Wednesday, April 21, 2021

पिता हैं मोटर मैकेनिक , बेटे ने स्कॉलरशिप निकाल अमेरिका के स्कूल में टॉप किया : शुभकामनाएं

हमने ऐसी अनगिनत कहानियां कहानियां सुनी है जिसमें लोग कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से हर नामुमकिन कार्य करते हैं और ज़िन्दगी का बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल करते हैं। ऐसे लोगों पर सबको नाज़ होता है , ऐसे ही एक कहानी है शादाब की जिन्होंने अपनी गरीबी और लाचारी के बावज़ूद कड़ी मेहनत कर अमेरिका के एक प्रतिष्ठित संस्थान का स्कॉलरशिप निकालकर वहां से अपनी शिक्षा पूरी की और यह साबित किया कि अगर किसी मे काबिलियत और मेहनत हो तो सफलता के बीच मे गरीबी कभी बाधा नही बन सकती।

शादाब यूपी के अलीगढ़ से सम्बद्ध रखते हैं । बचपन से ही शाबाद पढ़ने में अच्छे थे और इनका सपना था की वो कुछ ऐसा काम करे जिससे उनके परिवार को उनपर नाज़ हो। शादाब के पिता गैराज में मोटर मैकेनिक हैं, गत वर्ष शादाब को एक स्कॉलरशिप मिली, जिससे वह अमेरिका पढ़ने गये। अमेरिका जाने के बाद शादाब ने अपनी जी तोड़ मेहनत और लगन से दसवीं क्लास में स्कूल टॉप कर लिया।

2019 में शादाब ने केनेडी लूथर यूथ एक्सचेंज स्कॉलरशिप हासिल की, जिस कारण अमेरिका के सरकार ने उन्हें 20 लाख रुपए पुरस्कार में दिए इस तरह शाबाद को आगे बढ़ने का साहस मिलता रहा और फिर वो आगे की पढ़ाई के लिए यूएस चले गए। वहां भी उन्होंने 800 विद्यार्थियों के बीच टॉप कर अपनी काबिलियत का परचम लहराया।


शादाब के घर की हालात कुछ अच्छी नहीं थी। उनके परिवार के पास शुरू से ही पास आर्थिक मजबूरियां रहीं और कभी कभी खाने के लिए भी पैसे नहीं रहते थे । उनके पिता लगभग 25 सालों से एक गैराज में बतौर मोटर मैकेनिक के रूप मे काम कर रहे थे। लेकिन जब शाबाद के बारे में उनके पिता ने यह बात सुनी कि उनका बेटा अमेरिका में टॉप कर चुका है तो उन्हें अपने बेटे पर फक्र महसूस हुआ और उन्होंने कहा कि कहा कि भगवान ऐसा बेटा सबको दे जो अपने माता पिता का नाम गर्व से ऊँचा करें।

शादाब की ख्वाहिश है कि वो अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी कर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में मानवाधिकार आयोग में काम करे। इसके लिए वह कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं, लेकिन इनके पिता का सपना है कि वह आईएएस बने। Logically शादाब के लिए प्रार्थना करता है कि उनकी ख्वाहिश जल्दी पूरी हो और वो हमारे देश का नाम रोशन करे।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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