Tuesday, April 20, 2021

मैजिक चावल, ठंडे पानी में भी पकने वाला यह चावल होता है शुगर फ्री, बिहार का किसान कर रहा इसकी खेती

अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जो किसान भाइयों को आम समझते हैं। लेकिन हमारे किसान बहुत खास होते हैं। ये खेती तो करते ही हैं साथ ही इसके लिए नई-नई तकनीकों का निर्माण भी करते हैं। जिसे देखकर हमें प्रसन्नता होती है कि हमारे देश के किसान वह कार्य कर रहे हैं जो सभी के लिए उपयोगी है। आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताएंगे जिस पर तो पहले विश्वास नहीं होगा कि क्या सच में ऐसा हो सकता है??? लेकिन यह सच है इन्होंने अपने खेत में ऐसे चावल को उगाया है जो ठंडे पानी में भी पक रहा है। इसका फायदा यह कि यह शुगर फ्री है।

विजय गिरी

बिहार के इस किसान ने मैजिक खेती की है जो अभी तक किसी ने यहां नहीं किया। इस चावल की खेती पहले असम के माजुला द्विप में होती थी। लेकिन अब यह बिहार में भी होगी। इस चावल की खेती विजय गिरी नाम के एक किसान ने अपने गांव की मिट्टी में की है। विजय हरपुर सोहसा के रहने वाले हैं।

मैजिक खेती का मैजिक

गत वर्ष विजय पश्चिम बंगाल गए थे जहां कृषि मेला लगा था। जब वहां से आए तो इन्होंने मात्र 1 एकड़ भूमि में इस खेती का शुभारंभ कियें। इस खेती से चमत्कार हुआ और इसने अच्छा पैदावार दिया। इसकी सबसे अच्छी खासियत यह है कि इसमें कोई भी रासायनिक उर्वरक के उपयोग नहीं किया जाता है।

Vijay Giri

बिना गैस चूल्हे के पकता है चावल

चावल की खास बात यह है कि इसे पकाने के लिए किसी भी गैस या चूल्हे की जरूरत नहीं पड़ती है। इसे पकाने के लिए मात्र नॉरमल वॉटर की जरूरत होती है। इसमें चावल को डालकर आधे घंटे तक छोड़ देना होता है। फिर यह चावल पक कर रेडी हो जाता है। इनकी उगाई गई फसल से हमें बहुत फायदा होगा क्योंकि जब कोई जलावन या भोजन बनाने के लिए गैस की व्यवस्था ना हो तो इंसान आराम से इसे पका कर खा सकता है।

40-50 रुपये बिकता है यह चावल

एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति इस सवाल की खेती कर रहा है तो यह बहुत कम लागत में हो सकता है। इसमें कोई भी केमिकल युक्त पदार्थ नहीं मिलाया जाता जिससे हमें हानि पहुंचे। यह चावल 5 महीने में तैयार हो जाता है। सबसे खास बात यह है कि अगर इसे बाजार में ले जाए तो इसकी कीमत प्रति किलोग्राम 50-60 रुपये है। इस खेती से इन्हें अधिक मुनाफा भी हो रहा है।

यह भी पढ़े :- पराली का उपयोग कर बना दिये खाद, आलू के खेतों में इस्तेमाल कर कर रहे हैं दुगना उत्पादन: खेती बाड़ी

यह चावल शुगर फ्री है

इस चावल की खास बात यह है कि यह शुगर फ्री है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है। गिरी खेती के साथ-साथ अन्य किसानों को जागरूक करने के लिए इसका प्रचार भी कर रहे हैं। गिरी यह चाहते हैं कि सभी किसान इस खेती को करें ताकि अधिक पैदावार हो सके और किसान इसके फायदे का लुत्फ उठा सकें।

बिना आग के चावल को पकाने की खेती और शुगर फ्री चावल की खेती के लिए विजय जिस तरह किसानों को जागरूक कर रहें हैं, वह अनुकरणीय है। The Logically इनके द्वारा किये गए खेती की सराहना करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

सबसे लोकप्रिय