Sunday, October 24, 2021

14 वर्षीय आदित्य ने डिज़ाइन किया एक अनोखा मशीन, जो सब्जियों को सेनेटाइज करता है: बच्चे के हुनर को सलाम

आज कोविड-19 का जो दौर चल रहा है उससे सभी के रहन-सहन में काफी बदलाव आ गया हैं। जब भी हम घर से बाहर निकलते हैं तो कोरोना से बचाव करने के लिए हम तरह-तरह के कार्य करतें हैं, जैसे शारीरिक दूरी का पालन करना, लगातार हाथ को सैनेटाइज करना, मास्क पहने रहना आदि इन सभी चीजों के प्रति बहुत ही सावधानियां बरतते हैं। यदि कोई वस्तु हम बाजार से खरीद के घर लातें हैं तो उसे कुछ समय तक ऐसे ही रहनें देते हैं। सब्जियों और फलों की बात करें तो उसे हम अच्छी तरह से धोते है फिर इस्तेमाल में लाते हैं। लेकिन मन मे हमेशा ये ख्याल सताए रहता है कि कहीं कोरोना न हो जाये।

हमारे देश में टैलेंट की कमी नहीं हैं, जरुरत है तो बस उसे समझने की। उदहारण के लिये हाल ही में एक बच्चे ने सस्ता रुम हीटर बना दिया तो दूसरे ने लकड़ी की साइकिल बना दिया। इसके अलावा आज की कहानी एक ऐसे बच्चे की है जिसने मात्र 14 वर्ष की उम्र में ही कोरोना से बचाव के लिये सब्जियों को स्टारलाइज करने के लिये सैनेटाइजर किट तैयार किया है। यह किट कोविड-19 से लोगों की सुरक्षा करता है। आइए जानतें है कौन है वह 14 वर्ष का नवयुवक और उसने किस प्रकार का सुरक्षा किट बनाया है।

आदित्य पंचपांडेय(Aditya Panch Pandey) पुणे(Pune) के इंडस इन्टरनेशनल स्कूल में 11वीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। इन्होनें एक ऐसा सुरक्षा किट तैयार किया है जो UV-C किरणों का प्रयोग कर के नॉवेल कोरोना वायरस से लोगों को सुरक्षा प्रदान कर सकता है। आदित्य पंचपांडेय का रोल मॉडल एलोन मस्क है। एलोन मस्क(Elon Musk) स्पेस एक्स(SpaceX) के प्रमुख डिजाइनर है। आदित्य के पास पहले से ही किट का पेटेन्ट है। आदित्य को काऊंसिल ऑफ़ साइंटिफिक एण्ड इंडस्ट्रियल रिसर्च इन्स्टीट्यूट(CSIR) के द्वारा एक नोट दिया गया, जो एक स्वायत निकाय है। इसे ग्राउंड-ब्रेकिंग आरएंडडी के लिये जाना जाता है। उस नोट में यह कहा गया है कि इसका प्रयोग यूवी-सी स्टारलाइज क्रियाकलापों के लिये किया जा सकता है।

आदित्य पंचपांडेय मुंबई(Mumbai) के दादर में सब्जी मंडियों में फ़्री में इस उत्पाद को बांट रहे हैं। उनका कहना है कि सैनेटाइजर किट सबसे बड़ा चुनौतियों में से एक चुनौती का हल है। वर्तमान में घरों में सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है- निर्जलित सब्जियां जिस पर साबुन का प्रयोग नहीं होता और न ही शराब पर आधारित सैनेटाइजर का प्रयोग किया जा सकता है।


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द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, आदित्य के मन में यह ख्याल तब आया जब महामारी का दौर था और सब्जियों को साफ करने के तरीके के रूप में इस समस्या का समाधान करने के लिये आदित्य ने एल्यूमिनियम का इस्तेमाल करके शोध किया कि कैसे नियंत्रित वातावरण में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने इस किट को बनाने में पोटैशियम परमैगनेट का भी उपयोग किया है। आखिरकार उन्होंने अपनी योग्यता के बल पर सैनेटाइजर बॉक्स बना ही दिया।

आदित्य ऐसी ही 1 हजार सुरक्षा किट बनाने और समाज में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में बांटने के लिये हमेशा तप्तर है। हर तरफ उनके बनाए कीट की चर्चा हो रही है और लोग उनकी काबिलियत को दाद दे रहे हैं।

आदित्य पंचपांडेय ने जिस तरह छोटी सी उम्र में अपने कार्यों से प्ररेणा बने हैं वह बेमिसाल है। The Logically आदित्य पंचपांडेय को कोरोना वायरस से सुरक्षा प्रदान करने के लिये सुरक्षा किट के निर्माण के लिये सलाम करता है।