Thursday, October 29, 2020

अरविंद के पास मिट्टी का घर था,पिता के मौत के बाद मां ने मजदूरी किया,अब बन गए IAS

सफल होने के पीछे की कठिन परिस्थितियों को हर व्यक्ति याद रखता है कि वह किन कठिनाइयों का सामना कर सफलता के मुकाम पर पंहुचा है। सफल होने के पश्चात एक अलग ही ख़ुशी रहती है कि ज़िंदगी के साथ हो रहे जंग को मैने करारा जवाब देते हुए जीत हासिल की है। ऐसे ही कठिनायों का सामना करने वाले BPL परिवार के “अरविंद कुमार मीणा” हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों की सीढ़ी पर चढ़कर कर IAS की उपाधी हासिल की है।

UPSC के सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल परिणाम 4 अगस्त 2020 को घोषित हुआ है जिसमे युवाओं की सफलता ने ख़ुद को साबित किया है और अपने परिवार का नाम गौरवान्वित किया है।

अरविंद के सिर पर पिता का साया नहीं है

Arvind राजस्थान के निवासी हैं। इनके जन्म के कुछ साल बाद ही पिता का निधन हो गया। जिससे इनके घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। लेकिन अरविंद की मां ने अपने परिवार के दैनिक आवश्यकताओं के पूर्ति हेतु मज़दूरी की। मज़दूरी के सहारे ही वह अपने बेटों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें पढ़ाना प्रारंभ कर दी।

IAS अरविंद कुमार मीणा

UPSC परीक्षा में Arvind 676वीं रैंक तथा ST श्रेणी में 12वीं रैंक प्राप्त कियें हैं। इनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर थी जिस वजह से इन्हें BPL की श्रेणी में रखा गया था। अरविंद अपनी मां के साथ मिट्टी के बनें कच्चें मकान में रहते थें और वहीं अपनी पढ़ाई भी करते थे। मिट्टी का मकान होने के कारण बरसात के दिन इनके पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करते थे लेकिन इनकी मां ने अपने बेटे का हौसला बढ़ाये रखा और पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया।

अरविंद IAS बनने से पूर्व सहायक कमांडेंट के तौर पर कार्यरत थे

Arvind पढ़ाई में अव्वल थे। अरविंद की इस मेहनत के कारण इनका चुनाव सशस्त्र सीमा बल में सहायक कमांडेंट के रूप मे हुआ और तब इनके घर की स्थिति सुधरी और आगे की पढ़ाई में मदद भी मिली। इनका सपना था कि यह IAS ऑफिसर बनें जिसके लिए इन्होंने सहायक कमांडेंट के तौर पर कार्य करते हुए Compatative Exam की तैयारी जारी रखी। फिर 2019 मे UPSC सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया और 4 August 2020 को यूपीएससी का परिणाम घोषित होने के बाद इनका सपना सच हुआ। इनकी मां के खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने विलाप भरे शब्दों में अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए कहा, “मेरे अरविंद ने मेरी सारी तकलीफ़ IAS बन कर दूर कर दी।”

The Logically अरविंद को उनके मेहनत और लगन से अपने सपने को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं देता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

घर चलाने के लिए पिता घूमकर दूध बेचते थे, बेटे ने UPSC निकाला, बन गए IAS अधिकारी: प्रेरणा

हमारे देश में करोड़ों ऐसे बच्चे हैं जो गरीबी व सुविधा ना मिलने के कारण उचित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।...

गांव से निकलकर नासा तक पहुंचे, पहली बार मे ही मिला था 55 लाख का पैकेज: गांव का नाम रौशन किये

अच्छी कम्पनी और विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी सभी करना चाहते हैं। देश के युवा भी मेहनत कर विदेश की अच्छी...

अगर खेत मे नही जाना चाहते तो गमले में उगाये करेले: जानें यह आसन तरीका

हमारे यहां खेती करने का शौक हर किसी को हो रहा है। हर व्यक्ति अपने खाने युक्त सब्जियों और फलों को खुद...

MNC की नौकरी छोड़कर अपने गांव में शुरू किए दूध का कारोबार, अपने अनोखे आईडिया से लाखों रुपये कमा रहे हैं

जैसा कि सभी जानते हैं कि दूध हमारे सेहत के लिए के लिए बहुत लाभदायक है। डॉक्टर भी लोगों को प्रतिदिन दूध...