Tuesday, May 24, 2022

दर्शन करें रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग का जहां के रग-रग में भगवान शिव वास करते हैं !

भगवान शिव सर्वस्व पूज्य हैं ! उन्हीं स्थानों में से एक भारत के दक्षिण दिशा में स्थित रामेश्वरम मंदिर है जो आस्था का विशेष का प्रतीक है। रामेश्वरम् शिवलिंग बारह ज्योतर्लिंगों में से एक है। शिव भक्तों के लिए यह तीर्थ स्थल कई मायनों में खास है आईए जानते हैं इस पावन धरती के बारे में जहाँ के रग-रग में शिव वास करते हैं !

यह बंगाल की खाड़ी और हिन्द महासागर के चारों ओर से घिरा हुआ है। यह तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से सगभग 425 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित यह तीर्थ स्थान भक्तों के भक्ति का प्रमुख केन्द्र माना जाता है ! रामेश्वरम में जो ज्योतिर्लिंग है उसे रामलिंगेश्वर ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। भगवान श्री राम जी ने स्वयं रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना की थी। रामेश्वरम में हर वर्ष वार्षिकोत्सब मनाया जाता है। इस वार्षिकोत्सब में भगवान शिव और पार्वती जी की प्रतिमाओं को भव्य श्रृंगार के साथ सजाया जाता है। और सोने या चांदी के वाहनों पर शोभायात्रा निकला जाता है। यह मंदिर 1000 फुट लम्बा, 650 फुट चौड़ा और 150 फुट ऊंचा है। रामेश्वर मंदिर में भगवान शिव को लिंग मूर्ति स्थापित है।

भगवान शिव की आराधना के लिए हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि उत्राराखण्ड के गंगोत्री नदी का गंगाजल लाकर रामेश्वरम में शिवलिंग पर चढ़ने से पुण्य की प्राप्ति होती है। और लोग अपने पापों से मुक्त हो जाते हैं। इस मंदिर के अंदर 24 कुएं हैं। जिसे तीर्थ कहा जाता है। इस 24 कुएं का पानी मीठा है। इसके अलावा मंदिर के बाहर और भी कई कुएं हैं, जिसका पानी खारा है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री राम जी ने इस कुएं में अनेक तीर्थों के जल मंगवाकर इस कुएं डाले थे। इन सभी के नाम इस प्रकार है, गंगा, यमुना, गया, शंख, चक्र आदि हैं। यहाँ भगवान राम ने जो बानरो द्वारा लंका तक जो पुल बनावाया थी वह भी भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र है ! इसके अलावा यहां और भी कई दर्शनीय स्थल हैं। जैसे- सीताकुंड, एकान्तराम मंदिर, आदि सेतु, नंदीकेश्वर, हनुमानकुंड, माधव कुंड, राम तीर्थ, अमृतवाटिका, आदि।

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चारो ओर भक्तिमय होता हुआ इस धाम का वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है ! लोग अपनी मनोकामना लेकर शिव पूजन को आते हैं ! ऐसी मान्यता है कि यहाँ शिव जी की पूजा करने से सारे दुखों का नाश हो जाता है और पूजा करने वाले को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है !