Sunday, June 26, 2022

बिजली की कमी को पूरा करने के लिए बंजर जमीन पर लगाया सोलर प्लांट, हो रही लाखों रुपए की कमाई

आज के समय में बिजली हमारे जिंदगी का वह महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है कि जिसके बिना हम अपनी जिंदगी की कल्पना तक नहीं कर सकते। विज्ञान इतना ज्यादा डेवलप कर चुका है कि दुनिया की हर चीज इलेक्ट्रिसिटी से चलने लगी है। यही वजह है कि हर घर में पहले के मुकाबले अब ज्यादा बिजली की खपत होती है।

एक तरह से देखें तो बिजली हमारे जिंदगी को आसान और आरामदायक बनाता हैं। एक और जहां हम बिना बिजली के अपनी जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकते वहीं आज भी भारत के कुछ ऐसे गांव हैं, जहां बिजली मौजूद ही नहीं है। – Devkaran Yadav and his family from Rajasthan installed solar plants on 3.5 acres of land.

  • भारत के कई गांवों में आज भी कुछ ही घंटे रहती है बिजली

गांव के अलावा अगर शहरों की बात करें तो भारत के कई ऐसे शहर हैं, जिसमें आए दिन बिजली कटती है और वहां रह रहे लोग बिना बिजली के जिंदगी बिताने पर मजबूर हैं। आज भी हमारे देश में कई ऐसी जगह हैं जहां बिजली पहुंचने के बावजूद भी लोग लालटेन और मोमबत्ती जलाकर काम चलाने पर मजबूर हैं क्योंकि यहां केवल कुछ घंटों के लिए ही बिजली आती हैं, जिसमें फोन और इमरजेंसी लाइट ही चार्ज हो पाती है।

  • 3.5 एकड़ जमीन पर लगाए सोलर प्लांट
Devkaran And Amit Family Set Up Big Solar Plant

कुछ ही दिन पहले राजस्थान में 9 थर्मल पावर स्टेशन, कोयले की कमी की वजह से बंद हो गए, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में एक परिवार लोगों की मदद करने के लक्ष्य से सामने आया उनके कार्यों को देख कर हर कोई उनकी तारीफ कर रहे हैं। दरअसल आज हम बात कर रहे हैं राजस्थान (Rajasthan) के कोटपुली के भालोजी गांव के रहने वाले देवकरन यादव (Devkaran Yadav) और उनके बेटे डॉ. अमित यादव (Amit Yadav) की, जिन्होंने अपनी 3.5 एकड़ जमीन पर सोलर प्लांट लगाया है।

  • सोलर प्लांट से हुआ लाभ

रिपोर्ट के अनुसार देवकरन यादव का यह जमीन अर्ध शुष्क (Semi-arid) जमीन थी। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (KUSUM) के तहत भालोजी गांव में यह पहला प्लांट लगाए गया। जानकारों का कहना हैं कि बीहड़ जमीन पर सोलर प्लांट लगाना ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता हैं। बता दें कि सोलर प्लांट लगाने का यह आईडिया देवकरन यादव के बेटे अमित यादव का था। उनका यह आइडिया बेहद लाभदायक साबित हुआ क्योंकि इसके जरिए उनके परिवार को हर महीने 4 लाख रुपये की कमाई हो रही है। – Devkaran Yadav and his family from Rajasthan installed solar plants on 3.5 acres of land.

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  • मिला 25 साल का कॉन्ट्रैक्ट

देवकरन यादव के परिवार को राजस्थान रिन्युएबल एनर्जी कॉर्पोरेट लिमिटेड द्वारा (Rajasthan Renewable Energy Corporate Limited) 25 साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। अमित बताते हैं कि कुछ महीने पहले उनका बिजली का बिल बेहद ज़्यादा और गलत आया था। उसी से परेशान होकर उन्होंने यह आईडिया निकाला। दरअसल उन्हें अपने प्राइवेट अस्पताल के लिए बिजली का साधन खोजने के दौरान सोलर एनर्जी की एहमियत और लाभ का पता चला। अमित बताते हैं कि 11 KW का प्लांट लगाने में उन्हें कुल 2.5 लाख रुपये की लागत लगी।

  • 3.5 करोड़ रूपए के खर्च से तैयार हुआ प्रोजेक्ट

साल 2020 में अमित के परिवार ने सरकार के साथ KUSUM स्कीम के तहत सोलर एनर्जी पैदा करने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। यह पूरा प्रोजेक्ट लगाने में इस परिवार को करीब 3.5 करोड़ खर्च करना पड़ा था। इतना बड़ा रकम जुटाने के लिए देवकरन यादव ने अपनेरिटायरमेंट बेनिफिट्स के 70 लाख लगाए और साथ ही परिवार ने प्रपर्टी गिरवी रखी जिससे 1.7 करोड़ जमा किए। इस प्रोजेक्ट में देवकरन यादव के परिवार का काफी पैसा लग चुका था। इसके लिए परिवार ने सबसे पहले अपने सभी रिश्तेदारों को राजी किया।

  • कई तरह की समस्याओं का करना पड़ा सामना

कई प्रकार के समस्याएं सामने आईं, हालात ऐसे थे कि सोलर प्लांट लगाने के Layout Diagram के बारे में परिवार को कोई जानकारी ही नहीं थी। इसके आलावा सरकारी स्कीम से जुड़े स्थानीय अधिकारियों को भी इसके बारे में कुछ पता नहीं था। ऐसे में पावर ग्रिड से बिजली की सप्लाई के लिए भी अमित यादव और देवकरन यादव को कई चक्कर लगाने पड़े। इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत से सरकारी अधिकारी मना कर रहे थे। कई परेशानियों के बाद किसी भी तरह सोलर प्लांट का इंस्टॉलेशन पूरा हुआ, लेकिन अभी भी प्रोडक्शन शुरू नहीं हो पाया क्योंकि सरकार ने स्कीम के तहत कोई नोडल अफसर नहीं रखा था।

Devkaran And Amit Family Set Up Big Solar Plant
  • सालाना 50 लाख रूपए की कमाई

नोडल अफसर के लिए अमित यादव ने शिकायत दर्ज की लेकिन 3 महीने तक कोई एक्शन नहीं लिया गया और प्लांट ऐसे ही पड़ा रहा। उसके बाद उन्होंने PMO में शिकायत की और उनकी समस्याओं का समाधान हुआ। बता दे कि 1 MW के इस प्रोजेक्ट से सालाना 17 लाख यूनिट बिजली बन सकती है। पूरे प्रोजेक्ट में कुल 3.70 करोड़ का खर्च आया, जिसके जरिए अब यह परिवार सालाना 50 लाख रुपये की कमाई कर रहा है। जानकारों के अनुसार सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी जैसे प्रोजेक्ट्स में काफी रिस्क है, लेकिन यह आगे चल कर इंसान और पर्यावरण दोनों के लिए ही लाभदायक साबित होता है। – Devkaran Yadav and his family from Rajasthan installed solar plants on 3.5 acres of land.

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