Saturday, June 25, 2022

9 घण्टे की नौकरी और शादी के बाद घर का काम , फिर भी UPSC निकाल बनी IAS :प्रेरणा

सिविल सर्विसेज की परीक्षा यूपीएससी द्वारा लिया गया एक सबसे कठिन एग्जाम समझा जाता है, जिसमें जाने के लिए हर भारतीय स्टूडेंट अपना जी जान लगाकर मेहनत करता है ताकि वह देश के सर्वोच्च प्रशासनिक कार्यालय से जुड़कर राष्ट्र की सेवा के साथ अपना करियर बना पाए।

आज हम बात करेंगे काजल ज्वाला के बारे में जो अपने पांचवें प्रयास में UPSC की परीक्षा में सफल हुईं , जबकि दूसरे विद्यार्थी इस परीक्षा की हालात को देखते हुए अपने दूसरे प्रयास में ही हार मान लेते हैं।

काजल ज्वाला ने 2018 में होने वाली यूपीएससी की परीक्षा में 28 वी रैंक हासिल किया और अनेकों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई । यह कहानी उनके लिए भी है जो यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और महज एक हार के बाद रुक जाने के बारे में सोचते हैं ।

काजल की यह कहानी अपने दृढ़ इच्छा शक्ति और मजबूत इरादे का प्रमाण है जो यह साबित करती है कि परिस्थितियां कितने भी जटिल क्यों ना हो हमें हार नहीं माननी चाहिए और निरंतर प्रयासरत रहकर अपने लक्ष्य के प्राप्ति के लिए कठिन मेहनत से पीछे नहीं हटना चाहिए।

काजल की कहानी 9 साल पहले शुरू होती है जब उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और हर दूसरे स्टूडेंट्स की भांति एक सपने के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम और लगन के साथ UPSC की तैयारी में लग गई।

काजल हरियाणा के शामली से सम्बद्ध रखती हैं । काजल एक प्रतिष्ठित संस्थान से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद विप्रो कंपनी में 23 लाख के सालाना पैकेज पर काम कर रही थीं , लेकिन उनका झुकाव हमेशा से ही सरकारी नौकरी के तरफ रहा जहां वह देश की सेवा करना चाहती थीं।

ज़िन्दगी के पड़ाव में आगे बढ़ने पर काजल की शादी आशीष मालिक से हो गई जो अमेरिकन दूतावास में नौकरी करते थे लेकिन इस शादी से काजल को किसी तरह से परेशानी नहीं हुई जबकि आशीष उन्हें लक्ष्य प्राप्ति में हमेशा मदद करते रहे । अपने इंटरव्यू में काजल ने बताया कि उनके लिए समय की कमी एक सबसे बड़ी समस्या थी क्योंकि नौकरी के साथ-साथ घर के काम करने के बाद उन्हें बहुत मुश्किल से पढ़ाई के लिए समय मिल पाता था। इस परिस्थिति में उन्होंने कठिन परिश्रम किया और यूपीएससी की परीक्षा में 28वीं रैंक लाने में सफल रही। उनके अनुसार इस दर्द को केवल वही समझ सकता है जो अपनी जिंदगी में आईएएस और आईपीएस बनने की इच्छा रखता हो।

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सर्विसेस की बेहतरीन पदों पर प्रतिष्ठित होने के लिए अत्यंत ही कड़ी मेहनत की जरूरत होती है जिसमें कई बार हार का सामना करना पड़ता है ,लेकिन सफल वही हो पाता है जो निरंतर प्रयासरत रहे और अपने लक्ष्य के प्रति इमानदार हो।

काजल का सफर अनेकों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादाई है जो यूपीएससी का एग्जाम निकालकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
Logically काजल के दृढ़ संकल्प को नमन करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता है !