सफलता यूं ही हासिल नहीं होती इसके लिए तैयार रहने की जरूरत होती है, हमेशा अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। कुछ लोग छोटे से गांव से होकर भी सफलता का इतिहास रचते हैं तो कुछ बड़े शहरों में भी रहकर आम व्यक्तियों की जिंदगी जीते हैं। कुछ हैं जो अपनी पहली या दूसरी हार से पूरी तरह परास्त होकर बैठ जाते हैं और अन्य कार्य कर अपना गुजर बसर करने लगते हैं वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो हार से सीख लेकर जीत की कहानी लिखने की कोशिश में दुबारा से लग जाते हैं।

आज हम आपको बिहार की छोटे से गांव की एक लड़की से रूबरू करायेंगे जो अपनी पहली हार से रुकी नहीं और अपने लक्ष्य को हासिल कर सभी लड़कियों के लिए मिसाल बनीं। आइये जानते है फिर.. कैसा था इनका सफर।

दिव्या शक्ति

बिहार (Bihar) के मुज़्ज़फरपुर (Muzzafarpur) की निवासी Divya Shakti ने अपनी दूसरे प्रयास में IAS की परीक्षा देते हुए, वर्ष 2019 में 79वीं स्थान प्राप्त कर अपने लक्ष्य को हासिल किया। इन्होंने अपनी पहली परीक्षा यह देखने के लिए दिया था कि यह एग्जाम होता कैसे है। बिना किसी तैयारी के एग्जाम देने गई थी। दिव्या ने यह बताया कि हम सिर्फ परीक्षा में जाकर यह नहीं जान सकते कि यह कैसे होगा और इसकी तैयारी को कैसे करनी है।

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दिव्या ने एक वीडियो में दिखाया है कि कैसे इसका इटरव्यू होता है। इनका यह इंटरव्यू दिल्ली नॉलेज ट्रैक का है।

बचपन से नहीं था सपना IAS का

इन्होंने अपने इस इंटरव्यू में बताया है कि यह बचपन से UPSC नहीं फेस करना चाहती थी। दिव्या ने बीटेक की पढ़ाई बिट्स पिलानी से की है। यह एक इंजीनियर रहीं। फिर इन्होंने मास्टर्स की डिग्री अर्थशास्त्र से प्राप्त की और आगे एक अच्छी कम्पनी में नौकरी करने लगी। यह काम तो कर रही थी लेकिन मन में ने कुछ अलग करने की चाहत थी। दिव्या के कुछ सीनियर UPSC को पास कर लियें थे और कुछ इसमे लगें हुये थे। दिव्या ने सोचा कि क्यों ना मैं भी इसकी तैयारी करूं। फिलहाल उन्होंने बस सोचा था क्योंकि दिव्या का मानना था कि आपकी खुशी किस कार्य में है, उसे सोच समझकर तय कीजिए ताकि आगे कोई परेशानी ना हो कि मैंने अपने मन मुताबिक कुछ हासिल नहीं किया। आपको आगे खुशी मिले, न की पछतावा हो। इन्होंने पूरे 1 वर्ष लगा दियें यह मालूम करने में की उन्हें कौन सा लक्ष्य हासिल करना है। इतने दिनों बाद इन्होंने इसका निर्णय लिया और इसमें पूरी तरह लग गईं।

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खुद को हमेशा तैयार रखें

दिव्या ने बताया कि अगर हम किसी की देखा-देखी इसे पाना चाहतें हैं तो ऐसा नहीं होगा। इसके लिए हमारा मोटीवेशन बहुत ही स्ट्रांग होना चाहिए। क्योंकि जब हम परीक्षा पास करते हैं तो भी आगे 2 साल तक मेहनत करना पड़ता है। इसलिए पहले सभी जानकारी लेना और खुद को इस कार्य मे लगाये रहना जरूरी है। दिव्या ने पहले इन सारे विषयों की जानकारी प्राप्त करी कि कैसे क्या करना है, तैयारी कैसे करनी है सब। आखिर इन्होंने 1 साल तैयारी से अपनी सफलता हासिल कर ली।

परीक्षा के लिए कुछ जरूरी बातें

दिव्या ने यह जाहिर किया कि ज्यादातर परीक्षा की तैयारीयों में 3 बातों की दिक्कत होती है:-

  1. ऑप्शनल को कैसे सिलेक्ट करें..
    इसके लिए इन्होंने बताया कि आपको यदि दिक्कत होती है कि क्या चुने क्या नहीं तो इसके लिए सबसे पहले आप उन विषयों का कन्फ्यूजन दूर करने के लिए NCERT की किताब पढ़े और समझे की कौन सी आपको अधिक समझ आ रही है, वही पढ़े। यदि और भी दिक्कत है तो पहले साल की पेपर को देखले या फिर उस बुक के अन्य स्रोत हैं कि नहीं, जिससे आपको बहुत ही सहायता मिलेगी।
  2. सवाल की कोचिंग करुं या सेल्फ स्टडी…??
    इसके बारे में दिव्या ने बताया कि यह हमारे ऊपर डिपेंड है कि हमें क्या और कैसे तैयारी करनी है। अगर हम पढ़ना चाहे तो ऑनलाइन बहुत से मटेरियल उपलब्ध हैं। दिव्या ने बहुत सारे वीडियो देख यह फैसला लिया है। अगर इससे संतुष्ट नहीं है तो ऑप्शलन की ले सकतें हैं।
  3. क्या नौकरी के दौरान इसकी तैयारी हो सकती है…
    इसका उत्तर है हां, अगर वह व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने का निश्चय कर ले तो वह किसी भी कार्य को करते हुए अपनी तैयारी कर सकता है और इस परीक्षा में सफल भी हो सकता है।

एक छोटे से गांव के होने के बावजूद भी दिव्या ने IAS बनकर यह साबित कर दिया कि सिर्फ आपके लिए आपकी मेहनत मायने रखती है जिससे आप सफल हो सकें, ना की उम्र, लिंग या शहर। The Logically Divya Shakti को उनके इस उपलब्धि के लिए बधाई देता है।

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