Sunday, October 24, 2021

अपनी नौकरी छोड़ शुरू की राजमा-चावल बेचना, पैसे ना रहने पर गरीबों को मुफ्त खिलाती हैं: Sarita Kashyap

लोगों की मदद करने के लिए दिल होना चाहिए ना की धन-दौलत। अगर मन में लोगों के प्रति प्रेम है तो अपने हिस्से में से थोड़ा हिस्सा उस प्रेम के लिए जरूर निकाला जा सकता है। लेकिन कुछ लोग अमीर होकर भी गरीब या जरूरतमंद लोगों की मदद नहीं करते और कुछ लोग गरीब होकर भी लोगों के तकलीफ़ को अपना समझतें हैं, उन्हें दूर करने की कोशिश करते हैं।

हम आज जिसके बारे में बताने जा रहें हैं, वह एक ऐसी महिला है जो अपनी स्कूटी पर स्टॉल लगाकर गरीबों को खाना खिलाती हैं। खाने में राजमा-चावल रहता है, वह भी निःशुल्क। पहले यह नौकरी करती थी। फिर उसे छोड़ दी। इतना ही नहीं यह खुद अपनी बेटी को भी अच्छे कॉलेज में पढ़ाती हैं।

सरिता कश्यप द्वारा किए गए कार्यों को आप दिए गए वीडियो में देख सकते है

निःशुल्क भोजन

हम जिनकी बात कर रहें हैं वह है, दिल्ली (Delhi) की रहने वाली सरिता कश्यप (Sarita Kashyup).
यह करीब 20 वर्षों से इस कार्य में लगीं हैं। इनका कहना है कि अगर आपके पास पैसे नहीं है तो आप खाना खा लीजिए, पैसे होंगे तब हमको दीजिएगा।


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जीवन यापन के लिए करती के लिए करती थी काम

सरिता अपने घर का खर्च चलाने के लिए पहले ऑटोमोबाइल कंपनी में कार्य करती करती थी। लेकिन इन्होंने यह नौकरी छोड़ दी। आज स्कूटी पर राजमा चावल लिए लोगों को भोजन कराने लगी हैं। अपने घर में काम करने वाली यहीं थी। काम कर यह अपनी बेटी को कॉलेज में पढ़ाती हैं।

कैसे शुरू हुआ यह कार्य

उन्होंने निश्चय किया कि मैं क्यों नहीं राजमा चावल को बेच कर देखूं कि इससे क्या फायदा हो रहा है। फिर इन्होंने अपने स्कूटी पर राजमा चावल लिया और पीरागढ़ी के स्टेशन पर गईं। वहां उनकी खूब बिक्री हुई और लोगों ने इनके डिश का स्वाद चखा और पैसे भी दिए। इससे इन्हें बहुत खुशी हुई और उन्होंने अपना कार्य जारी रखा। इस पैसे से यह अपनी बेटी को पढ़ाने लगी और जो जरूरतमंद बच्चे हैं, उन्हें किताब कॉपी पेंसिल ड्रेस भी देने लगे।

हुई है तारीफ

इनके कार्यों की तारीफ बहुत से लोगों ने की है। जैसे Avanish जो कि आईएएस ऑफिसर है। इन्होंने भी अपने ट्विटर पर इनके बारे में ट्वीट कर बहुत ही अच्छी बातें लिखी और Pankaj Chaudhary ने भी।

निःस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करने और अपनी बेटी को भी पढ़ाने के लिए The Logically सरिता जी को शत-शत-नमन करता है।