Wednesday, January 20, 2021

लॉकडाउन में खाली समय मिला तो इस कारपेंटर ने लकड़ी का साइकिल बना दिया, विदेशों से भी इसके डिमांड हो रहे हैं

लॉक डाउन में खाली समय का सदुपयोग कर बना दी इको फ़्रेंडली साइकिल। देश विदेश से मिल रहे है आर्डर।

खुद पर विश्वास हो और काम के प्रति ईमानदारी हो तो हम हर वो मुकाम हासिल कर सकते हो जो हम चाहते हैं। कुदरत का करिश्मा हर रोज देखने को मिलता है मन से सोच लो तो दुनिया की कोई भी चीज़ हमें अपनी मंज़िल से दूर नही कर सकती, लोग क्या कहते है उसकी परवाह किये बिना खुद पर विश्वास करके मंज़िल की ओर आगे बढ़ते रहो। मंज़िल को पाने के लिए सम्पूर्ण ऊर्जा के साथ काम में लग जाए तो निश्चय ही हमको सफलता मिलेगी।
आज हम बात कर रहे हैं धनीराम जी की जिन्होंने कोरोनकाल में एक ऐसा अविष्कार किया जिसके बारे में हम सोच भी नही सकते उन्होंने बचे हुए समान से लकड़ी की इको फ्रेंडली साइकिल बनाई जिसे बहुत लोग पसंद कर रहे है।

धनी राम जी के बारे में

धनी राम की उम्र 40 साल है। वह पंजाब के एक छोटे से गॉव जिराखपुर के रहने वाले है। वह एक मिडल क्लास परिवार से है वह पिछले 25 वर्षों से कारपेंटर का काम कर रहे है। लॉक डाउन की वजह से उनका काम बन्द हो गया था सभी लोग लॉकडाउन में अपनी अपनी हॉबी पर काम कर रहे थे धनीराम जी ने बचे हुए समान का इस्तेमाल कर एक इको फ्रेंडली साइकिल बना दी

आसान नहीं थी राह

जैसा कि हम सब लोग जानते हैं लॉक डाउन में सब जगह निराशा छा रही थी दिन-ब-दिन शायद घरेलू हिंसा व सुसाइड जैसी खबरे देखने और सुनने को मिल रही थी नकारात्मकता बढ़ती ही जा रही थी। धनी राम कहते है कि मैंने सोचा क्यों अपना दिमाग खराब करें क्यूँ ना यह दिमाग किसी काम मे लगाया जाए। तब मैंने साइकिल बनाई। इससे बनने में लगभग 4 महीने का समय लग गया।

की नई शुरुआत

मैं कारपेंटर हूँ मैं खिड़की व दरवाजे बनाने का काम करता था। लॉक डाउन में कुछ नया करने की सोची और साइकिल बनाने की शुरूआत की। वह कहते है जब मैंने पहले प्रयास में साइकिल को तैयार किया तो यह 50% तक कि सही बनी थी तब ज्यादा कंफर्टेबल नही थी फिर मैंने दूसरे प्रयास में कैनेडियन वुड का इस्तेमाल किया इसमें मैं 75% तक सफल रहा फिर मैंने व्हील्स और बास्केट पर मडगार्ड लगाया जिससे यह काफी स्मूद और कंफर्टेबल हो गयी इस बार मे 100% तक सफल रहा यह मेरे लिए सुखद पल था।

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मिल रही है देश विदेश से सराहना

सोशल मीडिया पर इस साइकिल को काफी पसंद किया जा रही है। यहाँ तक कि हीरो साइकिल के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मुंजल ने भी उन्हें बधाई दी और उनके काम की प्रशंसा की। जिससे वह काफी खुश है वह कहते है आज इस इको फ्रेंडली साइकिल ने मेरी किस्मत ही बदल दी। आज पूरे भारत के साथ साथ विदेशो से भी आर्डर मिल रहे है जैसे मोगा, पंजाब, जालंधर, गोविंदगढ़, दिल्ली, गुजरात व चेन्नई तक सर आर्डर मिल रहे है यहाँ तक कि उन्हें कैनेडा व साउथ अफ्रीका से भी आर्डर मिले। इस साइकिल से रोजाना 25 से 30 की. मि तक कि यात्रा की जा सकती है जिससे बरसात के समय मे कोई परेशानी नही होगी। इसकी कीमत 15000 रुपये है। घनी राम इस साइकिल को और आरामदायक व आकर्षक बनाने के लिए काम कर रहै है। अब तक धनीराम जी ने अनेको वर्कशॉप ली और वह काफी सफल भी रही।

Anu Gangwal
दिल्ली विश्वविद्यालय से एम ए और ट्रांसलेशन कर चुकी है अनु साहित्य में विशेष रुचि रखती हैं। इनकी रचनाएँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं तथा वेबसाइटों पर प्रकाशित होती रहती हैं। वर्तमान में फ्रीलांसर राइटर, एडिटर, प्रूफरीडर तथा ट्रांसलेटर का कार्य कर रही हैं।

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