Sunday, June 26, 2022

सबसे कठिन परीक्षा को दो बार निकाली, इस तरह कठिन परिश्रम से बनी IAS अधिकारी

अपने लक्ष्य को लेकर बहुत लोग यह निश्चय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें क्या करना है तो वहीं कई लोग बचपन में हीं अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं। वैसे तो यूपीएससी (UPSC) जैसी परीक्षा को पास करने का सपना अक्सर लोग बचपन मे हीं देख लेते हैं। परंतु आज की हमारी कहानी एक ऐसे लड़की की है जिसने ग्रेजुएशन करते हुए यूपीएससी परीक्षा करने का विचार किया।

नवनीत मान ( Navneet Mann)

नवनीत मान पंजाब (Punjab) की अमृतसर ( Amritsar) के रहने वाली हैं। नवनीत के पिता दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं जिसकी वजह से नवनीत की पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में ही हुई है। नवनीत ने कभी भी यूपीएससी के बारे में नहीं सोचा था। वह तो बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग की परीक्षा दीं। नवनीत ने दिल्ली से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया।

पिता ने किया प्रेरित

नवनीत के पिता उनको सिविल सेवा की तरफ रुख करने के लिए प्रेरित करते थे। नवनीत ने इस बारे में बहुत सोचा अंत जब वो ग्रेजुएशन थर्ड ईयर में थी तो वो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। नवनीत ने एक साल जम कर मेहनत की। साल 2018 में नवनीत ने पहल बार परीक्षा दी और वो 501 रैंक के साथ सफल भी हुई। उसके बाद नवनीत को डिफेंस एकाउंट सर्विस एलॉट हुई। परंतु नवनीत को तो आईएएस बनना था।

नवनीत ने फिर दिया परीक्षा

नवनीत बताती हैं कि उन्होंने ज्वाइन तो किया परंतु वह अपने इस पोस्ट से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने ट्रेनिंग पर रहने के दौरान ही दूसरा अटेम्पट दिया और साल 2019 में उन्होंने 33वी रैंक के साथ यूपीएससी क्लीयर किया। इस सफलता का श्रेय नवनीत अपने पिता को देती हैं उनका ऐसा मानना है कि उनके द्वारा दी गई प्रेरणा की वजह से हीं वह आज एक आईएएस ऑफिसर बन पाई हैं।

 यहां देखें नवनीत मान द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू देख सकते हैं

नवनीत ने दी यूपीएससी की परीक्षा की जानकारी

नवनीत बताती हैं कि यूपीएससी की परीक्षा के लिए सबसे अहम यह है कि कैंडिडेट अपने सोर्स लिमिटेड रखें। ज्यादा किताबें इकट्ठी ना करें, ताकि अच्छे से रिवाइज कर पाएं। जितनी भी किताब पढ़ें उन्हे अच्छे से पढ़ें ताकि एग्जाम में आंसर लिखने को कहा जाए तो आंसर को सोंचने, फ्रेम करने और सीमित समय में लिखने में आपको परेशानी न हो। नवनीत कहती हैं कि फाइनल परीक्षा में समय बहुत कम होता है अगर आप उस वक्त सोचने में ज्यादा समय लेते हैं तो लिखने का समय ही नहीं बचेगा।

किताब ढूंढने में आती है परेशानी

नवनीत कहती हैं कि जहाँ कुछ विषय की किताब सीमित रखनी चाहिए तो वही कुछ किताब ढूँढने में भी बहुत मुश्किल होता है। उनके लिए यूपीएससी का सिलेबस पर रिलाय करना जरूरी है। इससे यह पता चलता हैं कि कौन-कौन से कीवर्ड यूज किए गए हैं। उसके बाद बहुत आसानी से हम वो टॉपिक्स इंटरनेट पर ढूंढ़ सकते हैं। टॉपर्स की कॉपीज, वीडियोज आदि से भी उनके बारे में पता चल जाता।

नवनीत ने बताया समय का महत्त्व

नवनीत बताती हैं कि यूपीएससी परीक्षा में समय का बहुत महत्व होता है। इसके लिए टेस्ट सीरीज देना बहुत आवश्यक है, इससे हम अपनी बात को समय के अंदर लिखना भी सीखते हैं। अगर हम पांच या छ सोर्सेस से तैयारी कर रहे हैं और उसी का प्रश्न आता है तो आपको उन सभी सोर्सेस को एक जगह लिखने में टेस्ट सीरीज बहुत मदद करता है।

नवनीत ने बताया नोटस बनाना हैं जरूरी

नवनीत बताती हैं नोटस बनाना बहुत ही जरूरी होता है, इससे रिवाइज करना आसान होता है। उनको ऐसा लगता है कि पहले प्रयास में उन्होंने रिवाइज नहीं किया था जिसकी वजह से वो अच्छी रैंक प्राप्त नहीं कर पाईं इसलिए नवनीत नोट्स पर ज्यादा जोर देते हुए कहती हैं कि नोटस जरूर बनाईए और छोटा बनाईए ताकि आप उसका रिवाइज कर पाए।

The logically नवनीत मान को उनकी सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाईयां देता है।