Wednesday, December 2, 2020

कचड़े से कारोबार, घर से निकले कचड़े से खाद, सजावट के समान और अनेकों चीज़ें बनाकर विदेशों मे भी बेच रही हैं: Daily Dump

हमारे घरों से हर रोज बहुत सारे अपशिष्ट पदार्थ निकलते है। जैसे- पॉलीथिन, कागज, प्लास्टिक के साथ ही हमारे किचन से भी अनेकों प्रकार के कचरे निकलते है। अक्सर हम उन्हें खाली जगहों पर बेकार समझ कर फेंक देते है। क्या हम कभी यह सोचते है ? इन कचरों का क्या होता है.. शायद नहीं। यह कचरे हमारे पर्यावरण को प्रदूषित करते है जिससे अनेकों प्रकार की बीमारियां होती है। लेकिन हमारे समाज में ऐसे भी उद्यमी है जो इन बेकार कचरों में भी व्यवसाय ढूंढ़ लेते है। कई तो इस कचरों को डिस्पोज करके पुनः उपयोग में भी लाते है। ऐसी ही एक महिला है पूनम बीर कस्तूरी जो पिछले कई सालों से कचरे को नायाब तरीके से उपयोग में लाने का काम कर रही है।

पूनम बीर कस्तूरी (कचरे वाली)

पूनम बीर कस्तूरी (Punam Bir Kasturi) को लोग प्यार से “कचरे वाली” कहते है। पूनम अहमदाबाद से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की पढ़ाई की है। आगे वह बेंगलौर के सृष्टि स्कूल ऑफ आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नॉलिजी की संस्थापक रह चुकी हैं।

कचरा हमारे घर का हो या बाहर का.. वह हमारे कितने काम का होता है यह कोई पूनम से ही सीखे। वह कचरों का अनेकों प्रकार से इस्तेमाल करना जानती है। इनसे प्रेरणा लेकर अब कई लोग कचरे का सही इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे हम आर्गेनिक चीजें बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

डेली डम्प की शुरुआत

जानकारों के मुताबिक कचरों में हो रहे बढ़ोतरी को यदि रोका नहीं गया तो यह 2025 तक दुनिया में 6 मिलियन टन सोलिड वेस्ट होगा। ज्यादातर हम बेकार चीजों को यूं हीं बाहर फेंक देते है लेकिन उसके पुनः उपयोग के बारे में कम सोचते है। वहीं पूनम पिछले 7 सालों से कचरे से निजात पाने का काम कर रही है। पूनम के अनुसार हम घर से निकले कचरों में 80% कचरों का पुनः उपयोग कर सकते है, जिसके मद्देनजर वह “डेली डम्प” (Daily dump) की शुरुआत की। डेली डम्प की मदद से घर से निकले कूड़े से उर्वरक बनाने के साथ टेराकोटा से जुड़ी कई ख़ूबसूरत चीजें भी बनाई जाती है।

डेली डम्प (Daily dump) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका देश ही नहीं विदेशों में भी उपयोग किया जा रहा है। इसका देश में जहां 12 सेंटर है वहीं विदेश में 2 है। डेली डम्प में लोगों को मुफ्त में तकनीकी ज्ञान दिया जाता है जिससे वह टेराकोटा से जुड़े उत्पाद बना सकें। कचरा फैलाने का मुख्य वजह समय की कमी के साथ लोगों में जगुराकता की भी कमी है। जिसके लिए पूनम लोगों के बीच डेली डम्प के बारे में जगुरकता भी फैलती है। इसकी मदद से किसी भी बेकार पदार्थ को उर्वरक के रूप में पुनः निर्माण किया जाता है।

डेली डम्प का हम अपने रोजमर्रा की ज़िंदगी में अपने घर में इस्तेमाल कर सकते है। जिसमें एक बार कूड़ा इस्तेमाल करने के बाद आर्गेनिक कूड़े में परिवर्तित हो जाता है। इसमें कूड़े के साथ एक खास तरह का पाउडर भी डाला जाता है जो डेली डम्प के ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टोर में भी आसानी से मिल जाता है। इस प्रक्रिया में कचड़े और पाउडर को मिलाकर कंटेनर से ढका जाता है। अंततः कचरा उर्वरक में परिवर्तित हो जाता है।

पूनम बीर कस्तूरी (Punam Bir Kasturi) ने कचरे से निजात पाने के लिए को कार्य किया है, वह सराहनीय है। The Logically पूनम द्वारा उठाएं गए नायाब तरीके और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्हें धन्यवाद देता है।

Anita Chaudhary
Anita is an academic excellence in the field of education , She loves working on community issues and at the same times , she is trying to explore positivity of the world.

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