Thursday, October 29, 2020

नेल्सन मंडेला: जिन्होंने रंगो के आधार पर होने वाले भेद-भाव से अपने देश को मुक्त करवाया , पढ़िए पूरी कहानी !

नेल्सन मंडेला…एक अहिंसावादी राजनेता जिन्होंने अपने संघर्षशील जीवन और अपने सुकृत्यों से पूरे विश्व को प्रेरित किया ! उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में चले आ रहे पुरानी रंगभेद की परम्परा के खिलाफ खूब संघर्ष किया और दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने ! इन्हें दक्षिण अफ्रीका का महात्मा गांधी भी कहा जाता है ! आईए जानें इस महापुरुष के बारे में…

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को म्वेजो ,दक्षिण अफ्रीका में हुआ था ! उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा क्लार्कबेरी मिशनरी स्कूल से प्राप्त की ! इसके बाद उनकी स्कूली शिक्षा मैथोडिस्ट मिशनरी स्कूल से हुई ! सन् 1941 का वक्त था जब वे जोहांसबर्ग चले गए जहाँ पर इनकी मुलाकात वॉल्टर सिसुलू और वॉल्टर एलेबरटाइन से हुई ! इन दोनों लोगों से नेल्सन मंडेला राजनितिक रूप से बेहद प्रभावित हुए ! जोहांसबर्ग वर्ग में उन्होंने एक क्लर्क की नौकरी शुरी कर दी जिससे कि जीवनयापन चले ! वक्त गुजरता गया और उसी बीच नेल्सन मंडेला का राजनीति में सक्रियता बढती जा रही थी ! उन दिनों दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की परंपरा जोरों पर थी ! रंग के आधार पर लोगों के बीच भदभाव जोरों पर था ! उसी को दूर करने के लिए नेल्सन मंडेला राजनीति में आए थे !

1944 में वे अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस में शामिल हुए ! इसके बाद कुछ मित्रों के साथ मिलकर अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस यूथ लीग की स्थापना की ! नेल्सन मंडेला ने अपनी लड़ाई निरन्तर रूप से जारी रखी ! 1961 में उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया जिसमें वे निर्दोष पाए गए ! 5 अगस्त 1962 को मजदूरों को हड़ताल के लिए उकसाने और बिना अनुमति देश छोड़ने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया ! और मुकदमें की सुनवाई के पश्चात 1964 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई ! जेल में भी नेल्सन मंडेला चुप नहीं बैठे और लोगों को जोड़ना जारी रखा ! उन्हें अपने जीवन के बेहद महत्वपूर्ण 27 वर्ष जेल में बिताने पड़े !

अंतत: नेल्सन मंडेला 11 फरवरी 1990 को जेल से रिहा होकर निकले और अपने कुशल प्रयासों से शान्ति और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए उन्होंने एक लोकतांत्रिक और बहुजात्तीय अफ्रीका का आधार रखा ! 1994 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार रंगभेद से परे चुनाव हुआ ! इस चुनाव में नेल्सन मंडेेला की पार्टी को जीत हासिल हुई और नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने !

नेल्सन मंडेला हमेशा से हीं महात्मा गांधी जी को अपना आदर्श मानते थे ! उनकी तरह सत्य , अहिंसा और इमानदारी के रास्तों को अपनाया और अपने जीवन में पाई सफलता से अन्य लोगों को भी पथप्रदर्शित किए !

नेल्सन मंडेला को सम्पूर्ण विश्व से सम्मानित किया गया ! संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रंगभेद को खत्म करने वाले नेल्सन
मडेला के सम्मान में उनके जन्मदिन पर मंडेला दिवस मनाने की घोषणा की ! 1993 में उन्हें फेडरिक विलेम डी क्लार्क के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया ! भारत ने उन्हें अपना सबसे बड़ा देश सम्मान “भारत रत्न” प्रदान किया !

नेल्सन मंडेला ने अपने अथक और निरन्तर प्रयासों से जिस तरह अपने देश को रंगभेद जैसी कुरीतियों से मुक्त करवाकर सफलता की ऐसी पराकाष्ठा पेश की है जो सदियों तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी ! Logically नेल्सन मंडेेला जी को कोटि-कोटि नमन करता है !

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

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