Sunday, October 24, 2021

शुरू से रहे एवरेज स्टूडेंट, बैक बेंचर रहने के बावज़ूद UPSC में 48वा रैंक लाकर बने IAS: मेहनत का फल

कुछ लोग इस बात में विश्वास करते हैं कि अगर कोई बच्चा शुरू से ही पढ़ने में तेज-तरार है तो आगे चलकर वह सफलता हासिल कर सकता है। लेकिन कुछ लोगों का यह भी मानना है कि अगर कोई बच्चा पढ़ने में कमजोर है तो वह आगे चलकर अपनी मेहनत से अपने किस्मत की तकदीर बदल सकता है। यह कहानी बिहार के एक लाल की है जिन्होंने अपने दृढ़ इच्छाशक्ति से UPSC जैसी परीक्षा पास कर 48वीं रैंक प्राप्त किया है।

कुमार अनुराग

कुमार अनुराग (Kumar Anurag) बिहार (Bihar) से सम्बद्ध रखतें हैं। इनकी प्रारंभिक पढ़ाई हिंदी मीडियम स्कूल (Hindi Medium School) से संपन्न हुई। फिर आगे की पढ़ाई के लिए बिहार से दूसरे शहर में गयें। इनका एडमिशन अब इंग्लिश मीडियम (English Medium) स्कूल में हुआ। पहले इन्होंने हिंदी से पढ़ा और फिर इंग्लिश। इस दौरान इन्हें पढ़ाई करने में काफी परेशानियां सामने आई। अनुराग ने बताया कि वह एवरेज स्टूडेंट थे लेकिन अगर एक बार वह मन में कुछ करने का निश्चय कर लेते तो उसे हासिल करके ही दम लेते थे। इन्होंने अपनी दसवीं की पढ़ाई के लिए खूब मेहनत किया और उसमें 90% अंक लाया। वहीं 12वी कक्षा में यह मैथ्स प्री बोर्ड के एग्जाम में असफल हुयें। इन्होंने फिर एक अलग उत्साह से तैयारी की और 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त कियें।

IAS kumar Anurag

ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए की बहुत मेहनत

इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (Shri Ram College Of Commerce) से संपन्न की। इन्होंने यह जानकारी दी कि यह हमेशा अपने टॉपर्स के फेयरकॉपी को जिरक्स कराकर पढ़ा करते थे। यह कई बार बैक हुए तब इन्होंने अपनी डिग्री पूरी की। इनकी खास बात यह है कि इन्होंने अपनी असफलता को कभी हार का रूप नहीं दिया और प्रयास करतें रहें। इन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (Delhi Scholl Of Economics) से एमबीए की डिग्री हासिल की है।

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गलतियों से सीखा बहुत कुछ

अनुराग ने अपने इंटरव्यू में बताया कि अगर कोई व्यक्ति आगे बढ़ना चाहता है तो वह अपने असफलता पर ध्यान न देकर उसके कारण पर ध्यान दे कि वह आखिर असफल क्यों हो रहा है?? इन्होंने अपनी असफलता के लिए कहा कि पहले ये अपनी गलतियों पर ध्यान नहीं देते थे। इस कारण असफल हो रहे थे। फिर उन्होंने अपनी काबिलियत पर अपना विश्वास बनाया और मेहनत करनी शुरू की। क्योंकि यह बहुत अच्छे से जानते थे कि अगर मैं जमकर मेहनत करूंगा तो आईएएस भी जरूर बन पाऊंगा। यही निश्चय कर इन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की।

IAS Anurag

यूपीएससी में लायें 48वीं रैंक

इन्होंने अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखा और मेहनत कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इन्होंने मेहनत कर नोट्स बनाएं, मॉक टेस्ट दिए और अपनी तैयारी को जारी रखा। वैसे तो इन्होंने अपने प्रथम प्रयास में ही यूपीएससी पास कर लिया कर लिया था लेकिन उस वक्त इनका रैंक 677 था। इसलिए इन्होंने फिर अगले साल परीक्षा दिया और उसमें 48 वी रैंक रैंक प्राप्त किए।

अपनी मेहनत और लगन से अनुराग ने UPSC पास कर यह दिखा दिया कि अगर किसी चीज़ को पाने का लक्ष्य बना लिया जाए तो उसे हासिल किया जा सकता है। The Logically अनुराग की मेहनत को सलाम करता है और उन्हें IAS की उपाधि प्राप्त करने के लिए बधाई देता है।