Friday, February 3, 2023

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने जमीन पर बैठकर खाई चूल्हें पर बनी रोटी, सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया: Viral Video

किक्रेट के भगवान और मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर के चाहनेवाले सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हैं। लोग उन्हें सिर्फ महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि उनकी सादगी के लिए भी जानते हैं और जिसका ताजा उदाहरण सामने आया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सचिन तेंदुलकर का वीडियो तेजी से वायरल हो रही है जिसमें उनकी सादगी ने लोगों का दिल फिर से एक बार जीत लिया है।

आमतौर पर बड़े और नामचीन लोगों को फाइव स्टार होटलों में खाना खाते देखा जाता है लेकिन मास्टर ब्लास्टर सचिन (Master Blaster Sachin Tendulkar) चूल्हें पर बनी रोटी खा रहें हैं। उनकी इस सादगी ने उन्हें अपने फैंस को और अधिक चाहने पर मजबूर कर दिया है। शायद यही कारण है कि उनके चाहनेवाले भी अधिक हैं।

सचिन तेंदुलकर का वायरल वीडियो

सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रही वीडियो को महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है कि, चूल्हें पर बने खाने स्वाद की बात ही अनोखा है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि सचिन उन महिलाओं से बातचीत कर रहे हैं जो चूल्हें पर खाना बना रही हैं। वीडियो में आप सचिन की बातों को सुन सकते हैं जिसमें वह खाना बना रही महिलाओं से कहते हैं कि जो स्वाद चूल्हें पर बने खाने में होता है वह गैस पर बने खाने में कहां।

वीडियो में देखा जा सकता है कि खाना बनाने वाली औरतें रोटी में ढेर सारा घी लगाती हैं और सचिन को खाने के लिए देती हैं। घी लगे रोटी को खाते हुए मास्टर ब्लास्टर कहते हैं कि, “उन्होंने इतना घी नहीं खाया है लेकिन आपलोग इतने प्रेम से खिला रही हैं इसलिए खा रहा हूँ।” सचिन का सादगी भरा यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया जिसे उनके फैंस समेत अन्य लोगों को भी काफी पसंद आ रहा है।

वीडियो को मिल चुका है लाखों लाइक्स

सचिन तेंदुलकर के वायरल वीडियो (Viral Video of Sachin Tendulkar) को अभी तक कई लाख लाइक्स मिल चुके हैं। इतना ही नहीं बड़ी सन्ख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है। एक यूजर ने लिखा है कि, महान व्यक्ति, इन्हें ऐसे भी भगवान नहीं कहा जाता, इनके अंदर कुछ तो ऐसी बात है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि, खाना खिला रही उन औरतों को नहीं मालूम की वे जिन्हें भोजन करा रही हैं उनसे न जाने दुनिया के कितने लोग मिलना चाहते हैं।