IAS Himanshu gupta

कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती। वह कभी ना कभी जरूर सफल होती है। सफल होने के लिए बस हमें प्रयास पूरा करना चाहिए। आज की हमारी कहानी एक ऐसे ही व्यक्ति की है, जिन्होंने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी, अपनी गलतियों का सामना किया और उसे सुधारने की पूरी कोशिश की।

हिमांशु गुप्ता (Himanshu Gupta)

हिमांशु गुप्ता दिल्ली (Delhi) के रहने वाले हैं। वह अपने माता-पिता तथा बड़े भाई के साथ रहते थे। उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली से हीं पूरी हुई। हिमांशु शुरू से ही पढ़ने में बहुत अच्छे थे। स्कूल के साथ-साथ उन्होंने कॉलेज में भी बढ़िया अंक प्राप्त किया। हिमांशु दिल्ली के टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने के बाद एक कंपनी में काम भी किया। उन्होंने डेढ़ साल तक काम करने के बाद सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बनाया और उसकी तैयारी में जुट गए।

पहला अटेम्पट में हुए असफल

पहले अटेम्पट के लिए हिमांशु ने जॉब नहीं छोड़ा, जिसकी वजह से वो अपना पूरा समय तैयारी पर नहीं दे पाए। दूसरा अटेम्पट में हिमांशु यह बात समझ चुके थे, कि जॉब में रह कर यूपीएससी की तैयारी करना मुमकिन नही है इसलिए वह जॉब छोड़ कर तैयारी में जुट गए। हिमांशु बताते हैं कि उन्होंने दूसरे अटेम्पट में पूरी तैयारी की।

 Himanshu gupta

हिमांशु दूसरे अटेम्पट में भी ना हो पाए सफल

हिमांशु ने कोचिंग भी ज्वॉइन की और उपलब्ध गाइडेंस के बेसिस पर आगे बढ़ रहे थे। वे दिन-रात तैयारी कर रहे थे और जमकर टेस्ट सीरीज और बाकी एग्जाम दे रहे थे। परंतु इस बार भी वह सफल नहीं हो पाए। हिमांशु बताते हैं कि इस बार उनकी गलती यह रही कि यूपीएससी की प्री परीक्षा के पहले वह इतनी बुरी तरह एग्जॉस्ट हो चुके थे कि उन्होंने एग्जाम वाले दिन हीं सबसे खराब प्रदर्शन किया। एग्जाम हॉल में वह प्रश्न दर प्रश्न अटेम्पट करते चले गए। बाद में उन्हें अहसास हुआ कि वह ऐसे प्रश्न भी कर लिए जिनके लिए वे श्योर भी नहीं थे। अंतत: उन्हें इस बार भी सफलता नहीं मिली।

हिमांशु ने हिम्मत नहीं हारी

हिमांशु दो बार की गलतियों को सुधारते हुए तीसरे अटेम्पट की तैयारी में जुट गए। उन्होंने तय किया कि चाहे जो हो जाए इस बार उन्हें सफल होना हीं है। इसी कोशिश से हिमांशु ने प्री परीक्षा पास कर ली। अब उन्होंने आगे की तैयारी पर फोकस बढ़ाया। हिमांशु यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 27वीं रैंक के साथ टॉप किया। हिमांशु मानते हैं कि इस परीक्षा की तैयारी इंटीग्रेटेड होनी चाहिए। हिमांशु ने प्री परीक्षा के लिए जम कर तैयारी की। उन्होंने हर विषय पर पूरा ध्यान दिया। वे हर एक विषय को पक्का हो जाने पर हीं आगे बढ़ते थे।

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हिमांशु ने दिए सिलेबस के टिप्स

हिमांशु कहते हैं कि इस परीक्षा के सिलेबस को पूरा रट लेना ही अच्छा होता है। तैयारी करते हुए पिछले साल के प्रश्न-पत्र देखना बहुत आवश्यक है। इससे आपको पता चलेगा कि उसी सिलेबस से प्रश्न बनते कैसे हैं। ऐसा करना परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे मानते हुए तैयारी करें और परीक्षा की रूप-रेखा समझने के बाद आगे बढ़ें। अगर किसी विषय में दिक्कत हो तो उसके लिए कोचिंग ले लें या इंटरनेट पर इतने सारे ग्रुप्स हैं जो खास इस परीक्षा के लिए तैयारी करवाते हैं उनसे जुड़े।

देखें हिमांशु गुप्ता द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू

मोटिवेशन हैं बहुत जरूरी

हिमांशु कहते हैं कि इस परीक्षा के लिए मोटिवेशन बहुत जरूरी है। हर स्थिति में खुद को तैयार रखना बहुत हीं आवश्यक है। हिमांशु कहते हैं वह एक फिलॉसफी के साथ आगे बढ़े थे कि कर्म कर फल की इच्छा मत कर और वह दूसरों को भी यही कहते हैं कि तैयारी पूरी करो चाहे परिणाम जो भी हो। तैयारी के दौरान फल मिलेगा या नहीं इस चिंता में नही डूबना चाहिए।

The logically हिमांशु गुप्ता के हौसले की तारीफ करता है और उन्हें उनके कामयाबी के लिए बधाई देता है।

बिहार के ग्रामीण परिवेश से निकलकर शहर की भागदौड़ के साथ तालमेल बनाने के साथ ही प्रियंका सकारात्मक पत्रकारिता में अपनी हाथ आजमा रही हैं। ह्यूमन स्टोरीज़, पर्यावरण, शिक्षा जैसे अनेकों मुद्दों पर लेख के माध्यम से प्रियंका अपने विचार प्रकट करती हैं !

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