Tuesday, November 30, 2021

देश के सबसे युवा IPS सफीन हसन , कभी दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज़ थे आज लाखों के प्रेरणा हैं।

भारत में ऐसे कई बच्चे हैं जिन्हें गरीबी , अनाथपन व अन्य कारणों से या तो भूखे रहना पड़ता है सा फिर उन्हें भर पेट खाना नसीब नहीं हो पाता है ! सुविधा और संसाधनों के अभाव में उनकी जिंदगी बेरंग और बिखरी सी हो जाती है ! गुजरात के रहने वाले सफीन हसन के बचपन की कहानी उन बच्चों जैसी हीं थी जिन्हें दो जून की रोटी तक नसीब नहीं था ! लेकिन सफीन हसन अन्य बच्चों की भाँति खुद की जिंदगी उन बद्तर हालातों को समर्पित करने वालों में नहीं थे ! वह तो सफलता का एक इतिहास लिखने वाले शख्स थे ! तो आईए जानते हैं कि कैसे सफीन हसन ने खुद को उन हालातों से निकाला और देश के सबसे कम उम्र के आईपीएस अधिकारी बने !

संघर्षों भरा बचपन

सफीन हसन गुजरात के पालनपुर के रहने वाले हैं ! उनका बचपन बेहद हीं संघर्षपूर्ण रहा ! उनके माता-पिता मजदूरी का काम किया करते थे ! माँ दूसरों के घरों में काम करतीं व रेस्टोरेंटों और विवाह समारोहों में रोटी बेलने का काम करतीं तो पिता ठेड के दिनों में चाय और अंडे का ठेला लगाते थे ! वे और उनका परिवार बेहद गरीबी में जिंदगी जीने को मजबूर था ! उनकी जिंदगी में कई दिन तो ऐसे भी आए जब उन्हें भूखे भी रहना पड़ा ! इन सब समस्याओं को झेलते हुए सफीन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी !

कुछ लोगों ने पढाई में की खूब मदद

सफीन हसन की प्राथमिक शिक्षा पालनपुर के एक छोटे से गांव कणोदर में हुई जिसके बाद उन्होंने पढाई के लिए हाईस्कूल में दाखिला लिया वहाँ के प्रधानाध्यापक ने सफीन की 80 हजार रूपए की फीस माफ कर दी ! हाईस्कूल की पढाई पूरी करने के बाद वे इंजीनियरिंग करना चाहते थे इसलिए वे सूरत आ गए और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग में नामांकन लिया ! इंजीनियरिंग के पश्चात वे आईपीएस की तैयारी के लिए दिल्ली आ गए ! गुजरात के हीं रहने वाले पोलरा परिवार ने उनके दिल्ली की पढाई का पूरा खर्च उठाया !

ऐसे आया आईपीएस बनने का खयाल

सफीन हसन अपने आईपीएस बनने के खयाल के बारे में बताते हैं कि “एक बार मैं अपनी मौसी के साथ एक विद्यालय में गया था ! उस समारोह में एक कलेक्टर साहब भी आए थे ! उस कलक्टर का आतिथ्य सम्मान देखकर वे आश्चर्यचकित हो गए और मौसी से इसके बारे में पूछ बैठा कि ये कौन हैं जिनका लोग इतना सन्मान कर रहे हैं ! मौसी ने जबाब देते हुए कहा कि ये जिले के मुखिया हैं ! यह पद देशसेवा के लिए होता है ! उसी समय मैंने भी ऐसे हीं एक अधिकारी बनने का संकल्प लिया” !

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उन दिनों जब यूपीएससी की परीक्षा शुरू हुई थी तभी सफीन एक दुर्घटना के शिकार हो गए ! लिखने वाले उनके हाथ सही रहने के कारण वे परीक्षा दे पाए लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद इलाज हेतु उन्हें अस्पताल जाना पड़ा था !

यूपीएससी में हुआ सेलेक्शन , बने एएसपी

2017 की यूपीएससी की परीक्षा में वे उतीर्ण हुए और उन्होंने 570 वीं रैंक प्राप्त किया ! इसके बाद वे गुजरात कैडर से आईपीएस की ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद चले गए ! वहाँ से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सफीन हसन को जामनगर में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर नियुक्ति मिली ! वे पूरे देश में अब तक के सबसे कम उम्र में बनने वाले आईपीएस अधिकारी हैं !

सफीन हसन ने जिस तरह अपने आर्थिक हालातों और विषम परिस्थितियों से लड़ते हुए अपनी काबिलियत से सफलता का परचम लहराया है वह सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है ! Logically सफीन हसन की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है !