अहमदाबाद की रहने...