Tuesday, April 20, 2021

छोटे कद का लोगों ने मज़ाक उड़ाया तो अपनी मेहनत से बनी एडवोकेट, आज पूरे समाज के लिए सबक बनी यह लड़की

कहते है कि, हर कामयाब व्यक्ति के पीछे कोई न कोई राज छिपा होता है। कामयाबी के लिए रंग-रूप, फैमिली बैकग्राउंड, बड़ी परिचय तथा कद कोई मायने नहीं रखती है। इसके लिए मायने रखती है हमारी मेहनत , लग्न तथा आत्मशक्ति। जी हाँ, आज हम बात करेंगे एक ऐसी लड़की की जिसने छोटे कद होने के बावजूद भी समाज को बड़ी कामयाबी हासिल करके दिखाया।


‌कौन है वह लड़की :-

‌ 24 वर्षीय हरविंदर कौर (Advocate Harvinder Kaur) उर्फ रूबी, हरियाणा (Hariyana) के रामामंडी की रहने वाली है, जिनकी लंबाई महज 3 फुट 11 इंच है। शुरू से ही एयर होस्टेस बनने की सपना देखने वाली हरविंदर का सपना छोटी हाईट की वजह से पूरी नहीं हो पाई। हरविंदर बताती है की बचपन से ही उनका हाईट ग्रोथ बहुत कम था, जिसके वजह से उन्होने बचपन से हीं लगातार डॉक्टर से इलाज करवाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने मेडिटेशन थेरेपी भी कराया लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ। अंततः उन्होंने एयर होस्टेस बनने का सपना छोड़ दिया।

Advocate Harvinder Kaur



‌लोगो के ताने मारने और मजाक उड़ाने की वजह से तंग आकर खींची सफलता की लंबी लकीर : –



‌ दरअसल छोटे कद होने के चलते आस- पड़ोस के लोग हमेशा हरविंदर कौर का मजाक उड़ाया करते थे तथा ताना मारा करते थे। यहाँ तक कई लोग उनके सपने (एयर होस्टेस बनने) को लेकर भी मजाक उड़ाया करते थे। सभी तरह के बेतुके बातो तथा ताने को नजरअंदाज करते हुए हरविंदर कौर ने मन ही मन यह ठान लिया की मुझे कुछ बड़ा करके दिखाना है। बाद में उन्होंने 12वीं कक्षा पुरा करने के बाद वकालत करने का सोचा।

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‌ताने से तंग होकर आत्महत्या करने का आया विचार :-

‌ हरविंदर कौर (Advocate Harvinder Kaur) ने एक खास बातचीत के दौरान बताया कि, अकसर लोग उनका मजाक उड़ाया करते थे। जिससे उनके मन में तरह-तरह की गलत भावना आ जाती थी और वो डिप्रेशन में चली जाती थी तथा कभी-कभी तो आत्महत्या करने का भी विचार मन में आता था लेकिन बाद में वे इन बातों को पीछे छोड़ते हुए लॉ कॉलेज में एडमिशन करायी तबसे वे पॉजिटिव और खुशहाल रहती है।

Advocate Harvinder Kaur


‌सोशल मीडिया के माध्यम से मिला मार्गदर्शन : –

‌ हरविंदर (Advocate Harvinder Kaur) बताती है कि, 12वीं के परीक्षा के बाद वह हमेशा सोशल मीडिया के माध्यम से मोटिवेशनल विडियो देखा करती थी। सोशल मीडिया के माध्यम से ही उन्होने यह तय किया कि आगे बढ़ना है तथा वकालत करना है। वह हमेशा सोशल मीडिया पर कॉमेंट देखा करती थी, जिसके उनका मनोबल बढ़ा तथा उन्होंने वकालत में दाखिल कराया और अंततः उन्होने वकालत की डिग्री भी हासिल की। अब हरविंदर कौर (Advocate Harvinder Kaur) जालंधर कोर्ट में वकालत करती है और अब जज बनने के लिए तैयारी जुटी है।

‌लोग छोटी बच्ची समझ कर टॉफी और चॉकलेट दे दिया करते है :-



‌ हरविंदर कौर बताती है कि, प्रैक्टिस के दौरान अभी भी कई अनजान लोग उन्हे बच्ची ही समझते है। एक बार तो जब वे कोर्ट रुम गईं तो रीडर सर ने उनसे कहा कि कोर्ट में वकील की ड्रैस पहना कर बच्चे को क्यों लेकर आए हो। इस पर उनके एक साथी वकील ने कहा कि वह भी वकील हीं है। कई बार लोग छोटी बच्ची समझ कर टॉफी और चॉकलेट दे दिया करते हैं।

Advocate Harvinder Kaur


‌ आज भी हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग है जो दूसरे का गलत नामाकारण उनके रंग रूप, हाईट तथा शक्ल के हिसाब से करते है। ऐसे लोगो के लिए हरविंदर की कामयाबी सबक जैसा है। उन्होंने अपने मन की व्यथा को कभी उजागर नहीं होने दिया तथा समाज को यह संदेश दिया की कामयाब होने के लिए हाईट नहीं हौंसले बुलंद होनी चाहिए।

निधि भारती
निधि बिहार की रहने वाली हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी बतौर शिक्षिका काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही निधि को लिखने का शौक है, और वह समाजिक मुद्दों पर अपनी विचार लिखती हैं।

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