भारत में जब कोरोना का संक्रमण फैलना शुरू हुआ था तब भारत सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया । जिसका सीधा मतलब था सारा आर्थिक गतिविधि बंद जो जहाँ है वहीं रहे । लॉकडौन का फैसला संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए काफी जरूरी था लेकिन इस फैसले से सबसे ज्यादा जिन लोगों की ज़िंदगी पर असर हुआ वो थे दिहाड़ी मजदूर , जो बेचारे रोज कमाने रोज खाने वाले थे । इन मजदूरों का काम धंधा बन्द होने के कारण खाने को भी लाले पड़ने लगे । जो भी मजदूर जिस भी राज्य में थे वहां की राज्य सरकारों ने तो ये घोषणा किया कि वे उन मजदूरों के रहने खाने का इंतेजाम करेंगें लेकिन ये घोषणा जमीनी हकीकत से इतर थी । असल में उन मजदूरों की सहायता कोई नही कर रहा था । ऐसे में धीरे-धीरे उन मजदूरों का धैर्य जवाब देने लगा और वो पैदल ही अपने परिवार , छोटे-छोटे बच्चों के साथ गांव के लिए निकल पड़े । सङक पर हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपने घर को पहुंचना इतना आसान नहीं है । जेब में पैसे नहीं , खाने को कुछ भी नहीं । सहजीय कल्पना की जा सकती है कि सङक पर चल रहे उन लोगों की हालत क्या हो रही है । ऐसे में झारखंड की सरकार ने अपने पूरे राज्य में सङकों पर पैदल आने-जाने वाले मजदूरों के लिए “Community Kitchen” का इंतजाम करने जा रही है ।

झारखंड सरकार का कम्युनिटी किचेन

क्या है “Community Kitchen”

झारखंड सरकार ने जो भी मजदूर उनके राज्य से पैदल चलते सड़कों पे मिलेंगे उनके लिए बिल्कुल मुफ्त में खाने-पीने का इंतेजाम करने जा रही है । चाहे वो मजदूर झारखंड के हों या अन्य दूसरे राज्यों के उनके साथ कोई भेद-भाव नहीं किया जाएगा । ये Community Kitchen झारखंड के हर नेशनल हाईवे , स्टेट हाईवे पर 20 किलोमीटर के अंतराल पर होगा । झारखंड सरकार ने कहा है कि Community Kitchen के लिए 94 जगहों को चिन्हित किया गया है जो जल्द ही पैदल चलने को मजबूर गरीब मज़दूरों की सेवा में कार्य कर रहा होगा ।

रोज हजारों पैदल चलने वाले मजदूर होंगे लाभान्वित

केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए सैंकड़ों ट्रेन चला रही है । राज्य सरकार भी बसों के माध्यम से मजदूरों को ला रही है लेकिन इन सब के बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में यातायात संसाधनों की पूर्ति नही होने के कारण मजदूर अपने घर भूखे-प्यासे पैदल जाने को मजबूर हैं । मजदूरों को घर जाने के क्रम में सबसे ज्यादा समस्या खाने-पीने की आती है , कई दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए मजदूरों को पैदल चलना पड़ता है ऐसे में झारखंड सरकार की ये पहल “Community Kitchen” से हर रोज हजारों भूखे-प्यासे मजदूरों को भोजन मिल पायेगा जिससे उनके आगे का सफर थोड़ा आसान होगा । इस कार्य के लिए एक पेट्रोलिंग टीम होगी जो उन पैदल चल रहे मजदूरों को Community Kitchen तक पहुंचाएगी तथा भोजन करने के बाद इन मजदूरों को अपने गंतव्य स्थान के लिए छोड़ेगी । उन लाचार , बेबस पैदल चलने वाले मजदूरों जो झारखण्ड राज्य से होकर गुजरेंगे के सहायतार्थ झारखंड सरकार का ये कदम मरहम का काम करेगी ।

जहाँ एक तरफ राज्य सरकारें इन दिनों मजदूरों पर भी राजनीति करने में लगी हुई है ऐसे में भूखे गरीब मजदूरों के लिए ‘झारखण्ड सरकार’ का ये कदम प्रशंसा योग्य है ।

Shaurya is next generation youth . Involved in works like education and environment , he utilizes his leisure time. He loves to interact with change-makers and write about them through his blogs.

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