Thursday, January 28, 2021

इस दसवीं पास ने ट्रैक्टर से लेकर पावर ग्लाइडर तक बना डाले, पिछले 2 दशक में 10 अविष्कार कर चुके हैं

अगर आपमे कुछ करने की चाहत हो तो फिर आपको किसी डिग्री की ज़रूरत नही होती। डिग्री आपको सिर्फ किताबी ज्ञान दे सकती है और आपका जज़्बा और कुछ सीखने की ललक आपसे वह करवा सकती है जो अपने आप मे अनोखा हो। आज की कहानी कनक गोगोई की है। इनके पास कोई डिग्री तो नही है पर अभी तक इन्होंने ऐसे-ऐसे अविष्कार किये है जो कोई इंजीनियर ही कर सकता हैं।

गुवाहाटी के रहने वाले कनक गोगोई(Kanak Gogoi) मूल रूप से लखीमपुर के तकेलबोरा गांव के निवासी हैं। इनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे जिनका सपना था कि उनका बेटा पढ़-लिख कर अच्छी नौकरी करे। पर एक तरफ कनक थे जिनका पढ़ाई में मन ही नही लगता था। जैसे -तैसे स्कूली पढ़ाई पूरी तो कर ली पर आगे उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई नही की। कनक इस वक़्त जोरहाट में रहते थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ अपना बिज़नेस शुरू करने का निश्चय किया और फिर दूध का कारोबार शुरू किया। वह कुछ गांव से दूध इकठा कर शहर में बेचते थे । इसके साथ ही वह कुछ मशीनी काम भी सीखते थे। तीन साल तक दूध का कारोबार करने के बाद कनक ने कुछ और करने की सोची।

tractor to power glider

साइनबोर्ड के काम मे घाटे का बाद कॉन्ट्रेक्टर का काम किया

वह शुरू से कुछ अलग करना चाहते थे पर समझ नही पा रहे थे कि क्या करना हैं। इसके बाद कनक ने साइनबोर्ड का काम शुरू किया पर इस काम मे उन्हें घाटा हुआ। कनक पर उनके परिवार का दबाव बढ़ रहा था, इसके बाद वह गुवाहाटी चले गए, जहा उन्हें सरकारी विभाग में जनरल सप्लाइज के कॉन्ट्रेक्टर का काम मिल गया। आज भी वह जल विभाग में कॉन्ट्रेक्टर के तौर पर काम करते हैं।

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गैराज में अपनी वर्कशॉप भी चलाते हैं

कॉन्ट्रेक्टर के तौर पर कामकरने के अलावा वह एक वर्कशॉप भी चलाते है। इसमे वह नए नए इनोवेशन करते हैं। अपने इनोवेशन के पीछे की कहानी वह बताते है कि वह हमेशा किसी गाड़ी या साईकल को देख कर कहते थे कि इसे इस तरह से बनाना चाहिए था, इसमे यह होना चाहिए था। तब उनके दोस्त कहा करते थे कि अगर उन्हें इतनी हो जानकारी है तो वह खुद क्यों नही बना लेते। इसके बाद से ही कनक के इनोवेशन का सफर शुरू हुआ।

Kanak gagoi innovations

दो दशक में 10 से भी ज़्यादा इन्नोवेशन

कनक गोगोई ने जब अपना इनोवेशन का सफर शुरू किया इसके बाद वह कही नही रुके। दो दशक में उन्होंने 10 से भी ज़्यादा इन्नोवशन किया हैं। उन्होंने अपना पहला इनोवेशन 1997 में किया था। उन्होंने एक पावर हंग ग्लाइडर बनाया था। इसके अलावा उन्होंने ग्रीन इलेक्ट्रिक, मल्टी पर्पस ट्रैक्टर, ग्रेविटी पोरेटेड साईकल, शैलो वाटर बोर, फ्लाइंग मशीन , कंप्रेस्ड एयर टेक्नोलॉजी कार जैसी इनोवेशन किए हैं।

कार के अलग-अलग मॉडल

कनक ने लगभग सात साल पहले इलेक्ट्रिक कार का मॉडल तैयार कर लिया था। इसमे 20 वोल्ट की चार बैटरी लगी हैं। यह कार एक बार चार्ज होने पर 80 किलोमीटर चलती हैं। कनक ने सोलर हाइब्रिड कार का भी निर्माण किया हैं। यह सौर ऊर्जा और ईंधन दोनो से चलती हैं। इसमे 100 cc का इंजन लगा हैंऔर 4 सोलर पैनल लगे हैं। इन दोनों मॉडल के अलावा कनक ने कंप्रेस्ड एयर तकनीक से चलने वाली कार भी बनाई हैं।इसमे उन्होंने मारुति 800 और मोटरसाईकल के इंजन का इस्तेमाल किया हैं।

power glider

मल्टी पर्पस ट्रैक्टर

कनक गोगोई ने छोटे किसानों की मदद के लिए लॉकडाउन के समय मल्टीपरपज ट्रैक्टर का निर्माण किया। यह आकार में छोटा है और इसकी कीमत भी बहुत कम है। यह आपको 50,000 से भी कम कीमत पर उपलब्ध है। कनक कहते हैं कि अगर कोई ट्रैक्टर खुद बनाना चाहे तो वह उसे इसका डिजाइन भी दे सकते हैं। इसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं, अगर किसी की मदद हो सकती है तो वह खुलकर मदद करने को तैयार हैं। वह बताते हैं कि इस ट्रैक्टर से जुताई, बुवाई और ढलाई यह तीनों काम किया जा सकता है।

बेटी के कहने पर तीन पहिये की गाड़ी बनाई

कनक ने एक इनोवेशन अपनी बेटी के कहने पर भी किया हैं। इनकी बेटी को स्कूल पहुचने में ट्रैफिक के कारण देर हो जाया करती थी तब बेटी ने इनसे ऐसी गाड़ी बनाने को कहा जो ट्रैफिक में न फसे। कनक ने तब एक तीन पहिये की छोटी गाड़ी बनाई जिसमे सिर्फ दो लोग ही बैठ सकते हैं। यह गाड़ी आसानी से बड़ी गाड़ियों के बीच से निकल सकती हैं।

Kanak gagoi innovations

ग्रेविटी से चलने वाली साईकल

कनक ने साईकल की सीट के नीचे की स्प्रिंग के एनर्जी का इस्तेमाल कर ऐसी साईकल बनाई है, जिसमे पेडल कम मारना पड़ता हैं। ये साईकल ग्रेविटी से चलती हैं।

अपने कामों के लिए कई बार सम्मानित भी हो चुके हैं

कनक गोगोई को उनके इन्नोवेशंस के लिए नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें 2007 में अमेरिका के शिकागो भी जाने का मौका मिला। रोटरी इंटरनेशनल के द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है और असम सरकार ने उन्हें सीरियल इनोवेटर सम्मान से नवाजा है।

किसी भी इनोवेशन का पेटेंट नहीं कराया

जहां आज सभी अपने छोटे-छोटे अविष्कार का भी पेटेंट कराते हैं। वही कनक गोगोई हैं जिनकी तमन्ना है कि उनके सारे अविष्कार देश के छोटे-छोटे कोने में पहुंचे और यह लोगों के काम आ सके।

कनक गोगोई( Kanak Gogoi) को अपने कामों में किसी भी तरह का अभी तक कोई समर्थन नहीं मिला है। वह अपनी आय का ही एक हिस्सा अपने अविष्कारों में लगाते हैं। उनके यह सारे अविष्कार देशहित और लोगों के हित में होते हैं फिर भी उन्हें किसी भी तरह की कोई मदद प्राप्त नहीं है। अगर आप कनक गोगोई से सम्पर्क करना चाहते है तो 8384053870 पर बात कर सकते हैं।

मृणालिनी सिंह
मृणालिनी बिहार के छपरा की रहने वाली हैं। अपने पढाई के साथ-साथ मृणालिनी समाजिक मुद्दों से सरोकार रखती हैं और उनके बारे में अनेकों माध्यम से अपने विचार रखने की कोशिश करती हैं। अपने लेखनी के माध्यम से यह युवा लेखिका, समाजिक परिवेश में सकारात्मक भाव लाने की कोशिश करती हैं।

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