Tuesday, April 20, 2021

सब्जियों के छिलकों से कीटनाशक तैयार कर छत पर सब्जियों और फूलों की खेती करती हैं, लोगों को भी सिखाती हैं तरीके

यूं तो देखा जाए तो मनुष्य ताउम्र कुछ ना कुछ सीखता हीं रहता है। सीखने की कोई उम्र निर्धारित नहीं होती है । इंसान जब चाहे तब सीख सकता है या उसके अनुरूप प्रयास भी कर सकता है। आज की कहानी एक ऐसी ही महिला माधवी गुट्टिकोंदा की जिन्हें अपने जीवन में नई-नई चीजें सीखना बेहद पसन्द है और जिन्होंने अपने कार्यों से लोगों को बहुत कुछ सीखाई हैं…

माधवी गुट्टिकोंदा भारत के विशाखापट्टनम में रहने वाली एक गृहिणी थीं। अब वह Youtuber भी हैं। वह कहती हैं, बागवानी ऐसी चीज है जो उन्हें सबसे ज्यादा उत्साहित करती है। इसलिए उन्होंने अपने 1750 वर्ग फीट के दो तल के टैरेस गार्डन पर बागवानी शुरू की। सबसे पहले उन्होंने फूलों और सजावटी पौधों को लगाया। फिर घर के नवीनीकरण के बाद कुछ पत्तेदार साग और सब्जियां भी उगाने की कोशिश की। माधवी कहती हैं, पहली बार जब ख़ुद की फसल तैयार हुई तो इसने उन्हें अपने परिवार के लिए जैविक और ताजा भोजन उगाने के लिए प्रेरित किया। घर पर हीं तैयार सब्जियों-फलों को खुद प्रयोग में लाकर वे इसके गुणों को बता रही हैं।

छिङकाव हेतु खुद से तैयार करती हैं कीटनाशक

अब वह कई प्रकार की पत्तेदार सब्जियां उगाती हैं। जैसे- पालक, शर्बत, अमरनाथ, गाजर, मूली, बैंगन, भिंडी, ककड़ी इत्यादि। सब्जियों के साथ-साथ वह अपने छत पर फल, मसाले, जड़ी-बूटियां और फूल भी उगाती हैं। अपने फल, फूल, सब्जियों को कीटों से बचाने के लिए माधवी ख़ुद की तैयार की गई जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल करती हैं। वह “जीवामृत” जैसे पारंपरिक भारतीय जैविक कीटनाशक तैयार करती हैं और उन्हीं का उपयोग करती हैं। इसके साथ ही वह कोरियाई प्राकृतिक खेती के तरीकों का भी पालन करती हैं।


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अपने संघर्षों और तरीकों को लोगों से करती हैं साझा

टेरेस गार्डनिंग में माधवी को कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। उनके साथ मुख्य चुनौती थी- कंटेनर, पौधों, मिट्टी और बागवानी के लिए ज़रूरी उपकरणों को सीढ़ियों का उपयोग कर छत तक ले जाना। पर उन्होंने हार नहीं मानी और सफल बागवानी के लिए लगातार प्रयास करती रहीं। उन्हें अपने इस काम से अनुभव के साथ-साथ अपार संतुष्टि और खुशी भी मिलती है। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को दूसरों के साथ साझा करने के बारे में सोचा। इसलिए उन्होंने अपना YouTube चैनल बनाया। अपने इस चैनल के जरिए वह दूसरों को बागवानी करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्हें अपने YouTube फॉलोवर्स से उनका मार्गदर्शन करने के लिए बहुत प्यार भी मिलता है।

इनके कार्यों के बारे में आप इस लिंक पर क्लिक कर सीख सकते हैं

1000 से अधिक बागवानी प्रेमियों के बीच नि:शुल्क बीज वितरण

माधवी बीजों का संग्रह भी करती हैं। वे बीजों को अपने ‘सीड बैंक‘ में एकत्र कर सही तरीके से सहेजती भी हैं। इतना ही नहीं बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए अपने सोशल मीडिया फॉलोवर्स को सहेजा हुआ बीज बांटती भी हैं। पिछले कुछ वर्षों में, माधवी 1000 से अधिक बागवानी प्रेमियों को मुफ्त में 20 से अधिक किस्मों के बीज वितरित कर चुकी हैं। उनके सोशल मीडिया फॉलोवर्स इस कार्य के लिए उनका आभार भी व्यक्त करते रहते हैं।

माधवी का लोगों के नाम संदेश

माधवी खुद के द्वारा तो बृहद तरीके से खेती कर हीं रही हैं साथ में वे दूसरों से भी खुद का भोजन उगाना शुरू करने का आग्रह करती हैं। वह कहती हैं, अपने परिवार के लिए स्वयं के उगाए हुए जैविक और स्वादिष्ट सब्जियों को पकाएं और आनंद लें। साथ ही, अपने आस-पास वालों को भी अपना भोजन उगाने के लिए प्रेरित और मदद करें।

माधवी गुट्टिकोंदा ने जिस तरह से सब्जियों और फूलों को उगाने का कार्य किया है और वे जिस तरह से लोगों को प्रेरित करने का प्रयास कर रही हैं The Logically उसकी खूब सराहना करता है।

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

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