Sunday, December 5, 2021

बचपन से ही आंखों की रौशनी नही है, लोगों ने अनाथालय भेजने का सुझाव दिया लेकिन मेहनत कर IAS बन गए

अगर कोई सामान्य व्यक्ति किसी उपलब्धि को हासिल करता है तो बेहद खुशी होती है लेकिन वहीं कोई असामान्य व्यक्ति उसी उपलब्धि को हासिल करें तो आश्चर्य होता है। विश्वास करना मुश्किल हो जाता है। लगता है, आखिर ऐसा कैसे हुआ? इस आश्चर्य के साथ ही सबको उनपर गर्व होता है और सामान्य लोगों को प्रेरणा मिलती है कि जब ये ऐसा कर सकते हैं तो मैं क्यो नही!..

हमारा मनोबल बढ़ता है और साथ ही उनकी कहानी से बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है। आज हम जिनकी कहानी आपको बताएंगे वह एक नेत्रहीन शख्स की है। इनके माता-पिता से लोगों ने इस बच्चे को अनाथाश्रम में डालने की सलाह दी, लेकिन इनके माता पिता ने ऐसा कुछ नहीं किया। आगे चलकर इसी नेत्रहीन लड़के ने दिल्ली के टॉप कॉलेज में स्नातक किया और अपनी मेहनत से IAS बना। सबसे ख़ास बात यह है कि प्रथम प्रयास में ही यह लड़का सफलता की ऊंचाई पर जा पहुंचा जहां अन्य सामान्य व्यक्ति कई बार असफल होकर पहुंचते हैं।

तो आइये जानते हैं राकेश शर्मा की फुल स्टोरी

राकेश शर्मा (Rakesh Sharma) हरियाणा (Hariyana) से ताल्लुक रखते हैं। वह पढ़ने में काफी तेज तरार थे। इनकी प्रारम्भिक पढ़ाई हरियाणा से पूरी हुई। थे तो यह दृष्टिहीन लेकिन सामान्य स्टूडेंट्स के अपेक्षा यह काफी तेज थे। इन्होंने अपनी 8वीं तक की शिक्षा हरियाणा से ही की लेकिन कोई अच्छा ब्लाइंड स्कूल ना होने के वजह से इनके पैरेंट्स ने इनका नामांकन दिल्ली कराया। इस स्कूल का नाम JPM Blind Senior Secondary School Delhi है। यहां इन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई सम्पन्न की। इनके अच्छे मार्क्स के कारण इनका नामांकन Kirori Mal Collage Delhi में हुआ जहां से इन्होंने ग्रैजुएशन पूरा किया।

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लक्ष्य था UPSC पास करना

इनका लक्ष्य सिर्फ IAS बनना था। अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर यह सोचने लगें कि कैसे इसकी तैयारी करूँ। फिर इन्होंने बहुत सारी Academic entrance exam दियें। इस दौरान इनका सोशल वर्क एंटरेन्स निकला तब इन्होंने M.A किया। फिर एक साल उन्होंने जम कर तैयारी शुरू कर दी UPSC की। वर्ष 2018 में इन्होंने परीक्षा दिया और इनका पहली बार मे ही इन्होंने एग्जाम क्लियर कर लिया। इन्होंने 608वीं रैंक प्राप्त किये। वह इस रैंक से खुश नहीं थे। फिर इन्होंने 2019 में एग्जाम दिया और उसमें 512वीं रैंक प्राप्त किये।

अभिषेक के जज्बे और हिम्मत को दिए गए वीडियो में देख सकते है

कुछ सामान्य विद्यार्थी 3 सालों की मेहनत के बाद भी UPSC नहीं निकाल पाते लेकिन राकेश सभी विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो 1 बार मे ही एग्जाम निकाल लियें। The Logically राकेश को सलाम करते हुए शुभकामनाएं देता है।