हमारे देश में टेक्नोलॉज़ी का बहुत ज़्यादा विस्तार हो रहा है। आज पूरी दुनिया में स्मार्टफोन का जमाना आ गया है। शहरों से लेकर गांवों तक भी स्मार्टफोन का उपयोग हो रहा है लेकिन गांव देहात में अभी भी नेटवर्क की समस्या बहुत ज़्यादा है। देहातों में नेटवर्क के दिक्कतों को ठीक करने की कोशिश चल रही है लेकिन अभी तक इसमें सुधार नहीं हुआ है।

कोरोना के लॉकडाऊन में सभी स्कूल, कॉलेज बंद हो गये हैं। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लास की मदद लेनी पर रही है। अधिकतर छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है लेकिन देहात में नेटवर्क की समस्या के कारण देहात में रहने वाले बच्चों की शिक्षा अच्छे से नहीं हो पा रही है। इसी समस्या से परेशान होकर कुछ छात्र पेड़ पर चढ़ कर पढ़ाई कर रहें हैं तो कुछ जंगल में चले जा रहे हैं। छात्रों का यह हाल देख के बहुत तकलीफ़ होती है। ये जो हमारे देश के भविष्य हैं, उनकी शिक्षा अच्छे ढंग से नहीं हो पा रही है।

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ऐसे ही एक आदिवासी बच्ची ने अपनी सेकेंडरी शिक्षा (12th) ऐसे गांव से की जहां नेटवर्क नहीं है। इसके आगे की पढ़ाई ऑनलाइन थी इसलिए उस आदिवासी बच्ची के भाईयों ने अपनी बहन के लिए जंगल में ऐसी जगह झोंपड़ी बनायी हैं जहां नेटवर्क अच्छे से काम करता है। वह आदिवासी बच्ची उस झोंपड़ी में सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक ऑनलाइन क्लास की सहायता से अपनी आगे की पढ़ाई करती हैं।

इस आदिवासी बच्ची ने 12th क्लास तो जंगल में बिना नेटवर्क वाले गाँव से की,आगे शिक्षा ऑनलाइन ही थी, चार भाइयों ने जंगल में ऐसी जगह झौपड़ी बनाई जहाँ मोबाइल नेटवर्क है तो वहाँ से ऑनलाइन क्लास लेकर आगे की पढ़ाई कर रही है.
7am to 7pm इसमें पढ़ती है.@HemantSorenJMM#WednesdayMotivation pic.twitter.com/smmhSnC4gh

— Dev Prakash Meena (@DevprakashIRS) August 19, 2020

ऐसे ही महाराष्ट्र (Maharaastra) के नंदुरबार जिले के धदगाव (Dhadagaaw) गांव में नेटवर्क अच्छे तरीके से काम नहीं करने के कारण उस गांव के लक्ष्मण पवार (Lakshman Pawaar) नामक शिक्षक ने छात्रों को पढ़ाने के लिए पहाड़ी या पेड़ पर ले जातें हैं।

The Logically यह आशा करता है कि आनेवाले कुछ समय में हमारे देश में नेटवर्क की समस्या जल्द ही खत्म होगी। ऐसे छात्र और शिक्षक जिन्हें ज्ञान के लिए इतनी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा हैं, उनको हृदय से नमन करता हैं। बेहतरीन शिक्षा नीति को सही ढंग से सुचारु रूप से चलाने के लिए छात्रों के बुनियादी ज़रूरतों को पुरा करना ज़रूरी है।

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