Sunday, November 29, 2020

रक्षाबंधन…भाई और बहन के बीच प्रेम व स्नेह को समर्पित है यह पर्व !

रक्षाबन्धन…भाई और बहन के बीच प्रेम व स्नेह को समर्पित है यह त्योहार ! इस त्योहार के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती है ! रेशम से बना यह धागा रक्षा सूत्र भी कहलाता है ! विदेशों में भी भारत का यह त्योहार वहाँ के लोगों को खूब भाता है !

यह पर्व हिन्दी मास सावन के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है ! इस दिन बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधते हुए ईश्वर से उनकी तरक्की और सलामती की प्रार्थना करती है और भाई अपने बहन की रक्षा का वादा करता है ! बहन राखी बांधने के पश्चात् भाई को मिठाई खिलाती है तत्पश्चात भाई बहन को उपहार देता है !


इस पर्व को मनाने के पीछे कई तरह के किस्से प्रचलित हैं ! इस संदर्भ में कृष्ण और द्रौपदी की कहानी बेहद प्रचलित है ! जब शिशुपाल का वद्ध करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की अँगुली घायल हो गई थी तो द्रौपदी ने उस अंगुली को अपने साड़ी के टुकड़ से उसे बाँधा था ! वह दिन सावन मास का पूर्णिमा का दिना था ! इस मदद के लिए श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को किसी भी संकट में सहायता करने का वादा किया था ! दूसरे प्रसंग में भविष्य पुराण के अनुसार इन्द्राणी द्वारा निर्मित रक्षासूत्र को देवगुरू बृहस्पति ने इन्द्र को बाँधा था ! इस पर्व को मनाने हेतु धार्मिक प्रसंग के साथ-साथ ऐतिहासिक प्रसंग भी है ! जब बहादुरशाह जफर ने मेवाड़ पर हमला किया तो वहाँ की रानी कर्मावती ने मुगल बादशाह को राखी भेजकर मदद माँगी ! हलांकि हुंमायु एक मुस्लिम शासक था लेकिन फिर भी रानी कर्मावती द्वारा भेजे गए राखी की लाज रखी और उनकी सहायता की !

आज रक्षाबंधन लोगों हेतु एक प्रमुख त्योहार बन गया है ! कुछ दिनों पूर्व से हीं बाजारों में रौनक आ जाती है ! यूं तो राखी बाँधने के संदर्भ में यह बात प्रासंगिक है कि वह रेशम के धागों से बना हो लेकिन आज के आधुनिक समय में कई तरह के राखी बाजार में उपलब्ध होते हैं ! अब तो राखी को गहने और जेवर के रूप में भी बनाया जा रहा है ! सोने, चाँदी की राखियाँ आज हर जगह देखने को मिल जाती हैं !

रक्षाबन्धन त्योहार आज कई रूपों में मनाया जाता है ! भाई और बहन के मध्य स्नेह के साथ-साथ लोग पेड़ और पौधों को भी राखी बाँधते हैं ! उनके रक्षा हेतु बाँधा जाने वाला यह रक्षा सूत्र पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है ! स्थान परिवर्तन के साथ-साथ इस त्योहार में कुछ परिवर्तन भी देखने को मिलता है ! कहीं बहन के साथ बुआ भी राखी बाँधती है ! बच्चे अपने आदर्श को भी राखी बाँधते हैं ! इस दिन बच्चों द्वारा प्रधानमंत्री के साथ कई जन प्रतिनिधियों का राखी बाँधा जाना भी उल्लेखनीय है ! महिलाएँ देश की रक्षा में तैनात सैनिकों को भी राखी बाँधती है ! इस तरह रक्षाबन्धन का त्योहार भारत के अनेकता में एकता का भी परिचायक है !

रक्षाबन्धन को कई फिल्मों , टीवी सीरियलों में भी दिखाया गया है ! जिससे इसके महात्मय और प्रसिद्ध होने का सबूत मिलता है ! रक्षाबन्धन पर कई गीतकार ने गीत भी लिखे हैं जिसे गायकों ने अपने स्वर से बेहद प्रचलित कर दिया है !

रक्षाबन्धन का त्योहार भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है ! इस विशिष्ट अवसर पर The Logically अपने सभी पाठकों को रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है !

Logically is bringing positive stories of social heroes working for betterment of the society. It aims to create a positive world through positive stories.

Vinayak Suman
Vinayak is a true sense of humanity. Hailing from Bihar , he did his education from government institution. He loves to work on community issues like education and environment. He looks 'Stories' as source of enlightened and energy. Through his positive writings , he is bringing stories of all super heroes who are changing society.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

30 साल पहले माँ ने शुरू किया था मशरूम की खेती, बेटों ने उसे बना दिया बड़ा ब्रांड: खूब होती है कमाई

आज की कहानी एक ऐसी मां और बेटो की जोड़ी की है, जिन्होंने मशरूम की खेती को एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया...

भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस’ बन्द होने के कगार पर पहुंच चुकी है: जानिए कैसे

तकनीक के इस दौर में पहले की अपेक्षा अब हर कार्य करना सम्भव हो चुका है। बात अगर सफर की हो तो लोग पहले...

आम, अनार से लेकर इलायची तक, कुल 300 तरीकों के पौधे दिल्ली का यह युवा अपने घर पर लगा रखा है

बागबानी बहुत से लोग एक शौक़ के तौर पर करते हैं और कुछ ऐसे भी है जो तनावमुक्त रहने के लिए करते हैं। आज...

डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद मात्र 24 की उम्र में बनी सरपंच, ग्रामीण विकास है मुख्य उद्देश्य

आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के कदम में कदम मिलाकर चल रही हैं। समाज की दशा और दिशा दोनों को सुधारने में महिलाएं...