Monday, November 30, 2020

घर के अपशिष्ट कचड़ों से खाद बनाकर करती हैं जैविक खेती, आर्गेनिक सब्जी उगाने के साथ ही दूसरों को भी तरीके सिखाती हैं

हमारे पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओ को ज्यादा सम्मान नहीं दिया जाता था लेकिन अब महिला किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। इस बात का सीधा उदाहरण है, माधवी गुट्टिकोंदा। यह एक गृहिणी होने के साथ-साथ एक यूटूबर भी बन गई हैं।

माधवी गुट्टिकोंदा (Madhavi Guttikonda)

माधवी गुट्टिकोंदा विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) की रहने वाली हैं। पहले वह सिर्फ एक गृहिणी थी परंतु अब अब एक यूट्यूबर (Youtuber) भी बन चुकी हैं। माधवी को बागवानी करना सबसे ज्यादा पसंद है। इसलिए उन्होंने अपने 1750 वर्ग फीट के दो तल के टैरेस गार्डन पर बागवानी शुरू की।

Madhvi Terrace gardening

माधवी गुट्टिकोंदा के बागवानी की शुरूआत

माधवी ने बागवानी की शुरूआत फूलों और सजावटी पौधों से की। उसके बाद उन्होंने कुछ पत्तेदार साग और सब्जियां भी उगाने की कोशिश की। माधवी ने बताया कि जब उनके द्वारा उगाई गई पहली फसल तैयार हुई तो उन्हें यह प्रेरणा मिली कि वह अपने परिवार के लिए जैविक और ताजा भोजन उगाए।

माधवी घर पर बनाती हैं जैविक कीटनाशक

अब माधवी कई प्रकार की पत्तेदार सब्जियां उगाती हैं, जिसमें पालक, शर्बत, अमरनाथ, गाजर, मूली, बैंगन, भिंडी, ककड़ी आदी सब्ज़ियां शामिल हैं। सिर्फ़ इतना ही नहीं वह अपने छत पर फल, मसाले, जड़ी-बूटियां और फूल भी उगाती हैं। माधवी खुद के बनाऐ गए जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करती हैं, जिससे वह फल, फूल और सब्जियों को बचा सके। वह जीवामृत नामक जैविक कीटनाशक तैयार करती हैं और उसी का इस्तमाल करती हैं। माधवी कोरियाई प्राकृतिक खेती के तरीकों का भी पालन करती हैं।

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टेरेस गार्डनिंग में करना पड़ा कुछ मुश्किलों का सामना

माधवी को टेरेस गार्डनिंग (Terrace gardening) करने में बहुत से मुश्किलों से गुजरना पड़ा। जैसे- कंटेनर, पौधें, मिट्टी तथा गार्डनिंग के लिए ज़रूरी उपकरणों को सीढ़ियों के उपयोग से छत तक ले जाना परंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कोशिश को जारी रखीं। माधवी बताती हैं कि उन्हे ऐसा करने से ना सिर्फ़ अनुभव बल्कि अपार संतुष्टि और खुशी भी मिलती है।

Madhvi Terrace gardening

माधवी YouTube फॉलोवर्स के लिए बनी मार्गदर्शक

माधवी ने दूसरों को भी टेरेस गार्डनिंग की जानकारी देने का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने अपना यूट्यूब (YouTube) चैनल बनाया। इससे वह दूसरों को बागवानी के बारे में बताती हैं तथा उन्हे प्रेरित करती हैं। वह अपने YouTube फॉलोवर्स के लिए मार्गदर्शन का कार्य करती हैं जिसके लिए उनके द्वारा माधवी को बहुत प्यार भी मिलता है।

माधवी 1000 लोगों को बांट चुकी हैं बीज

माधवी बीजों को अपने ‘सीड बैंक’ में जमा कर के उसका सही तरीके से इस्तमाल करती हैं। वह सोशल मीडिया के फॉलोवर्स को और भी ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए बीज बांटती भी हैं। पिछले कुछ सालों में माधवी 20 से अधिक किस्मों के बीज 1000 से अधिक लोगों में बाट चुकी हैं। उनके सोशल मीडिया के फॉलोवर्स उनकी इस कार्य के लिए उनका आभार प्रकट करते हैं।

माधवी दूसरों को भी प्रेरित करती हैं

माधवी दूसरों को भी अपना बागवानी करने के लिए प्रेरित करती हैं। माधवी का मानना हैं कि सबको अपने परिवार के लिए स्वयं के उगाए हुए जैविक और स्वादिष्ट सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिये तथा और भी लोगों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिये।

The logically माधवी गुट्टिकोंदा के इस प्रेरणादायक कार्य की तारीफ करता हैं।

इस लिंक पर क्लिक कर आप इनसे खेती के गुड़ सीख सकते हैं!

प्रियंका ठाकुर
बिहार के ग्रामीण परिवेश से निकलकर शहर की भागदौड़ के साथ तालमेल बनाने के साथ ही प्रियंका सकारात्मक पत्रकारिता में अपनी हाथ आजमा रही हैं। ह्यूमन स्टोरीज़, पर्यावरण, शिक्षा जैसे अनेकों मुद्दों पर लेख के माध्यम से प्रियंका अपने विचार प्रकट करती हैं !

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