Tuesday, May 24, 2022

घरवालों के विरोध के बावजूद शुरू की चाय का ठेला, आज पूरे राजकोट में ‘द चायवाली’ के नाम से फेमस हैं: The Chaiwali Chailand

आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों की बराबरी कर रही हैं, चाहे वो क्षेत्र राजनीति, कला, सिनेमा, संगीत या फिर कारोबार का हीं क्यूं न हो। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े हैं। आज हम आपको गुजरात की एक ऐसी ही महिला की कहानी बताने वाले हैं, जो चाय का कारोबार करके सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है और आज इसी के बदौलत उनकी एक अलग पहचान स्थापित हुई है। The Chaiwali Chailand

गुजरात (Gujarat) के रंगीले शहर राजकोट (Rajkot) की निशा हुसैन (Nisha Hussain) ने कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी छोड़कर, चाय का ठेला (Tea Stall) लगाना शुरू किया और आज पूरे राजकोट में वह ‘द चायवाली’(The chaiwali, Chailand) के नाम से मशहूर हो गई हैं। दरअसल, निशा को चाय बनाने का बेहद शौक था और इसी शौक को उन्होंने अपने बिजनेस का रूप दिया।

वे (Nisha Hussain) बताती हैं कि, जब उन्होंने चाय बनाने का अपना कारोबार शुरू किया था तो उनको पूरा यकीन था कि इसमें उनको सफलता जरूर मिलेगी।

शौक हो दिया कारोबार का रूप

निशा (Nisha Hussain) ने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजकोट सब-रजिस्ट्राड के ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पे काम करती थीं लेकिन इस काम को करने में उनको ज्यादा संतुष्टि नहीं मिलती थी। पढ़ाई ज्यादा नहीं करने के कारण उन्होंने अच्छी नौकरी करने के बारे में नहीं सोचा लेकिन उनके दिमाग में खुद का कारोबार स्थापित करने का ख्याल आया परंतु उनके पास उतने पैसे नहीं थे, जिससे वे अपनी कारोबार की शुरुआत कर सके। तभी उनके मन में चाय का बिजनेस स्टार्ट करने का ख्याल आया।The Chaiwali Chailand

वे (Nisha Hussain) बताती हैं कि, “मेरे बचपन के दोस्त जब मेरे घर आते थे तो उनको मेरे हाथ का चाय पीना बहुत पसंद था। सब हमेशा बोलते थे कि तुम्हारी हाथ की बनी चाय बहुत अच्छी होती है। यही सोच कर मैंने चाय की बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया।”

बिजनेस की जानकारी न होने के कारण निशा ने ‘टी पोस्ट’ नाम के एक कैफ़े में कुछ समय के लिए काम भी किया था। इसके बाद वर्ष 2018 में अपनी नौकरी से कमाए गए 25000 रुपए से राजकोट के वीरानी चौक के पास ठेले लगाकर चाय बेचना(Chai Thela) शुरू किया।

वे अपने चाय के ठेले पर कुछ किताबे भी रखती थी ताकि ग्राहक चाय की चुस्की के साथ किताब पढ़कर उसका आनंद ले सकें। शुरू में वे जिंजर, पुदीना और दालचीनी के फ्लेवर वाली चाय बनाती थी लेकिन अब वे अपनी स्टॉल पे 10 अलग-अलग फ्लेवर की चाय बनाती हैं।

शुरुआत में किया कठिनाइयों का सामना

निशा बताती हैं कि, जब उन्होंने चाय का स्टॉल लगाना शुरू किया था तो उनके स्टॉल पे एक भी ग्राहक नहीं आते थे और 15 दोनों तक उन्होंने अपनी चाय बनाकर फेंकी थी। फिर एक दिन उनके स्टॉल पर एक ग्राहक आया, जो उनके द्वारा बनाए गए चायों के बारे में लिखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उसकी पोस्ट को देखकर लोग उनके ठेले पर आने लगे।

पांच- छह महीने बाद लोग निशा (Nisha Hussain) को जानने लगे और इनके स्टॉल पर आकर चाय पीने लगे। फिर इनको अपने चाय के कारोबार से हर दिन अधिकतम 3,000 रुपये की कमाई होने लगीं।

कारोबार को दिया बड़ा रूप- The Chaiwali Chailand

जैसे-जैस ग्राहकों की भीड़ स्टॉल पर बढ़ने लगी निशा (Nisha Hussain) की भी चाय से अच्छी कमाई होने लगी और उन्होंने अपने चाय के कारोबार को कैफ़े का रूप दे दिया। अब वे हर महीने में 40-50 हजार कमा लेती हैं और इनको राजकोट के रोटरी क्लब की ओर से बेस्ट चाय के लिए अवार्ड और सर्टिफिकेट भी मिला है।