Friday, January 22, 2021

किसान परिवार में जन्म लिए, गांव के सरकारी स्कूल में पढ़े, मात्र 2 साल की कड़ी मेहनत से IAS अधिकारी बन गए

हमारे देश में ऐसे बहुत सारे युवा है जो अति गरीब और पिछड़ी जाति के होते हुए भी ऐसा काम कर रहे हैं जिसे कोई सोच भी नहीं सकता। ज्यादातर लोगों का मानना है कि पिता जो कार्य कर रहे हैं, बेटा भी उसी कार्य को अपनाए। लेकिन इस कथन को असत्य कर दिखाया है, आईपीएस ऑफिसर मुकुंद ने। उनके पिता किसान है और मुकुंद ने अपनी पढ़ाई और मेहनत से गांव के स्कूलों में टॉप किया है। इतना ही नहीं आगे चलकर इन्होंने डीयू की डिग्री प्राप्त कर, आईएस ऑफिसर का पद अपने नाम किया है। तो चलिए पढ़ते हैं एक होनहार किसान के बेटे की कहानी।

मुकुंद कुमार (Mukund Kumar) का जन्म किसान परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम मनोज ठाकुर (Manoj Thakur) है और यह मधुबनी (Madhubani) जिले से ताल्लुक रखते हैं। मुकुंद ने यूपीएससी परीक्षा पास कर अपने पिता को एक अलग पहचान दी है। सबसे खास बात यह है कि मुकुंद ने पहली ही परीक्षा में UPSC पास कर IAS बनने तक का सफर तय किया है। यह वर्ष 2019 में 54 वी रैंक प्राप्त कर आईएस ऑफिसर बने हैं। मुकुल एक छोटे से गांव में रहकर भी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो यह सोचते हैं कि हम छोटे शहर या किसी गांव से है तो अपने सपनों को उड़ान नहीं दे सकते। आज यह हमारे सभी युवाओं के लिए उदाहरण हैं। हमारे युवाओं को पहले प्रीलिम्स की परीक्षा को पास करना पड़ता है फिर उन्हें मेंस परीक्षा में बैठने का मौक़ा मिलता है। मुकुंद यह परीक्षा पास कर आईएस बने और फिर आगे आईपीएस अधिकारी बनने की तैयारी में लग गए। मुकुंद यह जानते थे कि वह एक छोटे से गांव से है। लेकिन वह यह भी जानते थे कि अगर मैं मेहनत करूंगा तो वह मेहनत जाया नहीं जाएगी, उसका फल मुझे एक ना एक दिन जरूर मिलेगा।

 गांव से की पढ़ाई

इन्होंने अपने शुरुआती पढ़ाई अपने गांव के राजनगर आवासीय शारदा विद्यालय से संपन्न की। फिर आगे यह एक “Army School गोलपारा” की एंट्रेंस परीक्षा पास कर वहां से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कियें और फिर इन्होंने 2012 में इंग्लिश ऑनर्स कोर्स से Delhi University में दाखिला लिया।


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UPSC की तैयारी

मुकुंद ने प्रीलिम्स की परीक्षा में भाग लेने के लिए 2 साल जम कर मेहनत की और यूपीएससी परीक्षा का हिस्सा बन गए। यह इनकी पहली कोशिश थी। इस दौरान इनका जो मेंस और इंटरव्यू हुआ वह अच्छा गया था। इन्हें पूर्ण विश्वास था कि यह रिजल्ट वाले लिस्ट में जरूर अपना स्थान बना चुके हैं। इन्हें यही उम्मीद थी की कम से कम 200 या फिर ढाई सौ रैंक तो यह जरूर प्राप्त करेंगे। फिर जब इनका रिजल्ट आया तब यह खुशी से झूम उठें। यह परीक्षा में 54वीं स्थान प्राप्त किए थे। मतलब यह हुआ कि इनका नाम 100 टॉप प्रतियोगियों में था। सच कहा जाए तो यह अपनी रिजल्ट देख कर हैरान हो गयें।

मुकुंद कुमार के सफलता की कहानी इस वीडियो में देखे –

क्यों किया UPSC का चयन

मुकुंद का यह मानना है कि अगर हम यूपीएससी का चयन करते हैं तो हम अपने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं। जैसे शिक्षा में सुधार लाना, गरीबी को दूर करना, बेरोजगारी या फिर खेती-बाड़ी से जुड़ी किसी भी क्षेत्र में हम कार्य कर सकते हैं। IAS एक ऐसा अधिकार है जिसकी मदद से हम अपने समाज में सही बदलाव कर सकते हैं। यह चाहते हैं कि यह शिक्षा और स्वास्थ्य में बदलाव लाएं। मुकुंद ने BPSC बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं “Combined Competitive Mains Exam” को पास किया है।

The Logically मुकुंद को बधाई देते हुए इनकी सफ़लता के लिए सलाम करता है।

Khusboo Pandey
Khushboo loves to read and write on different issues. She hails from rural Bihar and interacting with different girls on their basic problems. In pursuit of learning stories of mankind , she talks to different people and bring their stories to mainstream.

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