Sunday, September 19, 2021

इंजीनियरिंग छोड़ मुर्राह नस्ल की भैसों से शुरू किए काम, दूध बेचकर खड़ा किये 150 करोड़ का कारोबार

भारत गांवों का देश है। अगर भारत को विकास की ऊंचाईयों पर पहुंचना है तो यहां के गांव का विकास बेहद आवश्यक है। आज बात एक ऐसे शख्स बलजीत सिंह रेठु की जिन्होंने गाँव के परिवेश में रहते हुए अपनी सूझबूझ से ना सिर्फ खुद को सफल व्यापारी बनाया बल्कि अन्य लोगों को इस रूप में प्रेरित भी किया कि गांव में रहकर भी सफल बना जा सकता है और गाँव को विकसित बनाया जा सकता है। आईए जानें उनके कारोबार के बारे में…

शुरूआती असफलता से सफलता पाने तक का सफर

हरियाणा के 51 वर्षीय बलजीत सिंह रेठु ने एक सफल कारोबारी के रूप में पहचान बनाई। बलजीत सिंह रेठु ने सबसे पहले मुर्गी पालन के लिए हैचरी का बिजनेस शुरू किया था। लेकिन इसमें वो सफल नहीं रहे। फिर इन्होंने 2006 में ब्लैक गोल्ड के नाम से पंजाब और हरियाणा में 10 भैंसों के साथ डेयरी कारोबार की शुरुआत की और इस कारोबार में बलजीत सिंह रेठु सफल हुए। बलजीत सिंह रेठु कहते हैं कि हमारे भारत में देशी नस्ल के मुर्रा भैंस को लोग नजरअंदाज कर देते हैं और विदेशी नस्लों के मुर्रा भैंसों को ज्यादा महत्व देते हैं। भारत में मुर्रा भैंसों की कीमत आज लाखों में है। खुद बलजीत सिंह रेठु ने कुछ महीने पहले मुर्रा भैंस की कटड़ी को 11 लाख रूपए में बेचा था।

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दूध के प्लांट की स्थापना

बलजीत सिंह रेठु अपने कारोबार में मुनाफा के साथ-साथ हरियाणा के युवाओं को रोजगार के लिए उन्होंने जींद में एक मिल्क प्लांट लगाया है। जिसमे यहां के युवाओं को रोजगार मिल सके। इस मिल्क प्लांट से 14 हजार दूध उत्पादक जुड़े हुए हैं। किसानों को आधुनिक टेस्टिंग उपकरण के साथ- साथ उत्तम किस्म के चारा भी उपलब्ध करवाया जाता है। यहां 40-50 लोगों की टीम हमेशा उपलब्ध रहती है ताकि हर तरह की जानकारी और सुविधा यहां के उत्पादकों तक पहुंच सके। बलजीत सिंह रेठु के पूरे हरियाणा में 120 मिल्क बूथ और 300 से ज्यादा मिल्क कलेक्शन सेंटर है।

“लक्ष्य” फूड ब्रांड

बलजीत सिंह द्वारा लगाए गए दूध प्लांट में तैयार उत्पाद हरियाणा में “लक्ष्य फूड ब्रांड” के नाम से उपलब्ध हैं। इसमें दूध, दही, पनीर, आइस्क्रीम, घी, बटर और स्वीट्स जैसे खाद्य पदार्थ हैं। वर्तमान में इस कंपनी की उत्पादन क्षमता 1.5 लाख लीटर दूध प्रतिदिन की है। इस कंपनी ने अपनी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए टेट्रपैक टेक्नोलॉजी से उत्पादों को लैस किया है। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के कारण इनके उत्पाद बेहद चर्चित हैं।

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बड़ी-बड़ी कम्पनियों से होती है डील

बलजीत सिंह रेठु दूध से अपना कारोबार शुरू कर आज 150 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं। अपनी लगन और मेहनत से आज बलजीत सिंह रेठु के पास उनकी क्लाइंट लिस्ट में बड़े- बड़े कम्पनियों के नाम शामिल हैं। उनमें प्रमुख मदर डेयरी, गार्डन डेयरीज, ताज ग्रुप, द एरोमा, गोपाल स्वीट्स, सिंधी स्वीट्स और चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस। इसमें रेठु ग्रुप के अन्तर्गत रेठु हैचरीज प्राइवेट लिमिटेड, रेठु फार्म प्राइवेट लिमिटेड और जे एम मिल्स प्राइवेट लिमिटेड भी आते हैं।

बलजीत सिंह रेठु ने अपने दूध उत्पादकों के अलावा मुर्रा भैंस और होल्सटीन गायों का ब्रीडिंग केंद्र भी खोल रखा है। यहां पर पैदा हुए अनेक किस्म के बछड़े एवं कटड़ों को पूरे भारत देश भर में बेचा जाता है। बलजीत सिंह रेठु का सपना है कि वह हरियाणा को विश्व के मानचित्र पर वहाँ की संस्कृति दूध व दही के नाम से पहचानी जाए। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2020 तक दूध की मांग लगभग 20 करोड़ टन पहुंचने की उम्मीद है।

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बलजीत सिंह रेठु जी ने जिस तरह और जिस रूप में दूध के कारोबार की स्थापना की उससे कई पशुपालक और किसान भी जुड़े। उनके दूध प्लांट में कई लोगों से दूध खरीद जाता है जिसके लिए कई कलेक्शन सेंटर भी बनाए गए हैं उससे कई लोगों के लिए आमदनी का माध्यम का भी सृजन हुआ है। बलदीत सिंह रेठु ने अपने कार्य और सफलता से लोगों के लिए प्रेरणा की मिसाल पेश की है। The Logically बलजीत सिंह रेठु जी को उनकी सफलता हेतु बहुत बहुत बधाईयाँ देता है।