Monday, January 30, 2023

मां करती थी दूसरे के घरों में काम, पिता चपरासी, बेटी ने अपनी मेहनत से पाया 20 लाख का पैकेज

एक बहुत सुंदर पंक्ति है, “अगर आपके सफल होने का संकल्प मजबूत है तो रास्ते में आई बाधाएं और असफलता आपको कभी परास्त नही करेगी।”

कहते हैं कि मानव तन धारण करने पर इस दुनिया में बहुत सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है लेकिन सबसे कठिन काम होता है गरीबी की मार को झेलना। ये गरीबी ना तो किसी को चैन से सोने देती हैं ना भर पेट खाने और ना ही दुनिया की ऐ-शो आराम का लाभ उठाने देती है। लेकिन आज हम आपको हमारे देश की एक ऐसी बेटी के विषय में बताएंगे जिन्होंने गरीबी को मात देकर सफलता हासिल की है।

रितिका सुरीन (Ritika Surin)

वह लड़की हैं रितिका सुरीन (Ritika Surin) जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय थी परंतु उनके पैरेंट्स अपनी बेटी को सफल बनाने हेतु कुव्वत लगा दी और बेटी भी सफलता की ऊंचाई पर पहुंचकर अपने मां बाप का नाम रौशन कर अन्य युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी। -Success story of Ritika Surin from Jharakhand

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पिता चपरासी तो मां है हाउस मेड

उनकी लोगों के घर में जाकर साफ-सफाई का कार्य कर अपनी आजीविका चलाती तो वही उनके पिता बतौर चपरासी ड्यूटी करते हैं। परंतु आज वही रितिका ने अपने प्रथम प्रयास में 20 लाख रुपए पैकेज की नौकरी प्राप्त कर अपने माता-पिता को बहुत बड़ी खुशी दी है। रितिका झारखंड से ताल्लुक रखती हैं उनके पिता का नाम नवल गलगोटिया तथा मां मैरी है। -Success story of Ritika Surin from Jharakhand

सभी ने की मदद

रितिका की मां जहां काम करती है उस घर के लोगों ने रितिका की पढ़ाई में काफी सहायता की। उन्होंने उनकी पैसे से काफी मदद की। इसके अतिरिक्त रितिका की पढ़ाई में विश्वविद्यालय तथा उनकी प्रोफेसर एवं दोस्तों ने भी काफी सहायता की। विश्वविद्यालय की तरफ से उन्हें फीस को लेकर छूट मिली। -Success story of Ritika Surin from Jharakhand

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मिली पहले प्रयास में सफलता

रितिका ने भी अपनी पढ़ाई की बदौलत पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की और आज उन्हें सॉफ्टवेयर कंपनी में अच्छी खासी नौकरी मिल गई है। जिसका पेमेंट 20 लाख रुपए है। विश्वविद्यालय के SEO कहते हैं कि रितिका अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। रितिका की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप तथा बुक्स भी मिले‌ हैं। -Success story of Ritika Surin from Jharakhand