Wednesday, October 21, 2020

कोरोनकाल में मजदूर दम्पति ने मात्र 49 दिनों में बना डाले 2 मंजिला मकान, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

जिंदगी में हर चीज़ का अपना अलग-अलग महत्व है। जीने के लिए ऑक्सीजन, हवा, पानी, भोजन अति आवश्यक है। पहनने के लिए वस्त्र और रहने के लिए आवास भी ज़रूरी है। अगर बात आवास की करें तो उचित आवास वह है जहां ऐश-ओ-आराम से अपने परिवार के साथ रहा जाये। आवास के लिए लोग ईंट के मकान, झोपड़ी, मिट्टी के मकान या खाली जगहों में तम्बू गिराकर भी रहते हैं। अगर आदमी गरीब है तो वह फुटपाथ भी रहकर अपना जीवन बसर करता है, लेकिन इसे उचित आवास नहीं कहा जा सकता। एक अच्छा मकान बनाने के लिए पैसे मजदूर और घर बनाने वाले सामग्रियों की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन यह कहानी ऐसे दम्पति की है जो अपनी लगन से आत्मनिर्भर भारत की एक मिशाल बनें हैं। इस दम्पति ने मात्र 49 दिनों में ही बिना मजदूरों के अपने दम पर 2 मंजिला मकान बना लिया है।

सुशीला देवी (Sushila Devi) और इनके पति सुभाष (Subhash) ने जो कार्य किया है इससे हर व्यक्ति अचम्भित है। यह दम्पति बैतुर (Baitur) जिले के निवासी हैं। इस दम्पति को “प्रधानमंत्री आवास योजना” के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये मिले थे। वह इस पैसे से मकान बनाने की तैयारी में थे, लेकिन वह बखूबी जानते थे कि अगर घर बनवाना है तो इसके लिए मजदूर की ज़रूरत है और मजदूर लगेंगे तो उन्हें पैसे भी देने पड़ेंगे। पैसे की बचत के लिए उन्होंने खुद ही घर बनाने का फैसला किया। अगर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाया जाए तो इस राशि से दो कमरे और शौचालय बनवाया जा सकता है लेकिन इस दंपति ने अपनी मेहनत से 2 मंजिला घर तैयार कर दिया। वह भी इतना ख़ूबसूरत कि इसे देखकर कोई विश्वास नहीं कर पाता कि इन दोनों ने ही बनाया है।

प्रधानमंत्री ने 12 सितंबर को इन दोनों व्यक्तियों से बात किया , इस दौरान सुशीला देवी के साथ उनके पति भी इस वार्तालाप का हिस्सा रहे।इन दोनों ने अपनी मेहनत और मजदूरी से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाकर जो कार्य किया है, वह अद्भुत है। सुशीला ने बताया कि वह प्रधानमंत्री से बात करने के लिए लालाइत थीं। अगर इनके द्वारा बनाए गए घर की बात की जाए तो इन्होंने किचन, दालान, 3 बड़े कमरे और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए छोटा सा बगीचा भी बनाया है।

सुशीला ने यह जानकारी दी कि पहले जब इनके पास पास प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले घर नहीं था तो ये कच्चे मकान में रहते थे। अगर बारिश का मौसम होता तो उस दौरान इन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बारिश के मौसम में घर में पानी का बहाव अधिक हो जाता और पूरे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस बात से बहुत खुश हैं कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बना चुका है। अब इन्हें अपने बच्चों के बेहतर कल के लिए सिर्फ सोचना है, घर के लिए नहीं।

M. L त्यागी जो जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी है, उन्होंने यह जानकारी दिया है कि जिस तरह इन लोगों ने मेहनत की है इसके लिए इन्हें 13 और योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। इस दंपति ने जो कार्य किया है, वह सराहनीय है और काबिल-ए-तारीफ भी है। इसके लिए The Logically इन्हें नमन करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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