Sunday, December 5, 2021

ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, पुराने प्लास्टिक के डब्बों से खेती करने का आसान तरीका: पूरी विधि सीखें

घर में खाली पड़े प्लास्टिक के बोतल को अक्सर हम कूड़े में फेंक देते हैं क्योंकि हमें उसका सही उपयोग नहीं मालूम। लेकिन कई लोग इसके उपयोग का नायाब तरीका ढूंढते रहते है। इसके कई कारण है, कहीं पर संसाधनों की कमी रहती है तो किसी को जुगाड़ से तकनीक विकसित करने की इच्छा। अक्सर किसानों को खेती करने में सिंचाई की असुविधा होती है, जिसे आसान बनने के लिए वे कोई न कोई जुगाड़ ढूंढ़ हीं लेते है। आज हम आपको सिंचाई की प्रक्रिया आसान बनाने की जुगाड़ तकनीक के बारे में बताएंगे।

कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर मध्यप्रदेश के एक किसान रमेश बरिया की कहानी खूब सुर्खियों में हैं। रमेश बेकार पड़ी ग्लूकोज की बोतलों से पौधों में पानी डालने के लिए ड्रीप इर्रिगेशन सिस्टम बनाए और सब्जियां उगाए, जिससे उनकी फसल काफी अच्छी हुई। उन्हें अच्छा मुनाफा भी हुआ। रमेश की तरह ही कई किसान सिंचाई की समस्या से परेशान है, कहीं पानी की सुविधा है तो वहां संसाधनों की कमी। आज हम आपको वैसे हीं जुगाड़ तकनीक के बारे में बताएंगे जिसे अपनाकर आसानी से पौधों में पानी डाला जा सकता है। इससे पानी की भी बचत होगी और हमारी फसल भी अच्छी होगी। आइए जानते है क्या है वह जुगाड़ –

आज हम प्लास्टिक की बोतल से ड्रीप इर्रिगेशन सिस्टम बनने की प्रक्रिया जानेंगे।

इसे बनाने के लिए निम्न समग्रियों की आवश्यकता है –

प्लास्टिक की खाली बोतल ढक्कन के साथ, बोतल में छेद करने के लिए कोई नुकीली चीज़, बोतल को काटने के लिए कैची।

1.  ड्रीप इर्रिगेशन सिस्टम बनाने की प्रक्रिया –

*  सबसे पहले हम प्लास्टिक की बोतल के ढक्कन में किसी नुकीली चीज़ की मदद से 3-4 छोटे छिद्र करेंगे।

*  उसके बाद बोतल की तली को काट देंगे

*  बोतल को पेड़ की जड़ के पास मिट्टी में गड्ढा करके उल्टे साइड से (ढक्कन की तरफ से) गाड़ देंगे

*  बोतल में कटे हुए साइड से पानी डालेंगे

*  बाद में बोतल के कटे हुए हिस्से से उसे ढक देंगे।

इस प्रक्रिया से बोतल के दक्कन में कटे हुए हिस्से से बूंद-बूंद करके पानी पेड़ की जड़ों तक पहुंचेगी। जिससे हमारी पानी की बचत होगी और समय की भी। आप नीचे दिए हुए वीडियो में पूरी प्रक्रिया देख सकते है।

2.  हैंगिंग ड्रीप इर्रिगेशन सिस्टम
इस प्रक्रिया में हमें ऊपर बताई हुई चीज़ों के साथ रस्सी या तार की आवश्कता पड़ेगी, जिसका उपयोग हम बोतल के बांधने के लिए करेंगे।

विधि –
*  इसमें भी पहले हम बोतल के अंतिम भाग को काट लेंगे

*  बोतल के निचले हिस्से में दो जगह छिद्र करके तार या रस्सी की सहायता से नीचे की तरफ उल्टा कर लटका देंगे।

*  जहां हमें इस सिस्टम को लगाना होगा वहां दो साइड से रॉड या डंडे जमीन में गाड़ देंगे।

*  जिसमें बोतल को रस्सी या तार की सहायता से आवश्यकतानुसार दूरी पर बांध देंगे और जरूरत जितना पानी हम बोतल में भरते रहेंगे।

इस तरह से हैंगिंग ड्रीप इर्रिगेशन सिस्टम बनकर तैयार हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को आप दिए गए वीडियो में देख सकते है :-

3.  रस्सी वाला इर्रिगेशन सिस्टम
रस्सी वाला इर्रिगेशन सिस्टम बनाने के लिए हमें खाली बोतल, कोई नुकीली चीज़, कैची और रस्सी की जरूरत पड़ेगी।

बनाने की प्रक्रिया –

*  इसमें सभी बोतलों में ऊपर और नीचे दोनों ही साइड से नुकीली चीज़ से छेद करेंगे।

*  दोनों छिद्रों में रस्सी बोतल के अंदर से डालेंगे, इसमें रस्सी का एक सिरा बोतल के अंदर रहेगा और एक बाहर।

*  दोनों छिद्रों के बीच बोतल को कैची की मदद से X आकार में काट लेंगे।

*  उन बॉटल्स को हॉरिजॉन्टली गमलों में रख देंगे जिससे रस्सी की सहायता से पौधों को बूंद-बूंद पानी मिलते रहेगा।

इस प्रक्रिया की पूरी वीडियो हम आगे देख सकते है –

4.  आईवी ड्रिप वायर से ड्रिप इर्रिगेशन सिस्टम बनना

इसे बनाने के लिए हमें खाली बोतल और ग्लूकोज के बोतल के साथ उपयोग होने वाले आईवी ड्रिप वायर, कोई लकड़ी या रॉड और कोई नुकीली चीज़ की आवश्यकता पड़ती है।

बनाने की प्रक्रिया –

*  सबसे पहले हम ड्रिप वायर को काट लेंगे जिसमें फ्लो को कंट्रोल करने वाला सिस्टम लगा हो।

*  आगे बोतल के ढक्कन में एक छेद करेंगे और ढक्कन के छिद्र में आईवी वायर लगाएंगे।

*  बोतल में पानी भरेंगे और बोतल को हम पौधों के पास लकड़ी या रॉड की सहायता से उल्टा टांग देंगे।

*  ड्रिप वायर में लगे कंट्रोलर से हम पानी के बहाव को कम या ज्यादा कर सकते है।

पूरी प्रक्रिया आप नीचे दिए गए वीडियो में देख सकते है।

इन सारी इर्रिगेशन सिस्टम को अपना कर हम आसानी से पौधों में पानी डाल सकते है। कहीं भी पौधे लगाने में हमारी पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी और पानी की बचत भी होगी। आप भी इस जुगाड़ तकनीक को जरूर अपनाएं।