Wednesday, December 2, 2020

गांव में नेटवर्क नही रहता था, बहन के ऑनलाइन पढाई के लिए भाइयों ने जंगल में झोपड़ी बना डाली

हमारे देश में टेक्नोलॉज़ी का बहुत ज़्यादा विस्तार हो रहा है। आज पूरी दुनिया में स्मार्टफोन का जमाना आ गया है। शहरों से लेकर गांवों तक भी स्मार्टफोन का उपयोग हो रहा है लेकिन गांव देहात में अभी भी नेटवर्क की समस्या बहुत ज़्यादा है। देहातों में नेटवर्क के दिक्कतों को ठीक करने की कोशिश चल रही है लेकिन अभी तक इसमें सुधार नहीं हुआ है।

कोरोना के लॉकडाऊन में सभी स्कूल, कॉलेज बंद हो गये हैं। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लास की मदद लेनी पर रही है। अधिकतर छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है लेकिन देहात में नेटवर्क की समस्या के कारण देहात में रहने वाले बच्चों की शिक्षा अच्छे से नहीं हो पा रही है। इसी समस्या से परेशान होकर कुछ छात्र पेड़ पर चढ़ कर पढ़ाई कर रहें हैं तो कुछ जंगल में चले जा रहे हैं। छात्रों का यह हाल देख के बहुत तकलीफ़ होती है। ये जो हमारे देश के भविष्य हैं, उनकी शिक्षा अच्छे ढंग से नहीं हो पा रही है।

यह भी पढ़े :-

गांव में नेटवर्क नही रहता तो शिक्षक पेड़ पर बैठाकर नोट्स डाऊनलोड कराते हैं: जहां चाह वहां राह

ऐसे ही एक आदिवासी बच्ची ने अपनी सेकेंडरी शिक्षा (12th) ऐसे गांव से की जहां नेटवर्क नहीं है। इसके आगे की पढ़ाई ऑनलाइन थी इसलिए उस आदिवासी बच्ची के भाईयों ने अपनी बहन के लिए जंगल में ऐसी जगह झोंपड़ी बनायी हैं जहां नेटवर्क अच्छे से काम करता है। वह आदिवासी बच्ची उस झोंपड़ी में सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक ऑनलाइन क्लास की सहायता से अपनी आगे की पढ़ाई करती हैं।

इस आदिवासी बच्ची ने 12th क्लास तो जंगल में बिना नेटवर्क वाले गाँव से की,आगे शिक्षा ऑनलाइन ही थी, चार भाइयों ने जंगल में ऐसी जगह झौपड़ी बनाई जहाँ मोबाइल नेटवर्क है तो वहाँ से ऑनलाइन क्लास लेकर आगे की पढ़ाई कर रही है.
7am to 7pm इसमें पढ़ती है.@HemantSorenJMM#WednesdayMotivation pic.twitter.com/smmhSnC4gh

— Dev Prakash Meena (@DevprakashIRS) August 19, 2020

ऐसे ही महाराष्ट्र (Maharaastra) के नंदुरबार जिले के धदगाव (Dhadagaaw) गांव में नेटवर्क अच्छे तरीके से काम नहीं करने के कारण उस गांव के लक्ष्मण पवार (Lakshman Pawaar) नामक शिक्षक ने छात्रों को पढ़ाने के लिए पहाड़ी या पेड़ पर ले जातें हैं।

The Logically यह आशा करता है कि आनेवाले कुछ समय में हमारे देश में नेटवर्क की समस्या जल्द ही खत्म होगी। ऐसे छात्र और शिक्षक जिन्हें ज्ञान के लिए इतनी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा हैं, उनको हृदय से नमन करता हैं। बेहतरीन शिक्षा नीति को सही ढंग से सुचारु रूप से चलाने के लिए छात्रों के बुनियादी ज़रूरतों को पुरा करना ज़रूरी है।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

अपने स्वाद के लिए मशहूर ‘सुखदेव ढाबा’ आंदोलन के किसानों को मुफ़्त भोजन करा रहा है

किसान की महत्ता इसी से समझा जा सकता है कि हमारे सभी खाद्य पदार्थ उनकी अथक मेहनत से हीं उपलब्ध हो पाता है। किसान...

एक ही पौधे से टमाटर और बैगन का फसल, इस तरह भोपाल का यह किसान कर रहा है अनूठा प्रयोग

खेती करना भी एक कला है। अगर हम एकाएक खेती करने की कोशिश करें तो ये सफल होना मुश्किल होता है। इसके लिए हमें...

BHU: विश्वविद्यालय को बनाने के लिए मालवीय ने भिक्षाटन किया था, अब महामाना को कोर्स में किया गया शामिल

हमारी प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत हमारे घर से होती है। आगे हम विद्यालय मे पढ़ते हैं फिर विश्वविद्यालय में। लेकिन कभी यह नहीं सोंचते...

IT जॉब के साथ ही वाटर लिली और कमल के फूल उगा रहे हैं, केवल बीज़ बेचकर हज़ारों रुपये महीने में कमाते हैं

कई बार ऐसा होता है जब लोग एक कार्य के साथ दूसरे कार्य को नहीं कर पाते है। यूं कहें तो समय की कमी...